बिहार में 7 मई को मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को सम्राट मंत्रिमंडल विस्तार समारोह आयोजित किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। संभावना है कि वे गुरुवार को शपथ लेंगे। खबरों के अनुसार, निशांत ने मंगलवार देर रात जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद सरकार में शामिल होने पर सहमति जताई।
इस संबंध में, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह के नाम से जाना जाता है, दिल्ली से पटना पहुंचे हैं और जेडीयू के अन्य नेता वर्तमान में नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर बैठक कर रहे हैं, जहां मंत्रियों की अंतिम सूची को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इन घटनाक्रमों के बीच, पार्टी द्वारा आज शाम जेडीयू मंत्रियों के नामों की घोषणा किए जाने की संभावना है। निशांत इस समय बिहार के जनसंपर्क दौरे पर हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले कहा था कि वे निशांत को मंत्रिमंडल में शामिल होते देखकर प्रसन्न होंगे।
हालांकि शुरुआत में निशांत ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था और लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे थे, लेकिन खबरों के मुताबिक मंगलवार देर रात हुई बातचीत में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और करीबी सहयोगियों ने उन्हें समझाया कि सरकार में उनका प्रवेश पार्टी और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। बैठक में लंबी चर्चा के बाद निशांत राज्य मंत्रिमंडल में भूमिका निभाने के लिए राजी हो गए।
निशांत कुमार वर्तमान में बिहार सद्भावना यात्रा पर हैं और विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों से बातचीत कर रहे हैं, उनकी शिकायतें सुन रहे हैं और नीतीश कुमार के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों पर प्रतिक्रिया एकत्र कर रहे हैं। इस बीच, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनसंपर्क अभियान भविष्य में उनके लिए एक बड़ी राजनीतिक भूमिका का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनके शामिल होने की अटकलों ने बिहार में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।