Nepal Protest Updates: नारायणहिती खाली करो, राजा आ रहे हैं...विद्रोह की आग से दहल उठा नेपाल

क्या नेपाल से राजशाही की ओर लौटने वाला है। क्या नेपाल में 17 साल के भीतर लोगों का लोकतंत्र से मोह भंग हो चुका है। नेपाल में राजशाही की वापसी के लिए बड़ा प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार समर्थक तलवार लेकर सड़कों पर उतरे। नेपाल में लोकतंत्र बनाम राजशाही का दंगल छिड़ा है। पल में सरकार के खिलाफ राजशाही समर्थकों ने विद्रोह का ऐलान किया है। नेपाल में राजा के समर्थक सड़क पर उतरकर केपी ओली सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं।सड़कों पर हमरो राजा, हमरो देश, नारायणहिती खाली करो के नारे लगाए जा रहे हैं। नेपाल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर काठमांडू 4 में हजारों की संख्या में राजतंत्र समर्थक सड़कों के पर उत्तरे। यह प्रदर्शन काठमांडू के रत्नपार्क में कर आयोजित किया गया, जहां विभिन्न जिलों से से आए लोगों ने रैली और प्रदर्शन में भाग लिया। ब्ल रैली का नेतृत्व राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) री के अध्यक्ष राजेन्द्र लिंगदेन ने किया। आरपीपी बई प्रवक्ता ज्ञानेन्द्र शाही ने कहा कि यह आंदोलन न तब तक जारी रहेगा जब तक नेपाल में राजतंत्र न और हिंदू राष्ट्र की स्थापना नहीं हो जाती।इसे भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन पुल में काम कर रहा मजदूर लधिया नदी में बहाप्रदर्शन को देखते हुए काठमांडू में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सेना पवेलियन में राष्ट्रपति में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा कि आज भी जनसत्ता को एक विशेष वंश में केंद्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार लोकतंत्र और गणतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेपाल में 18वें गणतंत्र दिवस के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों ने 28 मई, 2008 को स्थापित संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य प्रणाली के पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित किए। सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के नेतृत्व वाले राजशाही समर्थक समूहों के बीच संभावित झड़पों को रोकने के लिए सरकार ने शहर के मध्य स्थित रत्नापार्क और भृकुटी मंडप क्षेत्रों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों सहित लगभग 6,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। इस अवसर पर सीपीएन-यूएमएल द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सांस्कृतिक झांकी के साथ पारंपरिक परिधान पहने लोग भृकुटी मंडप में एकत्र हुए। इसे भी पढ़ें: नेपाल में केबल कार स्टेशन में गिरने से भारतीय पर्यटक की मौतदेश भर में विभिन्न औपचारिक कार्यक्रमों का आयोजन कर 18वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ टुंडीखेल ओपन ग्राउंड स्थित आर्मी पैवेलियन में आयोजित एक विशेष समारोह में शामिल हुए। समारोह में काठमांडू घाटी के विभिन्न स्थानीय संस्थाओं द्वारा सांस्कृतिक नृत्य और संगीत प्रदर्शन प्रस्तुत किये गये। नेपाल में 29 मई को संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य की ऐतिहासिक घोषणा हुई। विक्रम संवत 2065 के ज्येष्ठ मास की 15वीं तिथि (28 मई, 2008) को संसद की पहली बैठक में इसकी घोषणा की गई, जिसके साथ 240 साल पुरानी राजशाही समाप्त हो गई। तब से, ज्येष्ठ मास की 15वीं तिथि को पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।Stay updated with Latest International News in Hindi on Prabhasakshi    

PNSPNS
May 31, 2025 - 03:31
 0
Nepal Protest Updates: नारायणहिती खाली करो, राजा आ रहे हैं...विद्रोह की आग से दहल उठा नेपाल
क्या नेपाल से राजशाही की ओर लौटने वाला है। क्या नेपाल में 17 साल के भीतर लोगों का लोकतंत्र से मोह भंग हो चुका है। नेपाल में राजशाही की वापसी के लिए बड़ा प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार समर्थक तलवार लेकर सड़कों पर उतरे। नेपाल में लोकतंत्र बनाम राजशाही का दंगल छिड़ा है। पल में सरकार के खिलाफ राजशाही समर्थकों ने विद्रोह का ऐलान किया है। नेपाल में राजा के समर्थक सड़क पर उतरकर केपी ओली सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं।सड़कों पर हमरो राजा, हमरो देश, नारायणहिती खाली करो के नारे लगाए जा रहे हैं। 
नेपाल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर काठमांडू 4 में हजारों की संख्या में राजतंत्र समर्थक सड़कों के पर उत्तरे। यह प्रदर्शन काठमांडू के रत्नपार्क में कर आयोजित किया गया, जहां विभिन्न जिलों से से आए लोगों ने रैली और प्रदर्शन में भाग लिया। ब्ल रैली का नेतृत्व राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) री के अध्यक्ष राजेन्द्र लिंगदेन ने किया। आरपीपी बई प्रवक्ता ज्ञानेन्द्र शाही ने कहा कि यह आंदोलन न तब तक जारी रहेगा जब तक नेपाल में राजतंत्र न और हिंदू राष्ट्र की स्थापना नहीं हो जाती।

इसे भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन पुल में काम कर रहा मजदूर लधिया नदी में बहा

प्रदर्शन को देखते हुए काठमांडू में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सेना पवेलियन में राष्ट्रपति में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा कि आज भी जनसत्ता को एक विशेष वंश में केंद्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार लोकतंत्र और गणतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेपाल में 18वें गणतंत्र दिवस के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों ने 28 मई, 2008 को स्थापित संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य प्रणाली के पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन आयोजित किए। सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के नेतृत्व वाले राजशाही समर्थक समूहों के बीच संभावित झड़पों को रोकने के लिए सरकार ने शहर के मध्य स्थित रत्नापार्क और भृकुटी मंडप क्षेत्रों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों सहित लगभग 6,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। इस अवसर पर सीपीएन-यूएमएल द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के लिए सांस्कृतिक झांकी के साथ पारंपरिक परिधान पहने लोग भृकुटी मंडप में एकत्र हुए। 

इसे भी पढ़ें: नेपाल में केबल कार स्टेशन में गिरने से भारतीय पर्यटक की मौत

देश भर में विभिन्न औपचारिक कार्यक्रमों का आयोजन कर 18वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ टुंडीखेल ओपन ग्राउंड स्थित आर्मी पैवेलियन में आयोजित एक विशेष समारोह में शामिल हुए। समारोह में काठमांडू घाटी के विभिन्न स्थानीय संस्थाओं द्वारा सांस्कृतिक नृत्य और संगीत प्रदर्शन प्रस्तुत किये गये। नेपाल में 29 मई को संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य की ऐतिहासिक घोषणा हुई। विक्रम संवत 2065 के ज्येष्ठ मास की 15वीं तिथि (28 मई, 2008) को संसद की पहली बैठक में इसकी घोषणा की गई, जिसके साथ 240 साल पुरानी राजशाही समाप्त हो गई। तब से, ज्येष्ठ मास की 15वीं तिथि को पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
Stay updated with Latest International News in Hindi on Prabhasakshi    

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow