West Bengal चुनाव में हुई बड़ी धांधली, अखिलेश ने चेताया- अब UP में नई साजिश करेगी BJP
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के हालिया चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय से इस मामले का संज्ञान लेने और इस राज्य में हुई मतगणना के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने जारी करने की बुधवार को मांग की। यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि भाजपा नेताओं, अधिकारियों, कारोबारियों और ठेकेदारों का ‘बहु-स्तरीय चुनावी माफिया’ पश्चिम बंगाल में अपना खेल करने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव में किसी नयी योजना के साथ काम करेंगे। सपा प्रमुख ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर धांधली किये जाने और बड़ी संख्या में वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि उच्चतम न्यायालय तत्काल संज्ञान ले और बंगाल की मतगणना के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने उपलब्ध कराये जाएं।’’ यादव ने कहा कि जब अदालतों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो सकता है तो मतगणना की प्रक्रिया का क्यों नहीं। उन्होंने पिछले कई विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में हार-जीत के अंतर के आंकड़ों के ग्राफ पेश करते हुए निर्वाचन आयोग पर पक्षपात के गम्भीर आरोप लगाये तथा कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हुआ है, उसे समाजवादी लोग उत्तर प्रदेश में पहले ही भोग चुके हैं। सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाने को लेकर एक सवाल पर कहा, “मैं कहीं भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं गया। हमारे पास इतने संसाधन नहीं थे कि हम दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जा सकें। हम यहीं उत्तर प्रदेश में हैं और यहीं का ध्यान रखते हैं।” तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस द्वारा अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन दिये जाने के ऐलान के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुख) के नाराजगी जताने पर यादव ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन कहा, “हम क्यों बता दें कि किस पर भरोसा करेंगे और किस पर नहीं।” द्रमुक ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा बताया था। सपा प्रमुख प्रमुख ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “मैं इस मामले में कुछ नहीं कर सकता। फिलहाल हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश है। जब उत्तर प्रदेश में सपा सत्ता में आएगी, तो दिल्ली की सरकार चली जाएगी। हमने उन्हें उत्तर प्रदेश में हराया है इसलिए उनका ‘चुनाव माफिया’ हमें निशाना बनाएगा।” यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की 143 विधानसभा सीट पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 20-20 हजार से ज्यादा वोट काटे गये और उनमें से 91 सीट भाजपा जीत गयी। उन्होंने कहा, ‘‘आपको याद होगा कि यहां भाजपा के लोग घबरा गए थे, जब उनका वोट कटा और कहा कि हमारा चार करोड़ वोट कट गया। आखिर उन्हें कैसे पता कि उन्हीं का वोट कट गया है। इसका मतलब यह है कि बंगाल में जो-जो अनुभव इन्होंने प्राप्त किया है, उससे भी बड़ा कोई काम यह उत्तर प्रदेश के (आगामी विधानसभा) चुनाव में करेंगे।’’ सपा प्रमुख ने कहा कि ‘बहु-स्तरीय चुनावी माफिया’ मिलकर शोध करेंगे और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले चुनाव के लिए कोई नयी तैयारी करेंगे क्योंकि उन्होंने जो बंगाल में किया, वह तो सबके सामने आ गया। यादव ने अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में सपा की ‘ऐतिहासिक जीत’ का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘वर्ष 2027 में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) ऐतिहासिक जीत हासिल करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता चुनाव लड़ेगी, कार्यकर्ता चुनाव लड़ेगा और हमारा संगठन चुनाव लड़ेगा।’’ यादव ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) से जुड़ाव के बारे में पूछे गये एक सवाल पर कहा कि समाजवादी पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ अपना जुड़ाव जारी रखेगी लेकिन इस बार ‘पीडीए’ भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकेगा।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के हालिया चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय से इस मामले का संज्ञान लेने और इस राज्य में हुई मतगणना के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने जारी करने की बुधवार को मांग की। यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि भाजपा नेताओं, अधिकारियों, कारोबारियों और ठेकेदारों का ‘बहु-स्तरीय चुनावी माफिया’ पश्चिम बंगाल में अपना खेल करने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव में किसी नयी योजना के साथ काम करेंगे।
सपा प्रमुख ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर धांधली किये जाने और बड़ी संख्या में वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि उच्चतम न्यायालय तत्काल संज्ञान ले और बंगाल की मतगणना के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने उपलब्ध कराये जाएं।’’ यादव ने कहा कि जब अदालतों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो सकता है तो मतगणना की प्रक्रिया का क्यों नहीं। उन्होंने पिछले कई विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में हार-जीत के अंतर के आंकड़ों के ग्राफ पेश करते हुए निर्वाचन आयोग पर पक्षपात के गम्भीर आरोप लगाये तथा कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हुआ है, उसे समाजवादी लोग उत्तर प्रदेश में पहले ही भोग चुके हैं।
सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाने को लेकर एक सवाल पर कहा, “मैं कहीं भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं गया। हमारे पास इतने संसाधन नहीं थे कि हम दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जा सकें। हम यहीं उत्तर प्रदेश में हैं और यहीं का ध्यान रखते हैं।” तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस द्वारा अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन दिये जाने के ऐलान के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुख) के नाराजगी जताने पर यादव ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन कहा, “हम क्यों बता दें कि किस पर भरोसा करेंगे और किस पर नहीं।” द्रमुक ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा बताया था। सपा प्रमुख प्रमुख ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “मैं इस मामले में कुछ नहीं कर सकता। फिलहाल हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश है। जब उत्तर प्रदेश में सपा सत्ता में आएगी, तो दिल्ली की सरकार चली जाएगी। हमने उन्हें उत्तर प्रदेश में हराया है इसलिए उनका ‘चुनाव माफिया’ हमें निशाना बनाएगा।”
यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की 143 विधानसभा सीट पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 20-20 हजार से ज्यादा वोट काटे गये और उनमें से 91 सीट भाजपा जीत गयी। उन्होंने कहा, ‘‘आपको याद होगा कि यहां भाजपा के लोग घबरा गए थे, जब उनका वोट कटा और कहा कि हमारा चार करोड़ वोट कट गया। आखिर उन्हें कैसे पता कि उन्हीं का वोट कट गया है। इसका मतलब यह है कि बंगाल में जो-जो अनुभव इन्होंने प्राप्त किया है, उससे भी बड़ा कोई काम यह उत्तर प्रदेश के (आगामी विधानसभा) चुनाव में करेंगे।’’
सपा प्रमुख ने कहा कि ‘बहु-स्तरीय चुनावी माफिया’ मिलकर शोध करेंगे और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले चुनाव के लिए कोई नयी तैयारी करेंगे क्योंकि उन्होंने जो बंगाल में किया, वह तो सबके सामने आ गया। यादव ने अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में सपा की ‘ऐतिहासिक जीत’ का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘वर्ष 2027 में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) ऐतिहासिक जीत हासिल करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता चुनाव लड़ेगी, कार्यकर्ता चुनाव लड़ेगा और हमारा संगठन चुनाव लड़ेगा।’’ यादव ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) से जुड़ाव के बारे में पूछे गये एक सवाल पर कहा कि समाजवादी पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ अपना जुड़ाव जारी रखेगी लेकिन इस बार ‘पीडीए’ भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकेगा।
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