Russia से भारत की तेल दोस्ती गहरी, US की पाबंदी के बावजूद Crude Oil आयात 21% बढ़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और दबाव का भारत पर कोई असर नहीं दिख रहा है। अमेरिका की लाख कोशिशों और सख्ती के बावजूद भारत और रूस के व्यापारिक रिश्ते दिन-प्रतिदिन और मजबूत होते जा रहे हैं। अमेरिकी पाबंदियों की परवाह न करते हुए भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया है। नए आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में भी भारत दुनिया भर में रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना रहा।मई में भारत ने खरीदा 6.7 अरब डॉलर का ईंधनयूरोपीय रिसर्च इंस्टीट्यूट 'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों द्वारा खरीदारी बढ़ाए जाने से रूस से कुल कच्चे तेल और अन्य ईंधन का आयात बढ़ गया है। मई महीने में यह आंकड़ा अनुमानित 5.8 अरब यूरो (यानी करीब 6.7 अरब डॉलर) पर पहुंच गया है। इसे भी पढ़ें: Commander in Chief वाली AI Photo, फिर Iran Deal पर बड़ा बयान, क्या हैं Donald Trump के इरादे?कुल आयात में 83% हिस्सेदारी सिर्फ कच्चे तेल कीCREA की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में रूस से भारत आए कुल आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा यानी लगभग 83 प्रतिशत रही, जिसकी कीमत 4.8 अरब यूरो थी। इसके अलावा भारत ने रूस से 55 करोड़ यूरो के अन्य तेल प्रोडक्ट्स और 42.9 करोड़ यूरो के कोयले का भी आयात किया है।रूसी तेल के आयात में 21% की भारी बढ़ोतरीरिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल महीने के मुकाबले मई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रूस से होने वाले आयात में आया 21% का भारी उछाल है। गुजरात में स्थित देश के बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में रूसी कच्चे तेल की सप्लाई में जबरदस्त तेजी देखी गई। अप्रैल की तुलना में मई में वाडिनार रिफाइनरी में 36% और जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में 14% अधिक रूसी तेल पहुंचा।

PNSPNS
Jun 15, 2026 - 08:17
 0
Russia से भारत की तेल दोस्ती गहरी, US की पाबंदी के बावजूद Crude Oil आयात 21% बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और दबाव का भारत पर कोई असर नहीं दिख रहा है। अमेरिका की लाख कोशिशों और सख्ती के बावजूद भारत और रूस के व्यापारिक रिश्ते दिन-प्रतिदिन और मजबूत होते जा रहे हैं। अमेरिकी पाबंदियों की परवाह न करते हुए भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया है। नए आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में भी भारत दुनिया भर में रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना रहा।

मई में भारत ने खरीदा 6.7 अरब डॉलर का ईंधन

यूरोपीय रिसर्च इंस्टीट्यूट 'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों द्वारा खरीदारी बढ़ाए जाने से रूस से कुल कच्चे तेल और अन्य ईंधन का आयात बढ़ गया है। मई महीने में यह आंकड़ा अनुमानित 5.8 अरब यूरो (यानी करीब 6.7 अरब डॉलर) पर पहुंच गया है।
 

इसे भी पढ़ें: Commander in Chief वाली AI Photo, फिर Iran Deal पर बड़ा बयान, क्या हैं Donald Trump के इरादे?


कुल आयात में 83% हिस्सेदारी सिर्फ कच्चे तेल की

CREA की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में रूस से भारत आए कुल आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा यानी लगभग 83 प्रतिशत रही, जिसकी कीमत 4.8 अरब यूरो थी। इसके अलावा भारत ने रूस से 55 करोड़ यूरो के अन्य तेल प्रोडक्ट्स और 42.9 करोड़ यूरो के कोयले का भी आयात किया है।

रूसी तेल के आयात में 21% की भारी बढ़ोतरी

रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल महीने के मुकाबले मई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रूस से होने वाले आयात में आया 21% का भारी उछाल है। गुजरात में स्थित देश के बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में रूसी कच्चे तेल की सप्लाई में जबरदस्त तेजी देखी गई। अप्रैल की तुलना में मई में वाडिनार रिफाइनरी में 36% और जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में 14% अधिक रूसी तेल पहुंचा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow