एक महिला होना आसान नहीं है, खासकर जब बात पीरियड्स की हो, तब चीजें और भी मुश्किल लगने लगती हैं। पीरियड्स जल्दी आ जाएं तो परेशानी, लेट हो जाएं तो टेंशन और अगर मिस हो जाएं तो मानो खतरे की घंटी बजने लगती है। आमतौर पर महिलाओं को सबसे ज्यादा चिंता तब होती है, जब पीरियड्स समय पर नहीं आते। ऐसे में कई महिलाएं घरेलू नुस्खे अपनाने लगती हैं।
अगर आप सेक्सुअली एक्टिव हैं, तो पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी भी हो सकता है। इसलिए सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। अगर टेस्ट नेगेटिव आता है और फिर भी पीरियड्स लेट हो रहे हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मिताली ने कुछ आसान टिप्स साझा किए हैं, जो इस समस्या में मदद कर सकते हैं।
डॉक्टर मिताली ने क्या कहा?
डॉ. मिताली के मुताबिक, अगर प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आने के बाद भी पीरियड्स समय पर नहीं आ रहे हैं तो इसकी सबसे बड़ी वजह स्ट्रेस हो सकता है। इसके अलावा देर रात तक जागना, जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना और खराब लाइफस्टाइल भी पीरियड्स के अनियमित होने की बड़ी वजह बन सकते हैं।
पीरियड्स आने में देरी हो जाए तो क्या करें?
सुबह की शुरुआत हेल्दी तरीके से करें: डॉ. मिताली ने बताया कि महिलाओं को अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीने से करनी चाहिए, ये सेहत के लिए अच्छा होता है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।
खाने में फल और सब्जियां जरूर शामिल करें: डॉ. मिताली ने महिलाओं को हर मील में सही मात्रा में सब्जियां और फल शामिल करने की सलाह दी, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे।
जंक फूड से दूरी बनाएं: डॉ. मिताली ने महिलाओं को सलाह दी कि तली-भुनी, ज्यादा मीठी और अनहाइजीनिक जंक फूड चीजों को जितना हो सके कम कर दें।
संतुलित भोजन करें: डॉ. मिताली के अनुसार, दिन में 3 बार बैलेंस डाइट लें। खाने में सब्जी, रोटी और प्रोटीन का कोई अच्छा सोर्स जरूर शामिल करें। साथ ही हर बार खाने में थोड़ा बदलाव भी रखें।
शरीर को हाइड्रेट रखें: डॉ. मिताली ने बताया कि इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर पानी पिएं। इसमें सेंधा नमक, नींबू, संतरा, खीरा और पुदीने की पत्तियां मिलाई जा सकती हैं। कोशिश करें कि दिनभर में 12-14 गिलास पानी घूंट-घूंट करके पिएं।
अगर फिर भी पीरियड्स न आएं तो क्या करें?
इन बातों को 7-10 दिनों तक फॉलो करें। अगर इसके बाद भी पीरियड्स नहीं आते हैं, या पिछले कई महीनों से पीरियड्स अनियमित हैं, तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।