Punjab सरकार के खिलाफ President Murmu से मिलेंगे Raghav Chadha

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, वे पंजाब में सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई की शिकायत करना चाहते हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने उन्हें 5 मई की सुबह 10:40 बजे मिलने का समय दे दिया है।क्या है पूरा मामला?राघव चड्ढा का आरोप है कि पंजाब के सरकारी तंत्र का इस्तेमाल उन सांसदों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो हाल ही में 'आप' छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राघव चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच दूरियों की खबरें लगातार चर्चा में हैं। इसे भी पढ़ें: Vivek Vihar Fire Tragedy: PM Modi ने जताया दुख, मृतकों के लिए 2 लाख की मदद का ऐलानराघव चड्ढा और केजरीवाल के बीच बढ़ती दूरियांराघव चड्ढा कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिने जाते थे, लेकिन हाल के दिनों में समीकरण बदलते दिखे हैं। बताया जा रहा है कि जब केजरीवाल जेल में थे, तब राघव चड्ढा का लंदन में होना और वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करना पार्टी नेतृत्व को रास नहीं आया। उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान भी पंजाब की मुख्य रणनीति से दूर रखा गया, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे।मेरी खामोशी को हार मत समझनापार्टी में अपनी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इशारों-इशारों में बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, 'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।' उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Samajwadi Party में जाने की अटकलें खारिज, पर Vinesh Phogat के आरोपों पर Brij Bhushan ने साध ली चुप्पीआंदोलन से राज्यसभा तक का सफरराघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 'आप' के साथ आंदोलन के समय से की थी। वे 2015 में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने और 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया और 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य बने। हालांकि, पिछले कुछ समय से पार्टी के अहम मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं।

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May 3, 2026 - 18:35
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Punjab सरकार के खिलाफ President Murmu से मिलेंगे Raghav Chadha
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, वे पंजाब में सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई की शिकायत करना चाहते हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने उन्हें 5 मई की सुबह 10:40 बजे मिलने का समय दे दिया है।

क्या है पूरा मामला?

राघव चड्ढा का आरोप है कि पंजाब के सरकारी तंत्र का इस्तेमाल उन सांसदों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो हाल ही में 'आप' छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राघव चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच दूरियों की खबरें लगातार चर्चा में हैं।
 

इसे भी पढ़ें: Vivek Vihar Fire Tragedy: PM Modi ने जताया दुख, मृतकों के लिए 2 लाख की मदद का ऐलान


राघव चड्ढा और केजरीवाल के बीच बढ़ती दूरियां

राघव चड्ढा कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिने जाते थे, लेकिन हाल के दिनों में समीकरण बदलते दिखे हैं। बताया जा रहा है कि जब केजरीवाल जेल में थे, तब राघव चड्ढा का लंदन में होना और वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करना पार्टी नेतृत्व को रास नहीं आया। उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान भी पंजाब की मुख्य रणनीति से दूर रखा गया, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे।

मेरी खामोशी को हार मत समझना

पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इशारों-इशारों में बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, 'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।' उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
 

इसे भी पढ़ें: Samajwadi Party में जाने की अटकलें खारिज, पर Vinesh Phogat के आरोपों पर Brij Bhushan ने साध ली चुप्पी


आंदोलन से राज्यसभा तक का सफर

राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 'आप' के साथ आंदोलन के समय से की थी। वे 2015 में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने और 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया और 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य बने। हालांकि, पिछले कुछ समय से पार्टी के अहम मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं।

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