US Blockade तोड़ने की कोशिश कर रहे Cargo Ship पर अमेरिकी सेना की गोलीबारी, Gulf region में भारी तनाव

अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक और मालवाहक पोत पर गोलीबारी की। वहीं, ईरान ने फारस की खाड़ी के आसपास स्थित अमेरिकी सैन्य स्थलों को निशाना बनाया। लगातार 13वीं रात हमले होने के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष थमने के कोई संकेत नहीं मिले।लड़ाई फिर तेज होने और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर अनिश्चितता के बीच दोनों पक्षों ने ऐसे कदम उठाए, जिनसे संघर्ष के और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को आगाह करना शुरू कर दिया कि वहां से निकलने के विकल्प सीमित हो सकते हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पड़ोसी देशों के निवासियों को उन सैन्य अड्डों से दूर रहने की सलाह दी जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है।इसे भी पढ़ें: Middle East संकट का असर: Crude Oil में उबाल से Stock Market धराशायी, Sensex और Nifty के प्रमुख सेक्टर्स में भारी गिरावटइस बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार तड़के बताया कि सऊदी अरब ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के जवाब में यमन के बंदरगाह शहर हुदैदा पर हमला किया। हूती विद्रोहियों ने कहा कि वे अपने हमलों और तेज करेंगे। इन हमलों से कई वर्षों से कायम शांति भंग हो गई है और पिछले कई सप्ताह से तनाव बढ़ रहा था।अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ‘एम/टी लवीन’ नामक पोत ने कम से कम चार बार नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में उसे निष्क्रिय कर दिया। हॉकिन्स ने कहा कि पोत के चालक दल को चेतावनी दी गई थी लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया जिसके बाद सेना ने पोत के इंजन कक्ष पर गोलीबारी की। नाकाबंदी फिर लागू किए जाने के बाद से निष्क्रिय किया गया यह दूसरा वाणिज्यिक पोत है।‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि उसने 12 अन्य पोतों का मार्ग भी बदल दिया है। जिस दिन नौसैनिक नाकाबंदी फिर लागू की गई, अमेरिकी सेना ने उसी दिन कहा था कि उसने फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप की ओर जा रहे कुराकाओ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘बेल्मा’ पर गोलीबारी की। अमेरिका ने कहा कि पोत ने ‘‘कई चेतावनियों की अनदेखी’’ की, जिसके बाद 15 जुलाई को एक अमेरिकी विमान ने उसकी चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया।इसे भी पढ़ें: बता रहा रूस, तोड़-फोड़ मचा रहा ईरान, पुतिन ने ट्रंप से लिया ये कैसा इंतकाम?इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ वार्ता को ‘‘अब तक की सबसे गंभीर वार्ता’’ बताया। हालांकि अमेरिका ईरान पर रोजाना हमले कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें युद्ध समाप्त करने की ‘‘कोई जल्दी नहीं’’ है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अमेरिकी ‘‘धौंस’’ के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चीन और रूस के साथ जारी बातचीत का भी उल्लेख किया। अराघची ने अर्ध-सरकारी समाचार संस्थान ‘तस्नीम’ को दिए साक्षात्कार में चेतावनी दी कि इस्लामी गणराज्य ‘‘न तो धमकियों से डरता है और न ही वह दबाव के आगे झुकेगा।’’ इस संघर्ष के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य है, जो विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।इसे भी पढ़ें: Red Sea में Tension के बीच Crude Oil $100 के पार, Global Market में बढ़ी महंगाई की चिंताईरानी हमलों के कारण यह मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया है जिससे ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और व्यापक आर्थिक उथल-पुथल पैदा हुई है। अमेरिकी सैन्य सलाहकारों की एक टुकड़ी की मौजूदगी वाले उत्तरी इराक के शहर इरबिल में सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के नेतृत्व वाले बलों ने विस्फोटकों से लदे पांच ड्रोन मार गिराए। इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में लगातार कई विस्फोटों की आवाज सुनाई दी।शहर के हवाई अड्डे के पास वहां काले धुएं के गुबार भी दिखाई दिए, जहां अमेरिकी बल तैनात हैं।

