US mosque attack: अमेरिका में मस्जिद में घुसकर मुसलमानों की हत्या, मची चीख-पुकार

कैलिफोर्निया सैंडियागो एक शाम सुबह मस्जिद के बाहर नमाज और इबादत चल रही थी। लेकिन कुछ ही सेकंड में इस इबादत को तोड़ते हुए गोलियों की तड़तहट गूंज उठी। लोग भागने लगे। चीखें गूंजने लगी और भगदड़ मचनी शुरू हो गई। कुछ पल पहले तक जहां पर इबादत का माहौल था, वहीं अब खून और डर का साम्राज्य बढ़ गया। इस हमले में तीन मासूमों की जान चली गई और हमलावर भी थोड़ी दूरी पर मृत पाया गया। अमेरिका को हिला देने वाली यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि आखिर धार्मिक स्थलों पर बढ़ती हिंसा को कौन रोकेगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ शियागो यह वही मस्जिद थी जिसे निशाना बनाया गया था। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक दो किशोर एक 17 और दूसरा 18 साल का अचानक मस्जिद के बाहर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। इसे भी पढ़ें: हमारे DNA में इजरायल के लिए नफरत, भावनाओं में बहकर कुछ ज्यादा ही बोल गए पाकिस्तान के रक्षा मंत्रीघटना के वक्त मस्जिद में लोग मौजूद थे और पास में बच्चों की क्लास भी चल रही थी। हमलावरों ने जानबूझकर बाहर मौजूद लोगों को निशाना बनाया और इस हमले में मस्जिद के सिक्योरिटी गार्ड ने बहादुरी दिखाई। उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोशिश की जिससे अंदर मौजूद लोगों की जान भी बच पाई। पुलिस के मुताबिक अगर गार्ड ना रोकते उनकी कोशिश नहीं होती तो मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों हमलावर किशोर। मेरे रिपोर्ट्स के मुताबिक बता दें कि उनमें से एक की पहचान कैन क्लार्क के रूप में हुई है जो पहले स्कूल में रेसलिंग करता था। हमलावर सैन्य जैसी वर्दी और कैमोफ्लाज में आए थे। उनके पास लंबी राइफलें थी और हमला पूरी तरह से प्लान [संगीत] किया गया था। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है और यह कि हमले से पहले कैन की मां ने पुलिस को बताया था कि उसका बेटा घर से गायब है। इसे भी पढ़ें: हम तुम्हारे गुलाम नहीं...ट्रंप के बीजिंग से लौटते ही चीन पर भयंकर भड़क गया ताइवानआत्महत्या जैसी बातें कर रहा है और घर से कई बंदूके गायब हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। लेकिन इससे पहले मस्जिद पर हमला हो गया। घटना के बाद पुलिस हमलावरों तक पहुंची और दोनों को कार के अंदर मृत पाया गया। शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि दोनों ने खुद को गोली मार ली। पुलिस को उनकी कार और हथियारों पर इस्लाम विरोधी संदेश और नफरत फैलाने वाले मैसेज भी मिले हैं। एफबीआई ओसाने पुलिस इसे हेट क्राइम यानी धार्मिक नफरत से जोड़ रही है।  ये जांच पूरी चल रही है और ऐसे समय में यह हमला हुआ है जब मुस्लिम समुदाय ईद की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। 50 से 100 पुलिस अधिकारी मस्जिद और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। बता दें कि इस घटना ने अमेरिकी मुस्लिम समुदाय में डर और गुस्सा दोनों बढ़ा दिए। कई संगठन इसे इस्लामिक फोबिया से जोड़कर हमला बता रहे हैं। बल्कि बता दें कि अमेरिकी नेताओं से लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी निंदा करी है और देश भर में मस्जिदों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब सवाल यह उठता है कि नफरत की ये आग आखिर कब जाकर सुनेगी?Footage of an armed attack that reportedly occurred just minutes ago at a mosque in San Diego, California. Follow us for the latest updates :@OSRadar pic.twitter.com/YQG3Y4sBnR— OSINTRadar (@OSRadar) May 18, 2026

