Pakistan की इस दलील पर झुका Israel, अपनी हिट लिस्ट से हटाए Iran के 2 बड़े नेता!

खबरों के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ को अपनी 'हिट लिस्ट' से फिलहाल हटा दिया है। बताया जा रहा है कि ऐसा पाकिस्तान की गुजारिश पर किया गया है। पाकिस्तान ने अमेरिका के जरिए इजरायल से कहा था कि इन दोनों नेताओं को निशाना न बनाया जाए। हालांकि, इसकी बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से बताया, इजरायल के पास इन नेताओं की सटीक लोकेशन थी, लेकिन पाकिस्तान ने अमेरिका को समझाया कि अगर ये नेता भी मारे गए, तो भविष्य में शांति के लिए बातचीत करने वाला कोई नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिका के कहने पर इजरायल पीछे हट गया।डोनाल्ड ट्रंप का शांति वार्ता पर बड़ा बयानअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान भले ही सार्वजनिक तौर पर इनकार करे, लेकिन वह शांति चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान समझौता करने के लिए बेताब है, लेकिन वह यह बात दुनिया के सामने कहने से डर रहा है।ट्रंप ने कहा, 'ईरानी नेताओं को लगता है कि अगर उन्होंने समझौते की बात मानी, तो उनके अपने ही लोग या फिर अमेरिका उन्हें मार डालेगा।' वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने मौजूदा हकीकत को नहीं माना, तो ट्रंप प्रशासन उन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का सनसनीखेज दावा, Iran ने दिया था Supreme Leader बनने का Offer!पाकिस्तान के जरिए भेजा गया शांति प्रस्तावईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका का एक प्रस्ताव मिला है, जो मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए है। इस 15-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल प्रोग्राम पर कई शर्तें रखी गई हैं।हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान का युद्ध खत्म करने के लिए सीधे बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है। उनका मानना है कि बिचौलियों के जरिए मैसेज भेजना अमेरिका से बातचीत करना नहीं कहलाता। इसे भी पढ़ें: US दूतों को Iran ने किया रिजेक्ट, अब JD Vance संभालेंगे Pakistan में बातचीत की कमान?ईरान की अपनी शर्तेंईरान ने सरकारी टीवी पर साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा और शर्तों पर कोई समझौता नहीं करेगा। तेहरान की ओर से यह संकेत मिले हैं कि वह इस अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन उसे यह शर्तें काफी कड़ी लग रही हैं। ईरान का कहना है कि वे अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद जल्द ही अपना रुख साफ करेंगे। फिलहाल, ईरान 'प्रतिरोध की नीति' को ही आगे बढ़ाने की बात कह रहा है।

PNSPNS
Mar 27, 2026 - 10:00
 0
Pakistan की इस दलील पर झुका Israel, अपनी हिट लिस्ट से हटाए Iran के 2 बड़े नेता!
खबरों के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ को अपनी 'हिट लिस्ट' से फिलहाल हटा दिया है। बताया जा रहा है कि ऐसा पाकिस्तान की गुजारिश पर किया गया है। पाकिस्तान ने अमेरिका के जरिए इजरायल से कहा था कि इन दोनों नेताओं को निशाना न बनाया जाए। हालांकि, इसकी बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।

रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से बताया, इजरायल के पास इन नेताओं की सटीक लोकेशन थी, लेकिन पाकिस्तान ने अमेरिका को समझाया कि अगर ये नेता भी मारे गए, तो भविष्य में शांति के लिए बातचीत करने वाला कोई नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिका के कहने पर इजरायल पीछे हट गया।

डोनाल्ड ट्रंप का शांति वार्ता पर बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान भले ही सार्वजनिक तौर पर इनकार करे, लेकिन वह शांति चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान समझौता करने के लिए बेताब है, लेकिन वह यह बात दुनिया के सामने कहने से डर रहा है।

ट्रंप ने कहा, 'ईरानी नेताओं को लगता है कि अगर उन्होंने समझौते की बात मानी, तो उनके अपने ही लोग या फिर अमेरिका उन्हें मार डालेगा।' वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने मौजूदा हकीकत को नहीं माना, तो ट्रंप प्रशासन उन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
 

इसे भी पढ़ें: Donald Trump का सनसनीखेज दावा, Iran ने दिया था Supreme Leader बनने का Offer!


पाकिस्तान के जरिए भेजा गया शांति प्रस्ताव

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका का एक प्रस्ताव मिला है, जो मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए है। इस 15-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल प्रोग्राम पर कई शर्तें रखी गई हैं।

हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान का युद्ध खत्म करने के लिए सीधे बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है। उनका मानना है कि बिचौलियों के जरिए मैसेज भेजना अमेरिका से बातचीत करना नहीं कहलाता।
 

इसे भी पढ़ें: US दूतों को Iran ने किया रिजेक्ट, अब JD Vance संभालेंगे Pakistan में बातचीत की कमान?


ईरान की अपनी शर्तें

ईरान ने सरकारी टीवी पर साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा और शर्तों पर कोई समझौता नहीं करेगा। तेहरान की ओर से यह संकेत मिले हैं कि वह इस अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन उसे यह शर्तें काफी कड़ी लग रही हैं। ईरान का कहना है कि वे अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद जल्द ही अपना रुख साफ करेंगे। फिलहाल, ईरान 'प्रतिरोध की नीति' को ही आगे बढ़ाने की बात कह रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow