इटली के महान चित्रकार लियोनार्डो दा विंची का आज ही के दिन यानी की 02 मई को निधन हो गया था। कुछ लोग लियोनार्डो दा विंची को उनकी पेंटिंग 'मोनालिसा' की वजह से जानते हैं। तो वहीं कुछ लोग उनको उनकी पेंटिंग 'द वैप्टिस्म ऑफ क्राइस्ट', 'द एनंसिएशन', 'द अडोरेशन ऑफ द मागी', 'मडोना ऑफ द कारनेशन' द मागी की वजह से भी जानते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो दुनिया के अधिकतर लोग लियोनार्डो को उनकी पेंटिंग्स के लिए जानते हैं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर चित्रकार लियोनार्डो दा विंची के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
इटली के विंची में 15 अप्रैल 1452 को लियोनार्डो दा विंची का जन्म हुआ था। लियानोर्डो दा विंची कभी स्कूल नहीं गए थे। लेकिन उन्होंने जीव विज्ञान और शरीर की रचना के विज्ञान पर खूब जानकारी जमा की थी।
इन चीजों का अविष्कार
लियोनार्डो दा विंची ने उड़ने वाली मशीन, हथियारबंद वाहन, आकाश के रंग और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर अवधारणा देने का श्रेय जाता है। उन्होंने कैंची का भी अविष्कार किया है। लियोनार्डो ने हॉस्पिटल में मौजूद शवों के माध्यम से शरीर की संरचना का अध्ययन किया। लियोनार्डो ने उनके करीब 240 चित्र बनाए। वहीं 13,000 शब्दों में मानव शरीर की संरचना पर आधारित दस्तावेज लिए। जिसके जरिए मानव शरीर की संरचना के बारे में काफी कुछ जानकारी हासिल की जा सकती है।
इस पेंटिंग से मिली पहचान
लियोनार्डो दा विंची को उनकी मशहूर पेंटिंग मोनालिया के कारण ज्यादा पहचाना गया। यह एक लड़की का पोट्रेट था, जिसके बारे में तमाम व्याख्याएं हुईं। आज भी इस पर बहस होती है कि पेंटिंग में लड़की मुस्कुरा रही है या फिर दुखी है। इस पेंटिंग की लड़की के चेहरे के भावों को पढ़ना शोध का विषय रहा है।
मोनालिसा की पेंटिंग के अलावा लियोनार्डो की अन्य बहुत सी कृतियां फेमस हुईं। जिनमें से द लास्ट सपर ऐसी पेंटिंग थी, जिसके दुनिया भर में सबसे ज्यादा अनुकृतियां बनीं। विट्रयूवियन मैन भी लियोनार्डो की महान धरोहर मानी जाती है। इसके साथ ही 'द वैप्टिस्म ऑफ क्राइस्ट', 'द अडोरेशन ऑफ द मागी', 'द एनंसिएशन' और 'मडोना ऑफ द कारनेशन' भी उनकी रोचक कृतियों में शामिल है।
मृत्यु
वहीं 02 मई 1519 को फ्रांस में लियोनार्डो दा विंची का निधन हो गया था।