ICE कर्मियों के लिए शॉक ग्लव्स खरीद पर रोक की मांग, Shri Thanedar ने लिखा पत्र

सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 23 अगस्त भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार एवं दो अन्य सांसदों ने अमेरिकी सरकार से आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) अधिकारियों के लिए बिजली का झटका देने वाले दस्ताने खरीदने की योजना को तत्काल रोकने की मांग की है। थानेदार ने गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि बिजली का झटका देने में सक्षम दस्तानों का आईसीई कर्मियों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है या उनकी मौत भी हो सकती है। थानेदार कांग्रेस की निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी उपसमिति में वरिष्ठ सदस्य हैं।आईसीई अगले साल मार्च तक अपने अधिकारियों और एजेंटों के लिए ऐसे हजारों उपकरण खरीदने पर दो करोड़ डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहा है। थानेदार, बेनी थॉम्पसन और लू कोरिया ने शुक्रवार को मुलिन को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आईसीई का आम लोगों के खिलाफ हिंसा का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। ऐसे में एजेंसी के अधिकारियों और एजेंटों को ऐसा उपकरण देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिसके इस्तेमाल के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और संयम की जरूरत हो।’’ थॉम्पसन गृह सुरक्षा संबंधी समिति में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं, जबकि कोरिया और थानेदार क्रमशः सीमा सुरक्षा एवं प्रवर्तन तथा निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी कांग्रेस उपसमितियों में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं।सांसदों ने कहा, ‘‘ट्रंप के कार्यकाल में आईसीई ने अयोग्य अधिकारियों और एजेंटों की भर्ती की है और उन्हें जल्दबाजी में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से कई अफ़सरों और एजेंटों को तो नौकरी पर ही नहीं रखा जाना चाहिए था, उन्हें बैज, बंदूक और इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स देकर अमेरिकी सड़कों पर उतारने की तो बात ही छोड़ दीजिए।’’ सांसदों ने गृह सुरक्षा मंत्री से खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उसे रोकने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आईसीई कर्मियों द्वारा इन उपकरणों का गलत इस्तेमाल या दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को और चोट लगने या मौत होने का खतरा है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किये गये निर्वासन अभियान को लागू करने के दौरान आईसीई की ओर से आक्रामक तरीकों का इस्तेमाल किए जाने को लेकर उसे आलोचना का सामना करना पड़ा है। आईसीई के अधिकारियों ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रदर्शनकारियों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया और लोगों को वाहनों से बाहर खींचा है। आईसीई अधिकारियों की कार्रवाई में छह लोगों की गोली लगने से मौत भी हुई है, जिसके बाद एजेंसी की जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठी है।

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Aug 24, 2026 - 04:29
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ICE कर्मियों के लिए शॉक ग्लव्स खरीद पर रोक की मांग, Shri Thanedar ने लिखा पत्र

सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 23 अगस्त भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार एवं दो अन्य सांसदों ने अमेरिकी सरकार से आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) अधिकारियों के लिए बिजली का झटका देने वाले दस्ताने खरीदने की योजना को तत्काल रोकने की मांग की है। थानेदार ने गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि बिजली का झटका देने में सक्षम दस्तानों का आईसीई कर्मियों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है या उनकी मौत भी हो सकती है। थानेदार कांग्रेस की निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी उपसमिति में वरिष्ठ सदस्य हैं।

आईसीई अगले साल मार्च तक अपने अधिकारियों और एजेंटों के लिए ऐसे हजारों उपकरण खरीदने पर दो करोड़ डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहा है। थानेदार, बेनी थॉम्पसन और लू कोरिया ने शुक्रवार को मुलिन को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आईसीई का आम लोगों के खिलाफ हिंसा का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। ऐसे में एजेंसी के अधिकारियों और एजेंटों को ऐसा उपकरण देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिसके इस्तेमाल के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और संयम की जरूरत हो।’’ थॉम्पसन गृह सुरक्षा संबंधी समिति में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं, जबकि कोरिया और थानेदार क्रमशः सीमा सुरक्षा एवं प्रवर्तन तथा निगरानी, जांच और जवाबदेही संबंधी कांग्रेस उपसमितियों में विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य हैं।

सांसदों ने कहा, ‘‘ट्रंप के कार्यकाल में आईसीई ने अयोग्य अधिकारियों और एजेंटों की भर्ती की है और उन्हें जल्दबाजी में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से कई अफ़सरों और एजेंटों को तो नौकरी पर ही नहीं रखा जाना चाहिए था, उन्हें बैज, बंदूक और इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स देकर अमेरिकी सड़कों पर उतारने की तो बात ही छोड़ दीजिए।’’ सांसदों ने गृह सुरक्षा मंत्री से खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उसे रोकने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आईसीई कर्मियों द्वारा इन उपकरणों का गलत इस्तेमाल या दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को और चोट लगने या मौत होने का खतरा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किये गये निर्वासन अभियान को लागू करने के दौरान आईसीई की ओर से आक्रामक तरीकों का इस्तेमाल किए जाने को लेकर उसे आलोचना का सामना करना पड़ा है। आईसीई के अधिकारियों ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रदर्शनकारियों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया और लोगों को वाहनों से बाहर खींचा है। आईसीई अधिकारियों की कार्रवाई में छह लोगों की गोली लगने से मौत भी हुई है, जिसके बाद एजेंसी की जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठी है।

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