SBI का होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ पार, बैंक की सबसे बड़ी यूनिट का नया कीर्तिमान

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक और बड़े मुकाम की ओर बढ़ता दिख रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक अपने होम लोन पोर्टफोलियो को अगले वित्त वर्ष में ₹10 लाख करोड़ के पार ले जाने की तैयारी में है, जिसके पीछे मजबूत मांग और उम्मीद के मुताबिक अनुकूल ब्याज दरों का माहौल अहम वजह माना जा रहा है।बता दें कि एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेठी ने हाल ही में जानकारी दी कि बैंक का होम लोन पोर्टफोलियो इस समय ₹9 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है और यह बैंक की सबसे बड़ी बिजनेस यूनिट बन गया है। कुल परिसंपत्तियों में इसका हिस्सा 20 प्रतिशत से भी ज्यादा है। उनके अनुसार, यदि 14 प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर बनी रहती है, तो अगले वित्त वर्ष में ₹10 लाख करोड़ का आंकड़ा हासिल करना पूरी तरह संभव है।गौरतलब है कि एसबीआई ने पिछले महीने ही ₹9 लाख करोड़ के होम लोन पोर्टफोलियो का आंकड़ा पार किया है, जिससे वह देश का सबसे बड़ा मॉर्गेज लोन प्रदाता बन गया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025 का समापन ₹8.31 लाख करोड़ के होम लोन बुक के साथ किया था, जो पिछले साल की तुलना में 14.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।मौजूद जानकारी के अनुसार, एसबीआई ने वर्षों में चरणबद्ध और संतुलित तरीके से अपने होम लोन कारोबार को बढ़ाया है। मार्च 2011 में ₹1 लाख करोड़ से शुरू हुआ यह सफर नवंबर 2025 तक ₹9 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। इस दौरान बैंक ने जोखिम प्रबंधन पर भी खास ध्यान दिया है।बता दें कि निरंतर निगरानी और सतर्कता के चलते बैंक इस सेगमेंट में एनपीए को एक प्रतिशत से नीचे रखने में सफल रहा है। वित्त वर्ष 2025 के अंत तक होम लोन में ग्रॉस एनपीए 0.72 प्रतिशत रहा, जो बैंकिंग सेक्टर में सबसे कम स्तरों में गिना जाता है।चेयरमैन सेठी ने इससे पहले भी उम्मीद जताई थी कि रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई यानी राम सेगमेंट की मजबूती के चलते चालू वित्त वर्ष में कुल क्रेडिट ग्रोथ करीब 14 प्रतिशत रह सकती है। गौरतलब है कि राम सेगमेंट बैंक के कुल लोन पोर्टफोलियो का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा है और सितंबर में ही यह ₹25 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है।आर्थिक गतिविधियों में सुधार को देखते हुए एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने क्रेडिट ग्रोथ अनुमान को पहले के 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है। उनके अनुसार, एमएसएमई सेगमेंट में 17 से 18 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल रही है, जबकि रिटेल और कृषि क्षेत्र में यह दर करीब 14 प्रतिशत है।इसके अलावा, बैंक को गोल्ड लोन में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है, वहीं एक्सप्रेस क्रेडिट जैसे अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन में भी दो अंकों की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे कुल मिलाकर एसबीआई की ऋण वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।

PNSPNS
Dec 22, 2025 - 10:54
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक और बड़े मुकाम की ओर बढ़ता दिख रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक अपने होम लोन पोर्टफोलियो को अगले वित्त वर्ष में ₹10 लाख करोड़ के पार ले जाने की तैयारी में है, जिसके पीछे मजबूत मांग और उम्मीद के मुताबिक अनुकूल ब्याज दरों का माहौल अहम वजह माना जा रहा है।

बता दें कि एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेठी ने हाल ही में जानकारी दी कि बैंक का होम लोन पोर्टफोलियो इस समय ₹9 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है और यह बैंक की सबसे बड़ी बिजनेस यूनिट बन गया है। कुल परिसंपत्तियों में इसका हिस्सा 20 प्रतिशत से भी ज्यादा है। उनके अनुसार, यदि 14 प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर बनी रहती है, तो अगले वित्त वर्ष में ₹10 लाख करोड़ का आंकड़ा हासिल करना पूरी तरह संभव है।

गौरतलब है कि एसबीआई ने पिछले महीने ही ₹9 लाख करोड़ के होम लोन पोर्टफोलियो का आंकड़ा पार किया है, जिससे वह देश का सबसे बड़ा मॉर्गेज लोन प्रदाता बन गया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025 का समापन ₹8.31 लाख करोड़ के होम लोन बुक के साथ किया था, जो पिछले साल की तुलना में 14.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, एसबीआई ने वर्षों में चरणबद्ध और संतुलित तरीके से अपने होम लोन कारोबार को बढ़ाया है। मार्च 2011 में ₹1 लाख करोड़ से शुरू हुआ यह सफर नवंबर 2025 तक ₹9 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। इस दौरान बैंक ने जोखिम प्रबंधन पर भी खास ध्यान दिया है।

बता दें कि निरंतर निगरानी और सतर्कता के चलते बैंक इस सेगमेंट में एनपीए को एक प्रतिशत से नीचे रखने में सफल रहा है। वित्त वर्ष 2025 के अंत तक होम लोन में ग्रॉस एनपीए 0.72 प्रतिशत रहा, जो बैंकिंग सेक्टर में सबसे कम स्तरों में गिना जाता है।

चेयरमैन सेठी ने इससे पहले भी उम्मीद जताई थी कि रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई यानी राम सेगमेंट की मजबूती के चलते चालू वित्त वर्ष में कुल क्रेडिट ग्रोथ करीब 14 प्रतिशत रह सकती है। गौरतलब है कि राम सेगमेंट बैंक के कुल लोन पोर्टफोलियो का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा है और सितंबर में ही यह ₹25 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है।

आर्थिक गतिविधियों में सुधार को देखते हुए एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने क्रेडिट ग्रोथ अनुमान को पहले के 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है। उनके अनुसार, एमएसएमई सेगमेंट में 17 से 18 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल रही है, जबकि रिटेल और कृषि क्षेत्र में यह दर करीब 14 प्रतिशत है।

इसके अलावा, बैंक को गोल्ड लोन में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है, वहीं एक्सप्रेस क्रेडिट जैसे अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन में भी दो अंकों की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे कुल मिलाकर एसबीआई की ऋण वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।

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