Tibet Flood: चीनी PM Li Qiang पहुंचे ग्यिरोंग, 558 लोग अब भी लापता

के जे एम वर्मा बीजिंग, 27 अगस्त चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को तिब्बत में नेपाल सीमा चौकी के पास ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा किया, जहां भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है और 558 लोग लापता हैं। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग टाउनशिप में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास स्थित गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई।इसमें तिब्बत में तीन और नेपाल में 359 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि भीषण बाढ़ के बाद तिब्बत में 558 लोगों के लापता होने की सूचना है। इस बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।एक विशाल झील के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। मौके पर राहत अभियान चला रहे चीनी अधिकारियों को आशंका है कि इससे बड़े पैमाने पर दूसरी आपदा आ सकती है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की सरकारी इंजीनियरिंग और बचाव कंपनी चाइना एन्नेंग की आठ-सदस्यीय अग्रिम टीम संचार और जांच उपकरणों के साथ ग्यिरोंग काउंटी पहुंची।टीम महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाएगी और नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील या अवरोध से निपटने के प्रयासों में मदद करेगी। खबर के अनुसार, मौके पर मौजूद बचावकर्मियों ने बताया कि नदी के रास्ते के अवरोध या झील से उत्पन्न खतरे को दूर करने के बाद ही सीमा चौकी से करीब तीन किलोमीटर ऊपर जमा मलबे को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकेगा। दमकलकर्मी झील के आसपास के बिंदुओं को चिह्नित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।इन बिंदुओं के निर्देशांकों के आधार पर झील के क्षेत्रफल की गणना की जा रही है। ड्रोन से मिले वीडियो में दिखा कि बुधवार रात की तुलना में झील का जलस्तर बढ़ गया है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, ली क्विंग संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे।पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ के एक दल को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया। यह कमांड तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी करती है। यह दल काउंटी में सैन्यकर्मियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त बचाव अभियान का समन्वय करेगा।इससे पहले, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि चीन, नेपाल के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है तथा नेपाली पक्ष के साथ मिलकर तलाश और बचाव अभियान चला रहा है। पीएलए की शिजांग सैन्य कमान ने आपदा का आकलन, बचाव के लिए हवाई मार्ग की योजना बनाने और तलाशी अभियान चलाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजे हैं। ये हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा और बचाव संबंधी उपकरण भी पहुंचा रहे हैं।भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अन्य खतरों के मद्देनजर ग्यिरोंग टाउनशिप और ग्यिरोंग पोर्ट के बीच सड़क को दोनों दिशाओं में बंद कर दिया गया है। स्थानीय यातायात पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार, केवल आपातकालीन राहत और बचाव कार्यों में शामिल वाहनों को ही वहां से गुजरने की अनुमति है। स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और वाहन चालकों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

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Aug 28, 2026 - 04:29
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Tibet Flood: चीनी PM Li Qiang पहुंचे ग्यिरोंग, 558 लोग अब भी लापता

के जे एम वर्मा बीजिंग, 27 अगस्त चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को तिब्बत में नेपाल सीमा चौकी के पास ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा किया, जहां भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है और 558 लोग लापता हैं। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग टाउनशिप में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास स्थित गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई।

इसमें तिब्बत में तीन और नेपाल में 359 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि भीषण बाढ़ के बाद तिब्बत में 558 लोगों के लापता होने की सूचना है। इस बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।

एक विशाल झील के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। मौके पर राहत अभियान चला रहे चीनी अधिकारियों को आशंका है कि इससे बड़े पैमाने पर दूसरी आपदा आ सकती है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की सरकारी इंजीनियरिंग और बचाव कंपनी चाइना एन्नेंग की आठ-सदस्यीय अग्रिम टीम संचार और जांच उपकरणों के साथ ग्यिरोंग काउंटी पहुंची।

टीम महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाएगी और नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील या अवरोध से निपटने के प्रयासों में मदद करेगी। खबर के अनुसार, मौके पर मौजूद बचावकर्मियों ने बताया कि नदी के रास्ते के अवरोध या झील से उत्पन्न खतरे को दूर करने के बाद ही सीमा चौकी से करीब तीन किलोमीटर ऊपर जमा मलबे को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकेगा। दमकलकर्मी झील के आसपास के बिंदुओं को चिह्नित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इन बिंदुओं के निर्देशांकों के आधार पर झील के क्षेत्रफल की गणना की जा रही है। ड्रोन से मिले वीडियो में दिखा कि बुधवार रात की तुलना में झील का जलस्तर बढ़ गया है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, ली क्विंग संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ के एक दल को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया। यह कमांड तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी करती है। यह दल काउंटी में सैन्यकर्मियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त बचाव अभियान का समन्वय करेगा।

इससे पहले, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि चीन, नेपाल के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है तथा नेपाली पक्ष के साथ मिलकर तलाश और बचाव अभियान चला रहा है। पीएलए की शिजांग सैन्य कमान ने आपदा का आकलन, बचाव के लिए हवाई मार्ग की योजना बनाने और तलाशी अभियान चलाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजे हैं। ये हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा और बचाव संबंधी उपकरण भी पहुंचा रहे हैं।

भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अन्य खतरों के मद्देनजर ग्यिरोंग टाउनशिप और ग्यिरोंग पोर्ट के बीच सड़क को दोनों दिशाओं में बंद कर दिया गया है। स्थानीय यातायात पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार, केवल आपातकालीन राहत और बचाव कार्यों में शामिल वाहनों को ही वहां से गुजरने की अनुमति है। स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और वाहन चालकों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

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