Yoga for Health: ब्रेस्ट को शेप में लाने के लिए रोजाना करें ये 3 योगासन, कुछ ही दिनों में दिखेगा फर्क

क्या आप भी अपनी शारीरिक बनावट खासकर ब्रेस्ट की शेप को लेकर परेशान रहती हैं। तो बता दें कि आप अपने चेस्‍ट की मसल्‍स को मजबूत करके ब्रेस्‍ट की दिखावट को टाइट और सुडौल बना सकती हैं। ब्रेस्ट मुख्य रूप से ग्‍लैंड्स, फैटी टिश्यूज और डक्ट्स से बने होते हैं। इसके नीचे पेक्टोरल मसल्स होती हैं। लेकिन प्रेग्‍नेंसी, वेट लॉस और बढ़ती उम्र के कारण ब्रेस्ट में ढीलापन आ जाता है। ऐसे में आप वेट ट्रेनिंग और योगासन से इन्हें मजबूत किया जा सकता है। जब यह मसल्स मजबूत होती हैं, तो यह ब्रेस्ट को सहारा देती हैं। जिससे कि वह ज्यादा टाइट और सुडौल दिखते हैं।ऐसे में अगर आप भी अपने ब्रेस्ट को नेचुरली मजबूत और सुडौल बनाना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। जो सीने की मसल्स को मजबूत बनाने और ब्रेस्ट को सुडौ दिखाने में सहायता कर सकते हैं।इसे भी पढ़ें: Health Tips: शरीर में होने वाले यह छोटे-छोटे बदलाव हो सकते हैं स्किन कैंसर का संकेत, जानिए लक्षणरिवर्स वॉरियरइसको वीरभद्रासन के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन पैरों और कोर को मजबूत करने के साथ ही चेस्ट को खोलने और शरीर के साइड स्ट्रेच करने में भी सहायता करता है। इसको करने से चेस्ट की मसल्स में स्ट्रेच आता है और वह मजबूत होती हैं।ऐसे करें रिवर्स वॉरियरवॉरियर II से शुरुआत करें, इसमें एक पैर आगे की ओर मुड़ा होना चाहिए और दूसरा पीछे सीधा होना चाहिए। अब पीछे वाले पैर की तरफ झुकें और उसी हाथ को नीचे पैर पर रखें। अब आगे वाले हाथ को ऊपर की तरफ उठाएं और हथेलियों को भी ऊपर की तरफ रखें। फिर अपने चेस्ट को ऊपर की तरफ खोलें। इसके बाद गर्दन को थोड़ा पीछे मोड़कर ऊपर देखें। इस पोजिशन में कुछ सांसों तक रुकें और फिर आसन को दूसरी तरफ से दोहराएं।साइड एंगल पोजइस आसन को पार्श्वकोणासन के नाम से भी जाना जाता है। इसको करने से पैर, कोर और हिप्स की मसल्स मजबूत होती हैं। साथ ही यह चेस्ट और कंधों को भी खोलता है। जिससे पेक्टोरल मसल्स में स्ट्रेच और मजबूती आती है।ऐसे करें साइड एंगल पोजइसकी शुरूआत आपको वॉरियर II से करनी है। अब आगे वाले घुटने को मोड़ते हुए आगे वाली कोहनी को उस घुटने पर रखें। इसके बाद पीछे वाले हाथ को सिर के ऊपर फैलाते हुए आगे की तरफ ले जाएं। जिससे शरीर की एक सीधी रेखा बनें। अब अपनी चेस्ट को ऊपर की ओर खोलें और इस दौरान ऊपर की तरफ देखें। इस आसन में थोड़ी देर रुका है और फिर दूसरी तरफ से दोहराएंडायनामिक ट्रायंगल पोजडायनामिक ट्रायंगल पोज को आपको मूवमेंट के साथ करना होता है। इसलिए इसको डायनामिक ट्रायंगल पोज कहा जाता है। वहीं इसको गतिशील त्रिकोणासन के नाम से भी जानते हैं। यह न सिर्फ शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, बल्कि सीने की मसल्स को टाइट और ढीला करने का भी मौका देता है।ऐसे करें डायनामिक ट्रायंगल पोजइस आसन को करने के लिए सीधी खड़ी हो जाएं और फिर पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अधिक फैलाएं। अब दाएं पैर को आगे की तरफ घुमाएं और बाएं पैर को थोड़ा पीछे की तरफ फैलाएं। सांस लेते हुए बाएं हाथ को नीचे रखें और दाएं हाथ को कंधों के लेवल पर सामने की तरफ फैलाएं। फिर सांस छोड़ते हुए बॉडी के ऊपरी हिस्से को दाईं तरफ झुकाएं। दाएं पैर को दाएं पैर के पिंडली, टखने या जमीन पर रखें। अब सांस लेते हुए वापस सेंटर में आएं और सांस छोड़ते हुई बाएं तरफ से यह प्रोसेस को दोहराना है।इस प्रोसेस को धीरे-धीरे और कंट्रोल तरीके से कई बार दोहराएं। बता दें कि ब्रेस्ट को सुडौल बनाने के लिए योगासन के अलावा बैलेंस डाइट लेना और बॉडी को सही से हाइड्रेट करना जरूरी है।