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Jul 25, 2026 - 13:06
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US Blockade तोड़ने की कोशिश कर रहे Cargo Ship पर अमेरिकी सेना की गोलीबारी, Gulf region में भारी तनाव

अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक और मालवाहक पोत पर गोलीबारी की। वहीं, ईरान ने फारस की खाड़ी के आसपास स्थित अमेरिकी सैन्य स्थलों को निशाना बनाया। लगातार 13वीं रात हमले होने के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष थमने के कोई संकेत नहीं मिले।

लड़ाई फिर तेज होने और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर अनिश्चितता के बीच दोनों पक्षों ने ऐसे कदम उठाए, जिनसे संघर्ष के और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को आगाह करना शुरू कर दिया कि वहां से निकलने के विकल्प सीमित हो सकते हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पड़ोसी देशों के निवासियों को उन सैन्य अड्डों से दूर रहने की सलाह दी जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है।

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इस बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार तड़के बताया कि सऊदी अरब ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के जवाब में यमन के बंदरगाह शहर हुदैदा पर हमला किया। हूती विद्रोहियों ने कहा कि वे अपने हमलों और तेज करेंगे। इन हमलों से कई वर्षों से कायम शांति भंग हो गई है और पिछले कई सप्ताह से तनाव बढ़ रहा था।

अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ‘एम/टी लवीन’ नामक पोत ने कम से कम चार बार नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में उसे निष्क्रिय कर दिया। हॉकिन्स ने कहा कि पोत के चालक दल को चेतावनी दी गई थी लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया जिसके बाद सेना ने पोत के इंजन कक्ष पर गोलीबारी की। नाकाबंदी फिर लागू किए जाने के बाद से निष्क्रिय किया गया यह दूसरा वाणिज्यिक पोत है।

‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि उसने 12 अन्य पोतों का मार्ग भी बदल दिया है। जिस दिन नौसैनिक नाकाबंदी फिर लागू की गई, अमेरिकी सेना ने उसी दिन कहा था कि उसने फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप की ओर जा रहे कुराकाओ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘बेल्मा’ पर गोलीबारी की। अमेरिका ने कहा कि पोत ने ‘‘कई चेतावनियों की अनदेखी’’ की, जिसके बाद 15 जुलाई को एक अमेरिकी विमान ने उसकी चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया।

इसे भी पढ़ें: बता रहा रूस, तोड़-फोड़ मचा रहा ईरान, पुतिन ने ट्रंप से लिया ये कैसा इंतकाम?

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ वार्ता को ‘‘अब तक की सबसे गंभीर वार्ता’’ बताया। हालांकि अमेरिका ईरान पर रोजाना हमले कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें युद्ध समाप्त करने की ‘‘कोई जल्दी नहीं’’ है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अमेरिकी ‘‘धौंस’’ के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चीन और रूस के साथ जारी बातचीत का भी उल्लेख किया। अराघची ने अर्ध-सरकारी समाचार संस्थान ‘तस्नीम’ को दिए साक्षात्कार में चेतावनी दी कि इस्लामी गणराज्य ‘‘न तो धमकियों से डरता है और न ही वह दबाव के आगे झुकेगा।’’ इस संघर्ष के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य है, जो विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

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ईरानी हमलों के कारण यह मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया है जिससे ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और व्यापक आर्थिक उथल-पुथल पैदा हुई है। अमेरिकी सैन्य सलाहकारों की एक टुकड़ी की मौजूदगी वाले उत्तरी इराक के शहर इरबिल में सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के नेतृत्व वाले बलों ने विस्फोटकों से लदे पांच ड्रोन मार गिराए। इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में लगातार कई विस्फोटों की आवाज सुनाई दी।

शहर के हवाई अड्डे के पास वहां काले धुएं के गुबार भी दिखाई दिए, जहां अमेरिकी बल तैनात हैं।

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