PNSPNS
May 20, 2026 - 12:17
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US mosque attack: अमेरिका में मस्जिद में घुसकर मुसलमानों की हत्या, मची चीख-पुकार
कैलिफोर्निया सैंडियागो एक शाम सुबह मस्जिद के बाहर नमाज और इबादत चल रही थी। लेकिन कुछ ही सेकंड में इस इबादत को तोड़ते हुए गोलियों की तड़तहट गूंज उठी। लोग भागने लगे। चीखें गूंजने लगी और भगदड़ मचनी शुरू हो गई। कुछ पल पहले तक जहां पर इबादत का माहौल था, वहीं अब खून और डर का साम्राज्य बढ़ गया। इस हमले में तीन मासूमों की जान चली गई और हमलावर भी थोड़ी दूरी पर मृत पाया गया। अमेरिका को हिला देने वाली यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि आखिर धार्मिक स्थलों पर बढ़ती हिंसा को कौन रोकेगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ शियागो यह वही मस्जिद थी जिसे निशाना बनाया गया था। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक दो किशोर एक 17 और दूसरा 18 साल का अचानक मस्जिद के बाहर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। 

इसे भी पढ़ें: हमारे DNA में इजरायल के लिए नफरत, भावनाओं में बहकर कुछ ज्यादा ही बोल गए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

घटना के वक्त मस्जिद में लोग मौजूद थे और पास में बच्चों की क्लास भी चल रही थी। हमलावरों ने जानबूझकर बाहर मौजूद लोगों को निशाना बनाया और इस हमले में मस्जिद के सिक्योरिटी गार्ड ने बहादुरी दिखाई। उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोशिश की जिससे अंदर मौजूद लोगों की जान भी बच पाई। पुलिस के मुताबिक अगर गार्ड ना रोकते उनकी कोशिश नहीं होती तो मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों हमलावर किशोर। मेरे रिपोर्ट्स के मुताबिक बता दें कि उनमें से एक की पहचान कैन क्लार्क के रूप में हुई है जो पहले स्कूल में रेसलिंग करता था। हमलावर सैन्य जैसी वर्दी और कैमोफ्लाज में आए थे। उनके पास लंबी राइफलें थी और हमला पूरी तरह से प्लान [संगीत] किया गया था। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है और यह कि हमले से पहले कैन की मां ने पुलिस को बताया था कि उसका बेटा घर से गायब है। 

इसे भी पढ़ें: हम तुम्हारे गुलाम नहीं...ट्रंप के बीजिंग से लौटते ही चीन पर भयंकर भड़क गया ताइवान

आत्महत्या जैसी बातें कर रहा है और घर से कई बंदूके गायब हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। लेकिन इससे पहले मस्जिद पर हमला हो गया। घटना के बाद पुलिस हमलावरों तक पहुंची और दोनों को कार के अंदर मृत पाया गया। शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि दोनों ने खुद को गोली मार ली। पुलिस को उनकी कार और हथियारों पर इस्लाम विरोधी संदेश और नफरत फैलाने वाले मैसेज भी मिले हैं। एफबीआई ओसाने पुलिस इसे हेट क्राइम यानी धार्मिक नफरत से जोड़ रही है।  ये जांच पूरी चल रही है और ऐसे समय में यह हमला हुआ है जब मुस्लिम समुदाय ईद की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। 50 से 100 पुलिस अधिकारी मस्जिद और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। बता दें कि इस घटना ने अमेरिकी मुस्लिम समुदाय में डर और गुस्सा दोनों बढ़ा दिए। कई संगठन इसे इस्लामिक फोबिया से जोड़कर हमला बता रहे हैं। बल्कि बता दें कि अमेरिकी नेताओं से लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी निंदा करी है और देश भर में मस्जिदों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब सवाल यह उठता है कि नफरत की ये आग आखिर कब जाकर सुनेगी?

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