Pranab Mukherjee Birth Anniversary: देश के 13वें राष्ट्रपति थे प्रणब मुखर्जी, कभी पत्रकार के रूप में शुरू किया था करियर

भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का आज ही के दिन यानी की 11 दिसंबर को जन्म हुआ था। बता दें कि प्रणब मुखर्जी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपना दाहिना हाथ मानती थीं। इंदिरा गांधी के न रहने पर वह बड़ी बैठकों की अध्यक्षता करते थे। भारतीय राजनीति में प्रणब मुखर्जी का अहम योगदान रहा था। उन्होंने सिर्फ राष्ट्रपति पद नहीं बल्कि विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली थी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर प्रणब मुखर्जी को जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारपश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराती गांव में 11 दिसंबर 1935 को प्रणब मुखर्जी का जन्म हुआ था। पूरा देश उनको प्रणब दा का नाम से पुकारता था। इनके बचपन का नाम पोल्टू था। इनके पिता का नाम कामदा किंकर मुखर्जी और मां का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। साल 1963 में वह विद्यानगर कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर बन गए। फिर उन्होंने पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया।इसे भी पढ़ें: Manohar Joshi Birth Anniversary: महाराष्ट्र की राजनीति का 'सभ्य चेहरा' थे मनोहर जोशी, RSS से शुरू किया था सियासी सफरराजनीतिक सफरसाल 1969 का साल प्रणब मुखर्जी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। प्रणब की काबिलियत को देखते हुए इंदिरा गांधी ने उनको राज्यसभा भेजा। प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के सबसे खास सिपहसालारों में से एक हो गए। फिर साल 1973 में इंदिरा ने उनको अपनी कैबिनेट में शामिल किया और वह औद्योगिक विकास विभाक के उपमंत्री थे। पार्टी में उनका कद बढ़ता जा रहा था। वहीं एक समय ऐसा भी आया जब इंदिरा सरकार में प्रणब मुखर्जी नंबर दो हो गए थे। उनकी काबिलियित और बौद्धिक स्तर को देखते हुए इंदिरा ने लिखित आदेश तक जारी कर दिया था कि उनकी गैरमौजूदगी में प्रणब मुखर्जी कैबिनेट मीटिंग की अगुवाई करेंगे।वित्त मंत्रीसाल 1982 से लेकर 1984 तक प्रणब मुखर्जी ने कई कैबिनेट पद संभाले। फिर साल 1982 में वह भारत के वित्त मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ से 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर के लोन के लिए बात की। फिर लोन के एक तिहाई हिस्से को बिना इस्तेमाल के वापस किया। भारत के इस कदम से पूरी दुनिया हैरान रह गई। प्रणब के वित्तीय प्रबंधन की तारीफ अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के वित्त मंत्री डोनाल्ड रीगन ने भी की थी।13 नंबर से खास कनेक्शनप्रणब मुखर्जी के जीवन में 13 नंबर का एक अलग ही रोल रहा है। वह 15 जून, 2012 को देश के राष्ट्रपति बने थे और वह भारत के 13वें राष्ट्रपति बने। दिल्ली में उनका जो बंगला था, उसका नंबर भी 13 था। इसके अलावा प्रणब दा की शादी की सालगिरह भी 13 तारीख को होती थी।मृत्युवहीं 31 अगस्त 2020 को 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी का दिल्ली में निधन हो गया था।

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Dec 12, 2025 - 00:07
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Pranab Mukherjee Birth Anniversary: देश के 13वें राष्ट्रपति थे प्रणब मुखर्जी, कभी पत्रकार के रूप में शुरू किया था करियर
भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का आज ही के दिन यानी की 11 दिसंबर को जन्म हुआ था। बता दें कि प्रणब मुखर्जी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपना दाहिना हाथ मानती थीं। इंदिरा गांधी के न रहने पर वह बड़ी बैठकों की अध्यक्षता करते थे। भारतीय राजनीति में प्रणब मुखर्जी का अहम योगदान रहा था। उन्होंने सिर्फ राष्ट्रपति पद नहीं बल्कि विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली थी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर प्रणब मुखर्जी को जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराती गांव में 11 दिसंबर 1935 को प्रणब मुखर्जी का जन्म हुआ था। पूरा देश उनको प्रणब दा का नाम से पुकारता था। इनके बचपन का नाम पोल्टू था। इनके पिता का नाम कामदा किंकर मुखर्जी और मां का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। साल 1963 में वह विद्यानगर कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर बन गए। फिर उन्होंने पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया।

इसे भी पढ़ें: Manohar Joshi Birth Anniversary: महाराष्ट्र की राजनीति का 'सभ्य चेहरा' थे मनोहर जोशी, RSS से शुरू किया था सियासी सफर

राजनीतिक सफर

साल 1969 का साल प्रणब मुखर्जी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। प्रणब की काबिलियत को देखते हुए इंदिरा गांधी ने उनको राज्यसभा भेजा। प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के सबसे खास सिपहसालारों में से एक हो गए। फिर साल 1973 में इंदिरा ने उनको अपनी कैबिनेट में शामिल किया और वह औद्योगिक विकास विभाक के उपमंत्री थे। पार्टी में उनका कद बढ़ता जा रहा था। वहीं एक समय ऐसा भी आया जब इंदिरा सरकार में प्रणब मुखर्जी नंबर दो हो गए थे। उनकी काबिलियित और बौद्धिक स्तर को देखते हुए इंदिरा ने लिखित आदेश तक जारी कर दिया था कि उनकी गैरमौजूदगी में प्रणब मुखर्जी कैबिनेट मीटिंग की अगुवाई करेंगे।

वित्त मंत्री

साल 1982 से लेकर 1984 तक प्रणब मुखर्जी ने कई कैबिनेट पद संभाले। फिर साल 1982 में वह भारत के वित्त मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ से 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर के लोन के लिए बात की। फिर लोन के एक तिहाई हिस्से को बिना इस्तेमाल के वापस किया। भारत के इस कदम से पूरी दुनिया हैरान रह गई। प्रणब के वित्तीय प्रबंधन की तारीफ अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के वित्त मंत्री डोनाल्ड रीगन ने भी की थी।

13 नंबर से खास कनेक्शन

प्रणब मुखर्जी के जीवन में 13 नंबर का एक अलग ही रोल रहा है। वह 15 जून, 2012 को देश के राष्ट्रपति बने थे और वह भारत के 13वें राष्ट्रपति बने। दिल्ली में उनका जो बंगला था, उसका नंबर भी 13 था। इसके अलावा प्रणब दा की शादी की सालगिरह भी 13 तारीख को होती थी।

मृत्यु

वहीं 31 अगस्त 2020 को 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी का दिल्ली में निधन हो गया था।

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