Masik Shivratri July 2026: महादेव की बरसेगी दोगुनी कृपा, Masik Shivratri पर बन रहा यह Special संयोग, जानें तारीख

हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है। शिव-पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए लोग मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं। इस बार आषाढ़ माह की मासिक शिवरात्रि 12 जुलाई 2026 को पड़ रही है। वहीं इस दिन रवि प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। जिससे इस तिथि का महत्व अधिक हो गया है।तिथि व मुहूर्तवैदिक पंचांग के मुताबिक आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 12 जुलाई 2026 की रात 10:30 मिनट से हो रही है। वहीं अगले दिन यानी की 13 जुलाई 2026 की शाम 06:49 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। वहीं भगवान शिव की पूजा के लिए मध्यरात्रि निशिता काल का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसलिए 12 जुलाई 2026 को मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा की जाएगी।इसे भी पढ़ें: Mercury Transit in Gemini: 7 जुलाई से बुध का गोचर, ये 3 गलतियां आपको कर सकती हैं कंगालऐसे करें पूजाइस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। फिर महादेव के धतूरा, बेलपत्र, आक के फूल, अक्षत और चंदन आदि अर्पित करें। भोग में फल और मिठाइयों का भोग लगाएं। इस दौरान शिव मंत्रों का जाप करते रहें। शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती करें।बन रहा ऐसा संयोगइस बार 12 जुलाई 2026 को एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी दिन रवि प्रदोष और मासिक शिवरात्रि एक साथ पड़ रहे हैं। रविवार को प्रदोष व्रत होने से इसको 'रवि प्रदोष' व्रत कहा जाता है।

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Jul 6, 2026 - 12:59
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Masik Shivratri July 2026: महादेव की बरसेगी दोगुनी कृपा, Masik Shivratri पर बन रहा यह Special संयोग, जानें तारीख
हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है। शिव-पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए लोग मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं। इस बार आषाढ़ माह की मासिक शिवरात्रि 12 जुलाई 2026 को पड़ रही है। वहीं इस दिन रवि प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। जिससे इस तिथि का महत्व अधिक हो गया है।

तिथि व मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 12 जुलाई 2026 की रात 10:30 मिनट से हो रही है। वहीं अगले दिन यानी की 13 जुलाई 2026 की शाम 06:49 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। वहीं भगवान शिव की पूजा के लिए मध्यरात्रि निशिता काल का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसलिए 12 जुलाई 2026 को मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: Mercury Transit in Gemini: 7 जुलाई से बुध का गोचर, ये 3 गलतियां आपको कर सकती हैं कंगाल


ऐसे करें पूजा

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। फिर महादेव के धतूरा, बेलपत्र, आक के फूल, अक्षत और चंदन आदि अर्पित करें। भोग में फल और मिठाइयों का भोग लगाएं। इस दौरान शिव मंत्रों का जाप करते रहें। शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती करें।

बन रहा ऐसा संयोग

इस बार 12 जुलाई 2026 को एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी दिन रवि प्रदोष और मासिक शिवरात्रि एक साथ पड़ रहे हैं। रविवार को प्रदोष व्रत होने से इसको 'रवि प्रदोष' व्रत कहा जाता है।

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