वैसे तो देश में ऑनलाइन खेलों को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी, लेकिन अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा हैं। केंद्र सरकार बुधवार को ऑनलाइन खेल कानून के तहत नियम अधिसूचित कर सकती है और इस क्षेत्र के लिए एक अलग नियामक संस्था बनाने की तैयारी में हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ये नियम अक्टूबर 2025 में पारित ऑनलाइन खेल प्रोत्साहन और विनियमन कानून के तहत लाए जा रहे हैं। बता दें कि इसके साथ ही सरकार ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ओजीएआई को भी सक्रिय करने की योजना बना रही है, जो इस क्षेत्र में निगरानी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगी।
गौरतलब है कि नए ढांचे के तहत ऑनलाइन खेलों को तीन श्रेणियों में बांटने की तैयारी है। ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है, जबकि पैसे लगाकर खेले जाने वाले खेलों पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव हैं। इससे उन प्लेटफॉर्म्स को राहत मिलेगी, जहां बिना पैसे के मनोरंजन के लिए खेल खेले जाते हैं, क्योंकि उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया से छूट दी जा सकती हैं।
बता दें कि सरकार का यह कदम युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में ऑनलाइन सट्टेबाजी और पैसे वाले खेलों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें आर्थिक नुकसान और लत लगने जैसी समस्याएं शामिल थीं।
नियमों में उल्लंघन करने वालों के लिए कड़े प्रावधान भी रखे गए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर कोई कंपनी पैसे वाले खेलों को बढ़ावा देती या संचालित करती पाई गई, तो उसे तीन साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता हैं।
सरकार का यह कदम ऑनलाइन खेल उद्योग को व्यवस्थित करने और जोखिमों को कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा हैं।