फिल्मी दुनिया के दिग्गज डायरेक्टर रहे सत्यजीत रे का 02 मई को जन्म हुआ था। सत्यजीत रे के लहू में कला और कलम में लेखन की अद्भुत शक्ति थी। देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में उनकी गहरी छाप रही है। सिनेमा और कला के क्षेत्र में सत्यजीत रे के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सत्यजीत रे को फ़िल्मों में विशेष योगदान के लिए उनको ऑस्कर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर सत्यजीत रे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
कोलकाता में 02 मई 1921 को सत्यजीत रे का जन्म हुआ था। इनके पिता एक जाने-माने राइटर थे। उनका बचपन कोलकाता जैसे खूबसूरत शहर में बीता था। उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद विश्व भारती विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी। इसके बाद सत्यजीत रे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए थे।
विज्ञापन एजेंसी में किया काम
फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले सत्यजीत रे ने एक ब्रिटिश विज्ञापन एजेंसी में काम किया था। साल 1950 में इस एजेंसी के साथ लंदन में बिताए 6 महीने में सत्यजीत रे के मन में फिल्म मेकिंग को लेकर दिलचस्पी बनाई। इस दौरान सत्यजीत रे ने बाइसिकल थीफ नाम की फिल्म देखी। जिसने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला था।
पहली फिल्म
इसके बाद साल 1955 में सत्यजीत रे ने फिल्म 'पाथेर पांचाली' नामक फिल्म बनाई। इस फिल्म ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में नाम कमाया था। इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक माना जाता है। बता दें कि सत्यजीत रे ने अपने फिल्मी करियर में 36 फिल्मों का डायरेक्शन किया है। इनमें से अप्पू ट्रॉयलॉजी की कहानियां आज भी लोगों को याद है। उनकी फिल्मों को भारतीय सिनेमा का आईना कहा जाता है।
बता दें कि आज भी सत्यजीत रे की फिल्में ऐज भी सिनेमाई दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखती हैं। यह भारत के उन चंद डायरेक्टर्स में से हैं, जिनमें दुनिया के दिग्गज फिल्म मेकर्स सलाम ठोका करते थे।
मिला था ऑस्कर
सत्यजीत रे को कई खिताबों से सम्मानित किया जा चुका है। भारत रत्न से लेकर फ्रांस के ऑनर तक से सत्यजीत रे को सम्मानित किया जा चुका है। उनको ऑस्कर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।
मृत्यु
वहीं 23 अप्रैल 1992 को सत्यजीत रे का निधन हो गया था।