Brazil vs Haiti World Cup | 'रॉकी का श्राप' और ब्राजीलियाई अंधविश्वास! फुटबॉल फैंस ने क्यों नहीं छुई फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति?

फुटबॉल की दुनिया में जीत-हार के अलावा अंधविश्वास और टोटकों का भी अपना एक अलग रोमांच होता है। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया फिलाडेल्फिया म्यूजियम ऑफ आर्ट की मशहूर सीढ़ियों पर देखने को मिला। यहाँ विश्व कप का मैच देखने आए ब्राजील के प्रशंसकों ने 'रॉकी' (Rocky) की ऐतिहासिक प्रतिमा के साथ तस्वीरें तो खिंचवाईं, लेकिन उस काल्पनिक योद्धा की मूर्ति को ठीक उसी स्थिति में छोड़ दिया जैसा उन्होंने उसे देखा था। ब्राजीलियाई प्रशंसकों को डर था कि अगर उन्होंने मूर्ति के साथ कोई छेड़छाड़ की, तो उनकी टीम पर 'रॉकी का श्राप' लग सकता है और हैती की कमजोर टीम विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर सकती है। विश्व कप का मैच देखने के लिए फिलाडेल्फिया आए हर ब्राजीलियाई प्रशंसक नौ फुट 11 इंच लंबी और 1300 पाउंड वजनी विशालकाय मूर्ति के साथ एक तस्वीर या सेल्फी लेने के लिए रुका, लेकिन उन्होंने उसे जर्सी नहीं पहनाने की अपील का पूरा ध्यान रखा। यहां आने वाले खेल प्रशंसकों ने लंबे समय से यह कड़वा सबक सीखा है कि प्रतिमा को रंगीन जर्सी, स्कार्फ, टोपी, या स्थानीय रैली हाउस में मिलने वाली किसी भी चीज से सजाने का मतलब केवल यही होता है कि उनकी टीम को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। आप इस अंधविश्वास का उपहास उड़ा सकते हैं लेकिन कुछ दिन पहले इक्वाडोर के प्रशंसकों ने रॉकी की सीढ़ियों पर कब्जा कर लिया और गाने गाए, नाचे, झंडे लहराए, रॉकी को टीम की जर्सी पहनाई और काल्पनिक योद्धा के गले में देश का झंडा बांध दिया। इक्वाडोर की टीम के लिए यह अच्छा नहीं रहा। अमाद डियालो ने 90वें मिनट में गोल करके आइवरी कोस्ट को बारह साल में पहली बार विश्व कप में भाग ले रहे इक्वाडोर पर 1-0 से जीत दिलाई। ब्राजील के प्रशंसकों ने इस परिणाम पर ध्यान दिया और उनके एक प्रशंसक समूह, ‘ग्रीन एंड येलो मूवमेंट’ ने अपने देश के किसी भी प्रशंसक को मूर्ति पर किसी भी तरह की सजावट नहीं करने की अपील की। इसके लिए उन्होंने बाकायदा इंस्टाग्राम पोस्ट पर चेतावनी जारी की थी। इस पोस्ट में कहा गया था, ‘‘प्रशंसक ध्यान दें। फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति पर ब्राजील की शर्ट लगाना पूरी तरह से मना है। कई फुटबॉल टीमों के प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति को अपने रंगों में सजाया है और हार गई।’’ ब्राजील के प्रशंसकों ने चेतावनी पर पूरा ध्यान दिया। ब्राजील ने इस मैच में हैती को 3-0 से हराया।सोशल मीडिया पर चेतावनी और ब्राजील की शानदार जीतइक्वाडोर का हश्र देखने के बाद ब्राजील के प्रशंसकों के सबसे बड़े समूह ‘ग्रीन एंड येलो मूवमेंट’ (Green and Yellow Movement) ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बाकायदा एक पोस्ट जारी कर अपने देश के प्रशंसकों को कड़ी चेतावनी दी: "प्रशंसकों ध्यान दें! फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति पर ब्राजील की शर्ट लगाना पूरी तरह से मना है। अतीत में कई टीमों के प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति को अपने रंगों में सजाया है और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।"ब्राजील के प्रशंसकों ने इस चेतावनी को बेहद गंभीरता से लिया। किसी भी फैन ने मूर्ति पर पीली जर्सी नहीं डाली। अंधविश्वास कहें या टीम का शानदार खेल, ब्राजील ने इस मैच में हैती को 3-0 से करारी शिकस्त दी और किसी भी उलटफेर से बच गए। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi  

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Jun 22, 2026 - 08:57
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Brazil vs Haiti World Cup | 'रॉकी का श्राप' और ब्राजीलियाई अंधविश्वास! फुटबॉल फैंस ने क्यों नहीं छुई फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति?

