Parliament Monsoon Session | संसद के पहले ही दिन विपक्ष का प्रचंड प्रहार! राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कांग्रेस का कार्यस्थगन नोटिस, परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

संसद के मानसून सत्र का पहला ही दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के कई दिग्गज सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में कथित पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवादों पर अविलंब चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन नोटिस (Adjournment Motion Notice) दिए हैं। विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर संसद का बाकी सारा कामकाज रोककर तुरंत बहस कराने पर अड़ा हुआ है।इसे भी पढ़ें: FIFA World Cup 2026 | Lionel Messi का बेनूर हुआ आखिरी सुनहरा सफर... स्पेन से हारकर टूटा सपना, आंसुओं के साथ ली विदाई क्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाते हुए चर्चा की मांग की। अपने नोटिस में उन्होंने कहा कि खबरों के अनुसार नीट सहित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित करने वाले प्रश्नपत्र लीक के 152 तक मामले सामने आए हैं, लेकिन इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों, कोचिंग गिरोह या अधिकारियों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई है।इसे भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क, छावनी में तब्दील हुई राजधानी, चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा, धारा 163 लागू  टैगोर ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए है कहा कि बार-बार विफल हो रही परीक्षा व्यवस्था के बावजूद मंत्री पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में इस साल पांच छात्रों ने आत्महत्या की है और इन घटनाओं का संबंध नीट से उत्पन्न दबाव, मानसिक आघात और निराशा से है। उन्होंने कहा कि ये अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था का परिणाम हैं जो “चरमराई हुई और अपारदर्शी” है। इस बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस देकर दलबदल रोधी कानून के नए स्वरूप पर चर्चा की मांग की। उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सूचीबद्ध कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल को रोकने वाले कानून पर चर्चा कराने का आग्रह किया। राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य रंजीत रंजन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही, सार्वजनिक दान के प्रबंधन और संस्थागत निगरानी से संबंधित गंभीर चिंताओं पर तत्काल चर्चा की मांग की। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला ने भी सदन में नियम 267 के तहत नोटिस देकर राम मंदिर मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की।

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Jul 20, 2026 - 16:12
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Parliament Monsoon Session | संसद के पहले ही दिन विपक्ष का प्रचंड प्रहार! राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कांग्रेस का कार्यस्थगन नोटिस, परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

संसद के मानसून सत्र का पहला ही दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के कई दिग्गज सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में कथित पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवादों पर अविलंब चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन नोटिस (Adjournment Motion Notice) दिए हैं। विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर संसद का बाकी सारा कामकाज रोककर तुरंत बहस कराने पर अड़ा हुआ है।

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क्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाते हुए चर्चा की मांग की। अपने नोटिस में उन्होंने कहा कि खबरों के अनुसार नीट सहित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित करने वाले प्रश्नपत्र लीक के 152 तक मामले सामने आए हैं, लेकिन इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों, कोचिंग गिरोह या अधिकारियों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई है।

इसे भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क, छावनी में तब्दील हुई राजधानी, चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा, धारा 163 लागू

 

टैगोर ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए है कहा कि बार-बार विफल हो रही परीक्षा व्यवस्था के बावजूद मंत्री पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में इस साल पांच छात्रों ने आत्महत्या की है और इन घटनाओं का संबंध नीट से उत्पन्न दबाव, मानसिक आघात और निराशा से है। उन्होंने कहा कि ये अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था का परिणाम हैं जो “चरमराई हुई और अपारदर्शी” है। इस बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस देकर दलबदल रोधी कानून के नए स्वरूप पर चर्चा की मांग की।

उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सूचीबद्ध कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल को रोकने वाले कानून पर चर्चा कराने का आग्रह किया। राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य रंजीत रंजन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही, सार्वजनिक दान के प्रबंधन और संस्थागत निगरानी से संबंधित गंभीर चिंताओं पर तत्काल चर्चा की मांग की। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला ने भी सदन में नियम 267 के तहत नोटिस देकर राम मंदिर मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की।

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