Indian Army की बढ़ेगी मारक क्षमता, Adani Defence ने सौंपी 2000 स्वदेशी 'प्रहार' LMG

देश की एक रक्षा कंपनी ने शनिवार को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत निर्मित 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (एलएमजी) की पहली खेप भारतीय सेना को सौंप दी। ‘प्रहार’ नामक यह एलएमजी 7.62 एमएम कैलिबर की है जिसे ‘अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ द्वारा ग्वालियर के बाहरी क्षेत्र स्थित इसके लघु अस्त्र परिसर में निर्मित किया गया है। सेना को एलएमजी सौंपने के लिए शनिवार को संबंधित परिसर में एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (खरीद) ए. अंबरासु तथा ‘अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष राजवंशी और निजी कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बाद में, अंबरासु ने सेना के लिए बनी एलएमजी की पहली खेप ले जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाई। झंडी दिखाए जाने के बाद राजवंशी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज जिस यात्रा की शुरुआत हुई है, उसे पूरा करने में हमें छह साल लगे-बोली जमा करने से लेकर अब तक-और हमने इसे तय समय से 11 महीने पहले ही पूरा करके सौंप दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ग्राहक ने हमें जो मूल समयसीमा दी थी, वह सात साल से ज़्यादा की थी, लेकिन मैं आपको भरोसा दिला सकता हूँ कि अगले तीन साल में पूरा ‘ऑर्डर’ उपलब्ध करा दिया जाएगा।’’ कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि एलएमजी के लिए कुल ऑर्डर लगभग 40,000 हथियारों का है। अंबरासु ने तय समय से कई महीने पहले ही पहली खेप उपलब्ध कराए जाने पर कंपनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग के भागीदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

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Mar 29, 2026 - 12:02
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Indian Army की बढ़ेगी मारक क्षमता, Adani Defence ने सौंपी 2000 स्वदेशी 'प्रहार' LMG

देश की एक रक्षा कंपनी ने शनिवार को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत निर्मित 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (एलएमजी) की पहली खेप भारतीय सेना को सौंप दी। ‘प्रहार’ नामक यह एलएमजी 7.62 एमएम कैलिबर की है जिसे ‘अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ द्वारा ग्वालियर के बाहरी क्षेत्र स्थित इसके लघु अस्त्र परिसर में निर्मित किया गया है। सेना को एलएमजी सौंपने के लिए शनिवार को संबंधित परिसर में एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (खरीद) ए. अंबरासु तथा ‘अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष राजवंशी और निजी कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बाद में, अंबरासु ने सेना के लिए बनी एलएमजी की पहली खेप ले जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाई। झंडी दिखाए जाने के बाद राजवंशी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज जिस यात्रा की शुरुआत हुई है, उसे पूरा करने में हमें छह साल लगे-बोली जमा करने से लेकर अब तक-और हमने इसे तय समय से 11 महीने पहले ही पूरा करके सौंप दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ग्राहक ने हमें जो मूल समयसीमा दी थी, वह सात साल से ज़्यादा की थी, लेकिन मैं आपको भरोसा दिला सकता हूँ कि अगले तीन साल में पूरा ‘ऑर्डर’ उपलब्ध करा दिया जाएगा।’’ कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि एलएमजी के लिए कुल ऑर्डर लगभग 40,000 हथियारों का है। अंबरासु ने तय समय से कई महीने पहले ही पहली खेप उपलब्ध कराए जाने पर कंपनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग के भागीदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

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