Nepal Flood Update | नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही! मरने वालों की संख्या 626 पहुंची, बारिश के बीच 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता
चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और एवलांच के बाद नेपाल और तिब्बत के इलाकों में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण खोज और बचाव अभियानों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में जलस्तर दोबारा बढ़ने से नेपाली अधिकारियों ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है। इस आपदा ने और बाढ़ आने का डर भी पैदा कर दिया है। नेपाली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पहले आई बाढ़ वाली जगह पर जलस्तर बढ़ने से फिर से खतरा हो सकता है। भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में लोगों और बचाव कर्मियों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया गया है।इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने ISS अंतरिक्ष यात्रियों से की बातचीत, नयी स्पेस एकेडमी का किया ऐलाननेपाल में अचानक आई बाढ़: ताज़ा अपडेटभयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल और तिब्बत में कम से कम 2,478 लोग अभी भी लापता हैं। शिन्हुआ के अनुसार, लापता लोगों में से 1,924 नेपाल से हैं, जबकि 554 तिब्बत में लापता हैं।यह कुल संख्या गुरुवार को बताई गई संख्या से 1,000 से ज़्यादा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे वे आपदा के पैमाने का आकलन कर रहे हैं, ये संख्या बदल सकती है। नेपाल की आपदा एजेंसी ने कहा कि पर्यटकों और विदेशी कामगारों सहित 517 विदेशी अभी भी लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने सीमा के अपनी तरफ़ 260 और विदेशियों के लापता होने की सूचना दी।नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के बाद 121 पर्यटकों को बचाया गया। स्थानीय निवासियों और विदेशी कामगारों सहित बचाए गए लोगों की कुल संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। नेपाल पुलिस ने देश में मरने वालों की संख्या 626 बताई है, जो शुक्रवार को आपदा एजेंसी द्वारा बताई गई 579 की संख्या से ज़्यादा है। तिब्बत में सात और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।बाढ़ से इलाके तक जाने वाली सड़कें नष्ट होने के कारण चीनी बचाव दल सबसे बुरी तरह प्रभावित ग्यािरोंग सीमा क्रॉसिंग पर शुक्रवार को ही पहुँच पाए। 21 सदस्यों की एक टीम और एक खोज-और-बचाव कुत्ते ने पहाड़ों और घाटियों को पार किया, और जंगलों व खड़ी चट्टानों से गुज़रने के लिए रस्सियों का इस्तेमाल किया। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और एवलांच के बाद नेपाल और तिब्बत के इलाकों में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण खोज और बचाव अभियानों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में जलस्तर दोबारा बढ़ने से नेपाली अधिकारियों ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है।
इस आपदा ने और बाढ़ आने का डर भी पैदा कर दिया है। नेपाली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पहले आई बाढ़ वाली जगह पर जलस्तर बढ़ने से फिर से खतरा हो सकता है। भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में लोगों और बचाव कर्मियों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया गया है।
इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने ISS अंतरिक्ष यात्रियों से की बातचीत, नयी स्पेस एकेडमी का किया ऐलान
नेपाल में अचानक आई बाढ़: ताज़ा अपडेट
भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल और तिब्बत में कम से कम 2,478 लोग अभी भी लापता हैं। शिन्हुआ के अनुसार, लापता लोगों में से 1,924 नेपाल से हैं, जबकि 554 तिब्बत में लापता हैं।
यह कुल संख्या गुरुवार को बताई गई संख्या से 1,000 से ज़्यादा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे वे आपदा के पैमाने का आकलन कर रहे हैं, ये संख्या बदल सकती है। नेपाल की आपदा एजेंसी ने कहा कि पर्यटकों और विदेशी कामगारों सहित 517 विदेशी अभी भी लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने सीमा के अपनी तरफ़ 260 और विदेशियों के लापता होने की सूचना दी।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के बाद 121 पर्यटकों को बचाया गया। स्थानीय निवासियों और विदेशी कामगारों सहित बचाए गए लोगों की कुल संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। नेपाल पुलिस ने देश में मरने वालों की संख्या 626 बताई है, जो शुक्रवार को आपदा एजेंसी द्वारा बताई गई 579 की संख्या से ज़्यादा है। तिब्बत में सात और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
बाढ़ से इलाके तक जाने वाली सड़कें नष्ट होने के कारण चीनी बचाव दल सबसे बुरी तरह प्रभावित ग्यािरोंग सीमा क्रॉसिंग पर शुक्रवार को ही पहुँच पाए। 21 सदस्यों की एक टीम और एक खोज-और-बचाव कुत्ते ने पहाड़ों और घाटियों को पार किया, और जंगलों व खड़ी चट्टानों से गुज़रने के लिए रस्सियों का इस्तेमाल किया।
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