KreditBee में निवेश को लेकर हलचल, IPO से पहले 120 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी

भारतीय फिनटेक सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज़ होती दिख रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग स्टार्टअप क्रेडिटबी में निवेश को लेकर कई बड़े निवेश फर्म सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि हॉर्नबिल कैपिटल और जापान की एमयूएफजी समर्थित ड्रैगन फंड्स सहित कुछ निवेशक कंपनी में हिस्सेदारी लेने की संभावनाएं टटोल रहे हैं।बता दें कि यह फंडरेज़ 100 से 120 मिलियन डॉलर के दायरे में हो सकता है और इसे कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ से पहले लाने की तैयारी हैं। यह राउंड मुख्य रूप से प्राइमरी होगा, जबकि एक छोटा सेकेंडरी हिस्सा भी शामिल रह सकता है, जिसके तहत शुरुआती एंजेल निवेशक आंशिक एग्ज़िट पर विचार कर रहे हैं।गौरतलब है कि यह 2023 के बाद क्रेडिटबी का पहला बड़ा पूंजी जुटाने का प्रयास होगा। जानकारों के मुताबिक, इस डील के लिए बोलियां इसी महीने के अंत तक मांगी गई हैं और कम से कम तीन से चार फंड्स ने रुचि दिखाई हैं। डील के मौजूदा तिमाही के अंत तक बंद होने की संभावना जताई जा रही हैं।इससे पहले सितंबर में सामने आया था कि कंपनी ने प्री-आईपीओ फंडरेज़ के लिए नोमुरा और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज को जिम्मेदारी सौंपी हैं। आईपीओ की तैयारी के तहत क्रेडिटबी ने अपनी दो भारतीय इकाइयों का विलय किया है और मुख्यालय भारत स्थानांतरित करने के लिए करीब 100 मिलियन डॉलर का टैक्स भुगतान भी किया हैं।कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नज़र डालें तो FY24 में इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 285 करोड़ रुपये तक पहुंच गया हैं, जबकि राजस्व में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। क्रेडिटबी पर्सनल लोन, चेकआउट फाइनेंस और डिजिटल गोल्ड जैसे उत्पाद उपलब्ध कराती हैं और इसके लाखों सक्रिय ग्राहक देशभर में फैले हुए हैं। यदि आईपीओ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार में उतरने वाली अगली प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल हो सकती हैं।

PNSPNS
Jan 15, 2026 - 14:06
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KreditBee में निवेश को लेकर हलचल, IPO से पहले 120 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी
भारतीय फिनटेक सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज़ होती दिख रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग स्टार्टअप क्रेडिटबी में निवेश को लेकर कई बड़े निवेश फर्म सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि हॉर्नबिल कैपिटल और जापान की एमयूएफजी समर्थित ड्रैगन फंड्स सहित कुछ निवेशक कंपनी में हिस्सेदारी लेने की संभावनाएं टटोल रहे हैं।

बता दें कि यह फंडरेज़ 100 से 120 मिलियन डॉलर के दायरे में हो सकता है और इसे कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ से पहले लाने की तैयारी हैं। यह राउंड मुख्य रूप से प्राइमरी होगा, जबकि एक छोटा सेकेंडरी हिस्सा भी शामिल रह सकता है, जिसके तहत शुरुआती एंजेल निवेशक आंशिक एग्ज़िट पर विचार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह 2023 के बाद क्रेडिटबी का पहला बड़ा पूंजी जुटाने का प्रयास होगा। जानकारों के मुताबिक, इस डील के लिए बोलियां इसी महीने के अंत तक मांगी गई हैं और कम से कम तीन से चार फंड्स ने रुचि दिखाई हैं। डील के मौजूदा तिमाही के अंत तक बंद होने की संभावना जताई जा रही हैं।

इससे पहले सितंबर में सामने आया था कि कंपनी ने प्री-आईपीओ फंडरेज़ के लिए नोमुरा और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज को जिम्मेदारी सौंपी हैं। आईपीओ की तैयारी के तहत क्रेडिटबी ने अपनी दो भारतीय इकाइयों का विलय किया है और मुख्यालय भारत स्थानांतरित करने के लिए करीब 100 मिलियन डॉलर का टैक्स भुगतान भी किया हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नज़र डालें तो FY24 में इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 285 करोड़ रुपये तक पहुंच गया हैं, जबकि राजस्व में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। क्रेडिटबी पर्सनल लोन, चेकआउट फाइनेंस और डिजिटल गोल्ड जैसे उत्पाद उपलब्ध कराती हैं और इसके लाखों सक्रिय ग्राहक देशभर में फैले हुए हैं। यदि आईपीओ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार में उतरने वाली अगली प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल हो सकती हैं।

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