Pakistan के कराची स्थित ऐतिहासिक बिल्डिंग में तोड़ी गई भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियां, हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश

पाकिस्तान की वित्तीय राजधानी कराची से अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के ऐतिहासिक 'सगन मेसन' भवन में स्थापित भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित कर दिया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरा रोष और भय का माहौल है। पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने कहा कि कराची में ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में मूर्तियों को खंडित करना बेहद निंदनीय है।इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz Crisis: बहरीन ने सुरक्षा परिषद में टाला मतदान, रूस-चीन के विरोध से फंसा पेंच उन्होंने कहा, “हम इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।” कच्छी नेबताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “यह केवल एक ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर हमला है।”इसे भी पढ़ें: नौसेना को मिली डबल शक्ति: Nuclear Submarine INS अरिधमन और INS तारागिरी से बढ़ी भारत की समुद्री ताकत उन्होंने आगे कहा कि सरकार को इस घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इस कृत्य से हिंदू समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा, “दोषियों को बिना विलंब किए गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस ऐतिहासिक इमारत का तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।” स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित इस इमारत में हिंदू समुदाय की बहुमूल्य मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं।

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Apr 4, 2026 - 09:23
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Pakistan के कराची स्थित ऐतिहासिक बिल्डिंग में तोड़ी गई भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियां, हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश

पाकिस्तान की वित्तीय राजधानी कराची से अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के ऐतिहासिक 'सगन मेसन' भवन में स्थापित भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित कर दिया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरा रोष और भय का माहौल है। पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने कहा कि कराची में ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में मूर्तियों को खंडित करना बेहद निंदनीय है।

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उन्होंने कहा, “हम इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।” कच्छी नेबताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “यह केवल एक ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर हमला है।”

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उन्होंने आगे कहा कि सरकार को इस घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इस कृत्य से हिंदू समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा, “दोषियों को बिना विलंब किए गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

इस ऐतिहासिक इमारत का तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।” स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित इस इमारत में हिंदू समुदाय की बहुमूल्य मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं।

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