NEET धांधली पर IMA का फूटा गुस्सा, Dharmendra Pradhan को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे पत्र में एनईटी-यूजी 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन ने कहा कि पिछले चार वर्षों में एनईटी लगातार विवादों में घिरी रही है, और इस दौरान परीक्षा दो बार रद्द भी की जा चुकी है। आईएमए के अनुसार, इस तरह की बार-बार होने वाली समस्याओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर मानसिक तनाव और अनिश्चितता पैदा की है। इसे भी पढ़ें: NEET परीक्षा में क्या क्या होने जा रहा बदलाव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विस्तार से बतायाइस वर्ष, लगभग 22.5 लाख उम्मीदवारों ने NEET-UG 2026 परीक्षा दी, जो देशभर के 550 से अधिक शहरों और 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (IMA) ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर एक ही दिन में ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है, जिससे अनियमितताओं का खतरा बढ़ जाता है। आईएमए ने इस स्थिति के जवाब में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें रखी हैं। इसने नीईटी परीक्षा प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण की मांग की है और सुझाव दिया है कि राज्यों को अधिक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन प्रारूप में आयोजित की जाए। इसे भी पढ़ें: NEET UG 2026 Re-Exam | 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं, धांधली की इजाज़त नहीं देंगे', शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का बड़ा ऐलानइसके अलावा, आईएमए ने मामले की सीबीआई जांच और इसमें शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, उसने कथित अनियमितताओं के पीछे के पूरे नेटवर्क की व्यापक और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। एसोसिएशन ने इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

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May 15, 2026 - 21:43
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NEET धांधली पर IMA का फूटा गुस्सा, Dharmendra Pradhan को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे पत्र में एनईटी-यूजी 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन ने कहा कि पिछले चार वर्षों में एनईटी लगातार विवादों में घिरी रही है, और इस दौरान परीक्षा दो बार रद्द भी की जा चुकी है। आईएमए के अनुसार, इस तरह की बार-बार होने वाली समस्याओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर मानसिक तनाव और अनिश्चितता पैदा की है।
 

इसे भी पढ़ें: NEET परीक्षा में क्या क्या होने जा रहा बदलाव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विस्तार से बताया


इस वर्ष, लगभग 22.5 लाख उम्मीदवारों ने NEET-UG 2026 परीक्षा दी, जो देशभर के 550 से अधिक शहरों और 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (IMA) ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर एक ही दिन में ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है, जिससे अनियमितताओं का खतरा बढ़ जाता है। आईएमए ने इस स्थिति के जवाब में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें रखी हैं। इसने नीईटी परीक्षा प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण की मांग की है और सुझाव दिया है कि राज्यों को अधिक जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन प्रारूप में आयोजित की जाए।
 

इसे भी पढ़ें: NEET UG 2026 Re-Exam | 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं, धांधली की इजाज़त नहीं देंगे', शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का बड़ा ऐलान


इसके अलावा, आईएमए ने मामले की सीबीआई जांच और इसमें शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, उसने कथित अनियमितताओं के पीछे के पूरे नेटवर्क की व्यापक और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। एसोसिएशन ने इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।
 
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

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