बुधवार देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई अहम बैठक के बाद, बीजेपी में संगठन में बड़े बदलाव का इंतज़ार जल्द ही खत्म होने की उम्मीद है। यह हाई-लेवल मीटिंग प्रधानमंत्री मोदी के 17 जुलाई को पंजाब के तय दौरे से एक दिन पहले और उनके विदेश दौरे से लौटने के कुछ दिनों बाद हुई। यह मीटिंग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंगलवार को अमित शाह के साथ हुई मुलाकात के बाद हुई; योगी आदित्यनाथ की यह मुलाकात राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन से जुड़े कामों के सिलसिले में हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक, इन चर्चाओं का मकसद पार्टी के केंद्रीय संगठन स्तर पर पदाधिकारियों की नई टीम को अंतिम रूप देना हो सकता है। बैठक कई घंटों तक चली, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि नितिन नबिन की नई संगठनात्मक टीम की घोषणा इसी हफ्ते हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, प्रधानमंत्री के विदेश दौरों के कारण उनके साथ अंतिम चर्चा बाकी थी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित फेरबदल में अनुभवी सीनियर नेताओं के साथ-साथ कई नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। नई टीम में पार्टी के सेंट्रल मीडिया विंग समेत संगठन की अलग-अलग इकाइयों में नियुक्तियां होने की उम्मीद है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि संगठनात्मक बदलावों के बाद केंद्रीय कैबिनेट में भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ मंत्रियों को अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद राज्य मंत्री स्तर पर कुछ पद खाली हो गए हैं, जिससे नई नियुक्तियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
नेतृत्व से यह उम्मीद की जाती है कि वह महिलाओं और युवा नेताओं को ज़्यादा प्रतिनिधित्व दे, और साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और संगठन चलाने का काफ़ी अनुभव रखने वाले लोगों को भी शामिल करे। उम्मीद है कि संसद के मॉनसून सत्र से पहले रीस्ट्रक्चरिंग का काम पूरा हो जाएगा; यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा।
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