Delhi-NCR को बड़ी सौगात, Noida International Airport से 15 जून से Commercial Flights शुरू, सफर होगा आसान
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (एनआईए) 15 जून से वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन शुरू करेगा। एनआईए ने शुक्रवार को यह घोषणा की। हवाई अड्डा संचालक के बयान के अनुसार, पहली यात्री उड़ान का संचालन इंडिगो करेगी, जिसके बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द परिचालन शुरू करेंगी। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से हवाई अड्डा सुरक्षा कार्यक्रम (एएसपी) की मंजूरी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। इस मंजूरी से यह पुष्टि होती है कि हवाई अड्डे की सुरक्षा प्रणाली, ढांचा और परिचालन प्रक्रियाएं वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने से पहले नियामकीय मानकों के अनुरूप हैं। कंपनी ने कहा कि उड़ानों के समय, गंतव्यों और यात्री सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित इस हवाई अड्डे में आधुनिक टर्मिनल बुनियादी ढांचा औरकुशल परिचालन की व्यवस्था की गई है। हवाई अड्डे का उद्देश्य यात्रियों को निर्बाध अनुभव प्रदान करना है, साथ ही एयरलाइन कंपनियों को लागत-कुशल और भरोसेमंद परिचालन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने से क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक वृद्धि, व्यापार, पर्यटन तथा निवेश को समर्थन मिलेगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रमुख घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ेगा। वर्तमान में यहां एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के तहत रियायत अवधि में चरणबद्ध तरीके से इसकी क्षमता बढ़ाकर सात करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (एनआईए) 15 जून से वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन शुरू करेगा। एनआईए ने शुक्रवार को यह घोषणा की। हवाई अड्डा संचालक के बयान के अनुसार, पहली यात्री उड़ान का संचालन इंडिगो करेगी, जिसके बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द परिचालन शुरू करेंगी। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से हवाई अड्डा सुरक्षा कार्यक्रम (एएसपी) की मंजूरी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।
इस मंजूरी से यह पुष्टि होती है कि हवाई अड्डे की सुरक्षा प्रणाली, ढांचा और परिचालन प्रक्रियाएं वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने से पहले नियामकीय मानकों के अनुरूप हैं। कंपनी ने कहा कि उड़ानों के समय, गंतव्यों और यात्री सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित इस हवाई अड्डे में आधुनिक टर्मिनल बुनियादी ढांचा औरकुशल परिचालन की व्यवस्था की गई है।
हवाई अड्डे का उद्देश्य यात्रियों को निर्बाध अनुभव प्रदान करना है, साथ ही एयरलाइन कंपनियों को लागत-कुशल और भरोसेमंद परिचालन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने से क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक वृद्धि, व्यापार, पर्यटन तथा निवेश को समर्थन मिलेगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रमुख घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ेगा। वर्तमान में यहां एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के तहत रियायत अवधि में चरणबद्ध तरीके से इसकी क्षमता बढ़ाकर सात करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।
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