मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन सभी योजनाओं पर कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे देश में औद्योगिक विकास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को गति मिलने की उम्मीद की जा रही हैं।
बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने सात प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें वाराणसी के लिए दो बड़ी आधारभूत ढांचा परियोजनाएं, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, मोबाइल निर्माण योजना, राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति 2026 और रेलवे से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
बता दें कि वाराणसी के विकास के लिए सरकार ने दो बड़े कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला लगभग 46 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करना और गंगा तट के आसपास बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराना है। इस परियोजना में छह लेन का ऊंचा मार्ग, आकर्षक केबल आधारित पुल, पैदल पुल, संपर्क मार्ग, रैंप और सेवा मार्ग बनाए जाएंगे। इस पर करीब 14 हजार 447 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गौरतलब है कि दूसरी परियोजना के तहत वरुणा नदी के किनारे छह और चार लेन वाले ऊंचे मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10 हजार 998 करोड़ रुपये है। सरकार का मानना है कि इससे वाराणसी में यातायात व्यवस्था और शहरी संपर्क पहले की तुलना में अधिक सुगम होंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना पर 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य देश में चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा देना और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही मोबाइल फोन निर्माण योजना के दूसरे चरण को भी स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए 62 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति 2026 को भी मंजूरी मिली है। इस नीति के तहत देश में नौ नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य करीब एक करोड़ टन अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता विकसित करना है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो और देश यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके।
रेलवे क्षेत्र में भी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। पहली परियोजना के तहत परादीप-हरिदासपुर रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा, जिस पर लगभग 2 हजार 542 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं दूसरी परियोजना में डांगोआपोसी और राजखरसावां के बीच चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर करीब 1 हजार 365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से माल और यात्री रेल सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी तथा परिवहन व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से आधारभूत ढांचे, विनिर्माण, रेलवे और कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश के जरिए आर्थिक विकास को गति देने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सात फैसलों से उद्योग, रोजगार, परिवहन और कृषि क्षेत्र को लंबे समय तक सकारात्मक लाभ मिलने की संभावना हैं।