अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 'टिप पर कोई कर नहीं' नीति के प्रचार के लिए किए गए अपने एक कार्यक्रम पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीति में अपनी नीतियों का संदेश जनता तक पहुंचाने के लिए कभी-कभी दिखावे वाले कदम उठाने पड़ते हैं। ट्रंप ने कहा कि ओवल ऑफिस में बर्गर और फ्राइज मंगवाना थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य इस नीति से आम लोगों को होने वाले लाभ को समझाना था।
'डोरडैश' डिलीवरी स्टंट पर विवाद
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब एक 'डोरडैश' डिलीवरी ड्राइवर, शैरोन सिमंस ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति के लिए बर्गर और फ्राइज के दो बैग पहुंचाए। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें 100 डॉलर की टिप भी दी।
व्हाइट हाउस और कंपनी ने इस घटना का इस्तेमाल यह बताने के लिए किया कि कैसे 'टिप पर कोई कर नहीं' नीति ने शैरोन को 11,000 अमेरिकी डॉलर की बचत करने में मदद की। इसे नीति की सफलता के तौर पर पेश किया गया।
विश्वसनीयता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर काफी आलोचनाएं हुईं। लोगों ने इस स्टंट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। जांच में पता चला कि शैरोन सिमंस पहले भी अमेरिकी कांग्रेस के सामने इसी नीति के समर्थन में गवाही दे चुकी थीं और वह इस नीति की पक्षधर रही हैं।
आलोचकों का कहना है कि यह पूरी घटना एक पूर्व-नियोजित स्टंट थी, जिसे महज प्रचार के लिए तैयार किया गया था। कंपनी और व्हाइट हाउस ने हालांकि इस बात को नकारा नहीं कि यह आयोजन नीति के प्रचार का हिस्सा था।
प्रचार की नई रणनीति
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी नीतियों के प्रचार के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते रहते हैं। उन्होंने पिछले दिनों फास्ट-फूड आउटलेट में खुद काम करने और कचरा ट्रक पर चढ़कर प्रचार करने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, ये तरीके लोगों का ध्यान आकर्षित करने और अपनी बात को सरल भाषा में उन तक पहुंचाने के लिए अपनाए जाते हैं। यह घटना अब इस बात पर एक नई बहस छेड़ गई है कि क्या राजनीतिक संदेश देने के लिए इस तरह के स्टंट उचित हैं या ये वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं।