ICC FTP में बदलाव की मांग, Sri Lanka चाहता है भारत और इंग्लैंड से अधिक टेस्ट

(जी उन्निकृष्णन) कोलंबो, 23 अगस्त श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की अंतरिम समिति के अध्यक्ष एरान विक्रमरत्ने ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में बदलाव पर जोर दिया जिससे कि श्रीलंका को भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ अधिक टेस्ट मैच खेलने को मिल सकें। श्रीलंका ने जून-जुलाई में एक साल के अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे और फिलहाल भारत के खिलाफ दो मैच की टेस्ट श्रृंखला में हिस्सा ले रहा है। श्रीलंका को इस साल छह और टेस्ट मैच खेलने हैं जिसमें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो-दो टेस्ट (विदेश में) तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो टेस्ट शामिल हैं।विक्रमरत्ने ने यहां चुनिंदा मीडिया से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण हम पर्याप्त टेस्ट नहीं खेल पा रहे हैं और यही वह प्रारूप है जिसमें हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन दौरे एफटीपी के आधार पर तय होते हैं और हमें उम्मीद है कि अगले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप) चक्र में भारत के और दौरे मिलेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि अगले चक्र में कुछ और (दौरे) होंगे इसलिए हम उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन जाहिर तौर पर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीमें हैं जिनके खिलाफ पूरी दुनिया खेलना चाहती है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें इन देशों के दौरे मिलें।’’ विक्रमरत्ने ने आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अधिक संतुलित की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमें संतुलन की जरूरत है।अभी हमें 10 टेस्ट मैच खेलने हैं जबकि इस साल हमने बामुश्किल कुछ खेला है इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपने एफटीपी पर फिर से काम करने और देखने की जरूरत है कि इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है।’’ विक्रमरत्ने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 और 50 ओवर के क्रिकेट ने एक तरह से कैलेंडर को काफी व्यस्त कर दिया है लेकिन हम भारत के खिलाफ खेलना चाहते हैं क्योंकि सच्चाई यह है कि हम भारत पर काफी निर्भर हैं और क्रिकेट में वह वित्तीय रूप से भी सबसे मजबूत शक्ति है।’’ इसी संदर्भ में विक्रमरत्ने ने उम्मीद जताई कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हाल में हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जय शाह से बातचीत हुई है और हाल में बीसीसीआई के देवजीत सैकिया भी यहां आए थे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि श्रीलंका और दुनियाभर में क्रिकेट को विकसित करने के लिए हम मिलकर काम करें।हमें भारत के समर्थन की जरूरत है और हमें मिल रहे समर्थन की हम सराहना करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत का अपना कैलेंडर भी काफी व्यस्त है और उसके लिए यहां आना मुश्किल होता है लेकिन हमारे लिए यह शानदार होगा अगर अधिक टीमें यहां आकर खेलें। हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर निर्भर करेगा। हां, हमारी बैठक बहुत अच्छी रही।’’ श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अब अंतरिम समिति के सदस्य सिदथ वेट्टीमूनी ने एसएलसी के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए नए प्रशासकों के प्रयासों को रेखांकित किया।उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह भारत में लोढ़ा आयोग के बाद बदलाव हुए और दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड ने भी कुछ बदलाव किए उसी तरह हमें भी समय के साथ बदलना होगा। मौजूदा संविधान में हमने जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं उनमें स्वतंत्र निदेशकों को शामिल करना भी है, यानी सभी निदेशक निर्वाचित नहीं होंगे।’’ वेट्टीमूनी ने कहा, ‘‘यह पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा क्योंकि हमारा मानना है कि हर चीज में अधिक जवाबदेही, पारदर्शिता और स्पष्टता की जरूरत है। मेरा मानना है कि इससे श्रीलंका क्रिकेट के लिए बेहतर परिणाम आएंगे।

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Aug 24, 2026 - 08:14
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ICC FTP में बदलाव की मांग, Sri Lanka चाहता है भारत और इंग्लैंड से अधिक टेस्ट

(जी उन्निकृष्णन) कोलंबो, 23 अगस्त श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की अंतरिम समिति के अध्यक्ष एरान विक्रमरत्ने ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में बदलाव पर जोर दिया जिससे कि श्रीलंका को भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ अधिक टेस्ट मैच खेलने को मिल सकें। श्रीलंका ने जून-जुलाई में एक साल के अंतराल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे और फिलहाल भारत के खिलाफ दो मैच की टेस्ट श्रृंखला में हिस्सा ले रहा है। श्रीलंका को इस साल छह और टेस्ट मैच खेलने हैं जिसमें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो-दो टेस्ट (विदेश में) तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो टेस्ट शामिल हैं।

विक्रमरत्ने ने यहां चुनिंदा मीडिया से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण हम पर्याप्त टेस्ट नहीं खेल पा रहे हैं और यही वह प्रारूप है जिसमें हम अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन दौरे एफटीपी के आधार पर तय होते हैं और हमें उम्मीद है कि अगले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप) चक्र में भारत के और दौरे मिलेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि अगले चक्र में कुछ और (दौरे) होंगे इसलिए हम उम्मीद लगाए हुए हैं लेकिन जाहिर तौर पर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीमें हैं जिनके खिलाफ पूरी दुनिया खेलना चाहती है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें इन देशों के दौरे मिलें।’’ विक्रमरत्ने ने आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अधिक संतुलित की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमें संतुलन की जरूरत है।

अभी हमें 10 टेस्ट मैच खेलने हैं जबकि इस साल हमने बामुश्किल कुछ खेला है इसलिए मुझे लगता है कि हमें अपने एफटीपी पर फिर से काम करने और देखने की जरूरत है कि इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है।’’ विक्रमरत्ने ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 और 50 ओवर के क्रिकेट ने एक तरह से कैलेंडर को काफी व्यस्त कर दिया है लेकिन हम भारत के खिलाफ खेलना चाहते हैं क्योंकि सच्चाई यह है कि हम भारत पर काफी निर्भर हैं और क्रिकेट में वह वित्तीय रूप से भी सबसे मजबूत शक्ति है।’’ इसी संदर्भ में विक्रमरत्ने ने उम्मीद जताई कि आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हाल में हुई बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जय शाह से बातचीत हुई है और हाल में बीसीसीआई के देवजीत सैकिया भी यहां आए थे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि श्रीलंका और दुनियाभर में क्रिकेट को विकसित करने के लिए हम मिलकर काम करें।

हमें भारत के समर्थन की जरूरत है और हमें मिल रहे समर्थन की हम सराहना करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत का अपना कैलेंडर भी काफी व्यस्त है और उसके लिए यहां आना मुश्किल होता है लेकिन हमारे लिए यह शानदार होगा अगर अधिक टीमें यहां आकर खेलें। हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर निर्भर करेगा। हां, हमारी बैठक बहुत अच्छी रही।’’ श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अब अंतरिम समिति के सदस्य सिदथ वेट्टीमूनी ने एसएलसी के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए नए प्रशासकों के प्रयासों को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह भारत में लोढ़ा आयोग के बाद बदलाव हुए और दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्ड ने भी कुछ बदलाव किए उसी तरह हमें भी समय के साथ बदलना होगा। मौजूदा संविधान में हमने जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं उनमें स्वतंत्र निदेशकों को शामिल करना भी है, यानी सभी निदेशक निर्वाचित नहीं होंगे।’’ वेट्टीमूनी ने कहा, ‘‘यह पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा क्योंकि हमारा मानना है कि हर चीज में अधिक जवाबदेही, पारदर्शिता और स्पष्टता की जरूरत है। मेरा मानना है कि इससे श्रीलंका क्रिकेट के लिए बेहतर परिणाम आएंगे।

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