फुटबॉल की दुनिया में जीत-हार के अलावा अंधविश्वास और टोटकों का भी अपना एक अलग रोमांच होता है। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया फिलाडेल्फिया म्यूजियम ऑफ आर्ट की मशहूर सीढ़ियों पर देखने को मिला। यहाँ विश्व कप का मैच देखने आए ब्राजील के प्रशंसकों ने 'रॉकी' (Rocky) की ऐतिहासिक प्रतिमा के साथ तस्वीरें तो खिंचवाईं, लेकिन उस काल्पनिक योद्धा की मूर्ति को ठीक उसी स्थिति में छोड़ दिया जैसा उन्होंने उसे देखा था। ब्राजीलियाई प्रशंसकों को डर था कि अगर उन्होंने मूर्ति के साथ कोई छेड़छाड़ की, तो उनकी टीम पर 'रॉकी का श्राप' लग सकता है और हैती की कमजोर टीम विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर सकती है।

विश्व कप का मैच देखने के लिए फिलाडेल्फिया आए हर ब्राजीलियाई प्रशंसक नौ फुट 11 इंच लंबी और 1300 पाउंड वजनी विशालकाय मूर्ति के साथ एक तस्वीर या सेल्फी लेने के लिए रुका, लेकिन उन्होंने उसे जर्सी नहीं पहनाने की अपील का पूरा ध्यान रखा। यहां आने वाले खेल प्रशंसकों ने लंबे समय से यह कड़वा सबक सीखा है कि प्रतिमा को रंगीन जर्सी, स्कार्फ, टोपी, या स्थानीय रैली हाउस में मिलने वाली किसी भी चीज से सजाने का मतलब केवल यही होता है कि उनकी टीम को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

आप इस अंधविश्वास का उपहास उड़ा सकते हैं लेकिन कुछ दिन पहले इक्वाडोर के प्रशंसकों ने रॉकी की सीढ़ियों पर कब्जा कर लिया और गाने गाए, नाचे, झंडे लहराए, रॉकी को टीम की जर्सी पहनाई और काल्पनिक योद्धा के गले में देश का झंडा बांध दिया। इक्वाडोर की टीम के लिए यह अच्छा नहीं रहा। अमाद डियालो ने 90वें मिनट में गोल करके आइवरी कोस्ट को बारह साल में पहली बार विश्व कप में भाग ले रहे इक्वाडोर पर 1-0 से जीत दिलाई।

ब्राजील के प्रशंसकों ने इस परिणाम पर ध्यान दिया और उनके एक प्रशंसक समूह, ‘ग्रीन एंड येलो मूवमेंट’ ने अपने देश के किसी भी प्रशंसक को मूर्ति पर किसी भी तरह की सजावट नहीं करने की अपील की। इसके लिए उन्होंने बाकायदा इंस्टाग्राम पोस्ट पर चेतावनी जारी की थी।

इस पोस्ट में कहा गया था, ‘‘प्रशंसक ध्यान दें। फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति पर ब्राजील की शर्ट लगाना पूरी तरह से मना है। कई फुटबॉल टीमों के प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति को अपने रंगों में सजाया है और हार गई।’’ ब्राजील के प्रशंसकों ने चेतावनी पर पूरा ध्यान दिया। ब्राजील ने इस मैच में हैती को 3-0 से हराया।

सोशल मीडिया पर चेतावनी और ब्राजील की शानदार जीत

इक्वाडोर का हश्र देखने के बाद ब्राजील के प्रशंसकों के सबसे बड़े समूह ‘ग्रीन एंड येलो मूवमेंट’ (Green and Yellow Movement) ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बाकायदा एक पोस्ट जारी कर अपने देश के प्रशंसकों को कड़ी चेतावनी दी: "प्रशंसकों ध्यान दें! फिलाडेल्फिया में रॉकी की मूर्ति पर ब्राजील की शर्ट लगाना पूरी तरह से मना है। अतीत में कई टीमों के प्रशंसकों ने रॉकी की मूर्ति को अपने रंगों में सजाया है और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।"

ब्राजील के प्रशंसकों ने इस चेतावनी को बेहद गंभीरता से लिया। किसी भी फैन ने मूर्ति पर पीली जर्सी नहीं डाली। अंधविश्वास कहें या टीम का शानदार खेल, ब्राजील ने इस मैच में हैती को 3-0 से करारी शिकस्त दी और किसी भी उलटफेर से बच गए। 


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