Kharna Special: छठ व्रत में रसिया प्रसाद बनाने का यह है शुद्ध पारंपरिक तरीका, नहीं फटेगा दूध

आज यानी 25 अक्टूबर, शनिवार से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। छठ पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से इसकी शुरुआत होती है। आज के दिन महिलाएं अपने घर की साफ-सफाई के साथ खास तरह के भोजन बनाती है। जैसे कि चना की दाल, लौकी-कद्दू की सब्जी, अरवा चावल बनाता है, इसे प्रसाद के रुप में सभी लोग खाते हैं। इसके अगले दिन खरना बोला जाता है। इस दिन महिलाएं प्रसाद के तौर पर रसिया को खाती हैं और 36 घंटे के व्रत की शुरुआत करती हैं। रसिया यानी चावल और गुड़ की खीर होती है, इसे बनाने में काफी समय लगता है। कई बार तो बनाते समय दूध फट जाता है। आइए आपको बताते हैं इन बातों को ध्यान में रखकर चावल और गुड़ की खीर जरुर बनाएं।चावल और गुड़ की खीर बनाते समय सावधानी बरतें - सबसे पहले साफ बर्तनों में दूध को उबालें। - फिर आप अरवा चावल को अच्छे से धोकर साफ करें और दूध में डालकर धीमी आंच पर पकाएं। - इस खीर को मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है। जिससे खरना की शुद्धता बनीं रहे। अगर आपके घर में मिट्टी का चूल्हा ना हो, तो खीर को गोबर के उपले पर बना सकते हैं। गाय के गोबर के उपले पर बनी खीर भी पवित्र मानी जाती है। - जब दूध में चावल पूरी तरह पक जाए तो इसे आंच से नीचे उतारकर ठंडा कर लिया जाता है। ठंडा होने के बाद इसमें गुड़ डालते हैं। अगर आप उबलते और गर्म दूध में गुड़ डालेंगे तो दूध के फटे जाने का डर रहता है। इसलिए इस बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। - चावल और दूध के ठंडा होने के बाद इसमें गुड़ डालकर मिक्स करें और इसके साथ ही इसमें थोड़ा-सा घी भी डालें। इसका स्वाद और महक बढ़ जाएगा। - रसिया को गाढ़ा बनाने के लिए चावल और दूध को अच्छे से पकाएं, तभी दोनों मिलकर एकसार हो पाएंगे। इसके साथ ही गुड़ की मदद से इससे सुनहरा रंग देखने को मिलेगा। 

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Nov 3, 2025 - 17:44
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Kharna Special: छठ व्रत में रसिया प्रसाद बनाने का यह है शुद्ध पारंपरिक तरीका, नहीं फटेगा दूध

आज यानी 25 अक्टूबर, शनिवार से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। छठ पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से इसकी शुरुआत होती है। आज के दिन महिलाएं अपने घर की साफ-सफाई के साथ खास तरह के भोजन बनाती है। जैसे कि चना की दाल, लौकी-कद्दू की सब्जी, अरवा चावल बनाता है, इसे प्रसाद के रुप में सभी लोग खाते हैं। इसके अगले दिन खरना बोला जाता है। इस दिन महिलाएं प्रसाद के तौर पर रसिया को खाती हैं और 36 घंटे के व्रत की शुरुआत करती हैं। रसिया यानी चावल और गुड़ की खीर होती है, इसे बनाने में काफी समय लगता है। कई बार तो बनाते समय दूध फट जाता है। आइए आपको बताते हैं इन बातों को ध्यान में रखकर चावल और गुड़ की खीर जरुर बनाएं।

चावल और गुड़ की खीर बनाते समय सावधानी बरतें

- सबसे पहले साफ बर्तनों में दूध को उबालें।

- फिर आप अरवा चावल को अच्छे से धोकर साफ करें और दूध में डालकर धीमी आंच पर पकाएं।

- इस खीर को मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है। जिससे खरना की शुद्धता बनीं रहे। अगर आपके घर में मिट्टी का चूल्हा ना हो, तो खीर को गोबर के उपले पर बना सकते हैं। गाय के गोबर के उपले पर बनी खीर भी पवित्र मानी जाती है।

- जब दूध में चावल पूरी तरह पक जाए तो इसे आंच से नीचे उतारकर ठंडा कर लिया जाता है। ठंडा होने के बाद इसमें गुड़ डालते हैं। अगर आप उबलते और गर्म दूध में गुड़ डालेंगे तो दूध के फटे जाने का डर रहता है। इसलिए इस बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

- चावल और दूध के ठंडा होने के बाद इसमें गुड़ डालकर मिक्स करें और इसके साथ ही इसमें थोड़ा-सा घी भी डालें। इसका स्वाद और महक बढ़ जाएगा।

- रसिया को गाढ़ा बनाने के लिए चावल और दूध को अच्छे से पकाएं, तभी दोनों मिलकर एकसार हो पाएंगे। इसके साथ ही गुड़ की मदद से इससे सुनहरा रंग देखने को मिलेगा। 

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