USCIRF की रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर चिंता, पाबंदियों का दिया हवाला

सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 28 अगस्त अमेरिका के एक द्विदलीय आयोग ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की गतिविधियों पर पाबंदियों, सेंसरशिप और सीमापार दमन का हवाला देते हुए दावा किया है कि ‘‘भारत में 2026 में भी धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार बिगड़’’ रही है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने इस सप्ताह भारत पर अपनी अद्यतन रिपोर्ट में आरोप लगाया कि कई अल्पसंख्यक समूहों का लगातार और व्यवस्थित उत्पीड़न, नागरिकता एवं मतदान के अधिकार से वंचित किया जाना तथा धर्मांतरण और गोहत्या के खिलाफ कड़े कानूनों का इस्तेमाल धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डाल रहा है। भारत यूएससीआईआरएफ के निष्कर्षों को बार-बार खारिज करता रहा है और इस संगठन को पक्षपाती तथा अविश्वसनीय बताता रहा है।यूएससीआईआरएफ ने कहा कि भारतीय अधिकारी धर्म या आस्था की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने या दूसरों के अधिकारों की वकालत करने वाले लोगों को हिरासत में लेना और जेल भेजना जारी रखे हुए हैं। आयोग ने इस सिलसिले में उमर खालिद, शरजील इमाम, जगर सिंह जोहल और अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी का उल्लेख किया, जिन्हें आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत जेल भेजा गया था। आयोग ने कहा, ‘‘हिंदू राष्ट्रवादी भीड़ की हिंसक गतिविधियां व्यापक रूप से सामने आ रही हैं और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों के मामलों में बहुत कम या कोई जवाबदेही तय नहीं होती।

PNSPNS
Aug 29, 2026 - 14:13
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USCIRF की रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर चिंता, पाबंदियों का दिया हवाला

सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 28 अगस्त अमेरिका के एक द्विदलीय आयोग ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की गतिविधियों पर पाबंदियों, सेंसरशिप और सीमापार दमन का हवाला देते हुए दावा किया है कि ‘‘भारत में 2026 में भी धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार बिगड़’’ रही है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने इस सप्ताह भारत पर अपनी अद्यतन रिपोर्ट में आरोप लगाया कि कई अल्पसंख्यक समूहों का लगातार और व्यवस्थित उत्पीड़न, नागरिकता एवं मतदान के अधिकार से वंचित किया जाना तथा धर्मांतरण और गोहत्या के खिलाफ कड़े कानूनों का इस्तेमाल धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डाल रहा है। भारत यूएससीआईआरएफ के निष्कर्षों को बार-बार खारिज करता रहा है और इस संगठन को पक्षपाती तथा अविश्वसनीय बताता रहा है।

यूएससीआईआरएफ ने कहा कि भारतीय अधिकारी धर्म या आस्था की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने या दूसरों के अधिकारों की वकालत करने वाले लोगों को हिरासत में लेना और जेल भेजना जारी रखे हुए हैं। आयोग ने इस सिलसिले में उमर खालिद, शरजील इमाम, जगर सिंह जोहल और अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी का उल्लेख किया, जिन्हें आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत जेल भेजा गया था। आयोग ने कहा, ‘‘हिंदू राष्ट्रवादी भीड़ की हिंसक गतिविधियां व्यापक रूप से सामने आ रही हैं और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों के मामलों में बहुत कम या कोई जवाबदेही तय नहीं होती।

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