Special Intensive Revision- SIR | मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण! 9 राज्यों और 3 केंद्र-शासित प्रदेशों से 6.08 करोड़ नाम हटाए गए
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया का दूसरा चरण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश सहित कुल 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों को अपडेट किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण पूरा हो गया है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्यप्रदेश और गोवा की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है।इसे भी पढ़ें: Donald Trump के 'कम IQ' वाले बयान पर भड़कीं Candace Owens, बोलीं- 'दादाजी को घर बैठाओ' इन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 27 अक्टूबर को जब एसआईआर की घोषणा की गई थी, तब इन 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 51 करोड़ मतदाताओं के नाम थे। आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्यों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 44.92 करोड़ नाम दर्ज हैं, जो 6.08 करोड़ नाम हटाये जाने को दर्शाता है।इसे भी पढ़ें: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो मई में करेंगे भारत का दौरा, टैरिफ नीतियो पर दोनों देशों में होगी बात महत्व और प्रभावउत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अंतिम सूची जारी होना चुनाव प्रबंधन की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा साझा किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया को शुद्ध रखने के लिए 'डेडवुड' (अनुपयोगी डेटा) को हटाना कितना अनिवार्य है।निष्कर्ष: मतदाता सूचियों का यह शुद्धिकरण आगामी चुनावों में 'फर्जी मतदान' को रोकने और मतदान प्रतिशत के सटीक आकलन में मील का पत्थर साबित होगा। अब इन 12 राज्यों/UT के पास एक अधिक पारदर्शी और वास्तविक मतदाता आधार उपलब्ध है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया का दूसरा चरण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश सहित कुल 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों को अपडेट किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण पूरा हो गया है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्यप्रदेश और गोवा की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है।
इसे भी पढ़ें: Donald Trump के 'कम IQ' वाले बयान पर भड़कीं Candace Owens, बोलीं- 'दादाजी को घर बैठाओ'
इन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 27 अक्टूबर को जब एसआईआर की घोषणा की गई थी, तब इन 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 51 करोड़ मतदाताओं के नाम थे। आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्यों की संयुक्त मतदाता सूचियों में लगभग 44.92 करोड़ नाम दर्ज हैं, जो 6.08 करोड़ नाम हटाये जाने को दर्शाता है।
इसे भी पढ़ें: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो मई में करेंगे भारत का दौरा, टैरिफ नीतियो पर दोनों देशों में होगी बात
महत्व और प्रभाव
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अंतिम सूची जारी होना चुनाव प्रबंधन की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा साझा किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया को शुद्ध रखने के लिए 'डेडवुड' (अनुपयोगी डेटा) को हटाना कितना अनिवार्य है।
निष्कर्ष: मतदाता सूचियों का यह शुद्धिकरण आगामी चुनावों में 'फर्जी मतदान' को रोकने और मतदान प्रतिशत के सटीक आकलन में मील का पत्थर साबित होगा। अब इन 12 राज्यों/UT के पास एक अधिक पारदर्शी और वास्तविक मतदाता आधार उपलब्ध है।
What's Your Reaction?