पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने गुरुवार को सिंधु जल संधि को 'रेड लाइन' करार देते हुए कहा कि इस्लामाबाद जल मुद्दे पर कभी समझौता नहीं करेगा, क्योंकि यह देश के 240 मिलियन लोगों के मूल अधिकारों से जुड़ा हुआ है। मुनीर की टिप्पणी उस समय आई जब वह विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, प्रिंसिपलों और वरिष्ठ शिक्षकों और शिक्षाविदों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कभी भी भारतीय आधिपत्य को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पानी पाकिस्तान की लाल रेखा है और हम 240 मिलियन पाकिस्तानियों के इस बुनियादी अधिकार पर कोई समझौता नहीं होने देंगे। वे पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के कदम का जिक्र कर रहे थे। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।
मुनीर ने झूठा दावा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत के छह एयरक्राफ्ट गिरा दिए थे। आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तान कभी भी भारत की सरपरस्ती नहीं स्वीकार करेगा। भारत ने जोर देकर कहा है कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना "विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से"बंद नहीं कर देता, क्योंकि "पानी और खून" एक साथ नहीं बह सकते। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता केवल पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करने पर ही होगी। भारत ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे पर ऑपरेशन सिंदूर के हिस्से के रूप में सटीक हमले किए।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के कदम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हम 24 करोड़ पाकिस्तानियों के इस बुनियादी अधिकार पर कोई समझौता नहीं होने देंगे।मुनीर ने यह भी दावा किया कि बलूचिस्तान में आतंकवादियों को भारत का समर्थन प्राप्त है और प्रांत में अशांति फैलाने वाले आतंकवादियों का संबंध बलोच लोगों से है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।