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Jul 18, 2025 - 04:30
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Yoga for Health: ब्रेस्ट को शेप में लाने के लिए रोजाना करें ये 3 योगासन, कुछ ही दिनों में दिखेगा फर्क
क्या आप भी अपनी शारीरिक बनावट खासकर ब्रेस्ट की शेप को लेकर परेशान रहती हैं। तो बता दें कि आप अपने चेस्‍ट की मसल्‍स को मजबूत करके ब्रेस्‍ट की दिखावट को टाइट और सुडौल बना सकती हैं। ब्रेस्ट मुख्य रूप से ग्‍लैंड्स, फैटी टिश्यूज और डक्ट्स से बने होते हैं। इसके नीचे पेक्टोरल मसल्स होती हैं। लेकिन प्रेग्‍नेंसी, वेट लॉस और बढ़ती उम्र के कारण ब्रेस्ट में ढीलापन आ जाता है। ऐसे में आप वेट ट्रेनिंग और योगासन से इन्हें मजबूत किया जा सकता है। जब यह मसल्स मजबूत होती हैं, तो यह ब्रेस्ट को सहारा देती हैं। जिससे कि वह ज्यादा टाइट और सुडौल दिखते हैं।

ऐसे में अगर आप भी अपने ब्रेस्ट को नेचुरली मजबूत और सुडौल बनाना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। जो सीने की मसल्स को मजबूत बनाने और ब्रेस्ट को सुडौ दिखाने में सहायता कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: शरीर में होने वाले यह छोटे-छोटे बदलाव हो सकते हैं स्किन कैंसर का संकेत, जानिए लक्षण


रिवर्स वॉरियर

इसको वीरभद्रासन के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन पैरों और कोर को मजबूत करने के साथ ही चेस्ट को खोलने और शरीर के साइड स्ट्रेच करने में भी सहायता करता है। इसको करने से चेस्ट की मसल्स में स्ट्रेच आता है और वह मजबूत होती हैं।

ऐसे करें रिवर्स वॉरियर

वॉरियर II से शुरुआत करें, इसमें एक पैर आगे की ओर मुड़ा होना चाहिए और दूसरा पीछे सीधा होना चाहिए।
 
अब पीछे वाले पैर की तरफ झुकें और उसी हाथ को नीचे पैर पर रखें।
 
अब आगे वाले हाथ को ऊपर की तरफ उठाएं और हथेलियों को भी ऊपर की तरफ रखें।
 
फिर अपने चेस्ट को ऊपर की तरफ खोलें।
 
इसके बाद गर्दन को थोड़ा पीछे मोड़कर ऊपर देखें।
 
इस पोजिशन में कुछ सांसों तक रुकें और फिर आसन को दूसरी तरफ से दोहराएं।

साइड एंगल पोज

इस आसन को पार्श्वकोणासन के नाम से भी जाना जाता है। इसको करने से पैर, कोर और हिप्स की मसल्स मजबूत होती हैं। साथ ही यह चेस्ट और कंधों को भी खोलता है। जिससे पेक्टोरल मसल्स में स्ट्रेच और मजबूती आती है।

ऐसे करें साइड एंगल पोज

इसकी शुरूआत आपको वॉरियर II से करनी है।
 
अब आगे वाले घुटने को मोड़ते हुए आगे वाली कोहनी को उस घुटने पर रखें।
 
इसके बाद पीछे वाले हाथ को सिर के ऊपर फैलाते हुए आगे की तरफ ले जाएं। जिससे शरीर की एक सीधी रेखा बनें।
 
अब अपनी चेस्ट को ऊपर की ओर खोलें और इस दौरान ऊपर की तरफ देखें।
 
इस आसन में थोड़ी देर रुका है और फिर दूसरी तरफ से दोहराएं

डायनामिक ट्रायंगल पोज

डायनामिक ट्रायंगल पोज को आपको मूवमेंट के साथ करना होता है। इसलिए इसको डायनामिक ट्रायंगल पोज कहा जाता है। वहीं इसको गतिशील त्रिकोणासन के नाम से भी जानते हैं। यह न सिर्फ शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, बल्कि सीने की मसल्स को टाइट और ढीला करने का भी मौका देता है।

ऐसे करें डायनामिक ट्रायंगल पोज

इस आसन को करने के लिए सीधी खड़ी हो जाएं और फिर पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अधिक फैलाएं।
 
अब दाएं पैर को आगे की तरफ घुमाएं और बाएं पैर को थोड़ा पीछे की तरफ फैलाएं।
 
सांस लेते हुए बाएं हाथ को नीचे रखें और दाएं हाथ को कंधों के लेवल पर सामने की तरफ फैलाएं।
 
फिर सांस छोड़ते हुए बॉडी के ऊपरी हिस्से को दाईं तरफ झुकाएं। दाएं पैर को दाएं पैर के पिंडली, टखने या जमीन पर रखें।
 
अब सांस लेते हुए वापस सेंटर में आएं और सांस छोड़ते हुई बाएं तरफ से यह प्रोसेस को दोहराना है।
इस प्रोसेस को धीरे-धीरे और कंट्रोल तरीके से कई बार दोहराएं।
 
बता दें कि ब्रेस्ट को सुडौल बनाने के लिए योगासन के अलावा बैलेंस डाइट लेना और बॉडी को सही से हाइड्रेट करना जरूरी है।

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