महिलाओं के शरीर में अधिकतर बदलाव हार्मोनल चेंजेस की वजह से होते हैं। फिर चाहे वह मोटापा हो, फेस पर निकलने वाले दाने हों या अचानक से वेट कम होना हो। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ज्यादातर महिलाएं अपनी सेहत का सही से ध्यान नहीं रखती हैं। घर और जिम्मेदारियों में उलझी महिलाएं न तो पूरी तरह से पोषण वाला खाना खाती हैं और न ही पर्याप्त नींद लेती हैं। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको अपनी डाइट में शामिल करने से आपके हार्मोन बैलेंस रहेंगे।
फायदेमंद है ये जड़ी बूटी
शतावरी एस्ट्रोजन को बैलेंस रखता है। पीरियड्स और फर्टिलिटी के साथ-साथ PCOS को भी यह सपोर्ट करता है। इसके अलावा शतावरी के सेवन से विटेलिटी और ल्यूब्रिकेशन को इंप्रूव करने में मदद मिलती है। रोजाना रात को आधा चम्मच शतावरी को एक गिलास दूध में मिलाकर पीना चाहिए।
तिल के बीज
तिल के बीज का सेवन करने से ओवेल्यूशन को इंप्रूव करने, प्रोजेस्टेरोन को सपोर्ट करने और यूट्रेस को स्ट्रेंथ देने का काम करता है। रोजाना 1 चम्मच तिल को रोस्ट करके खाएं, इससे आपको फायदा मिलेगा। रोजाना इसके सेवन से फर्टिलिटी मजबूत होती है।
अश्वगंधा पाउडर
तनाव कम करने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीना चाहिए। यह कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन को कम करने, थायराइड और PCOS को ठीक करने और स्लीप क्वालिटी सही करने में मदद करता है। जब आपका तनाव कम होगा तो आप मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।
खजूर
अगर आपको समय पर पीरियड्स नहीं आते हैं और आपको हमेशा थकान महसूस होती रहती है। तो आपको खजूर का सेवन करना चाहिए। रोजाना 2 से 3 भीगे हुए खजूर खाती हैं, तो यह आपके मेंसुरल साइकिल को इंप्रूव करने में सहायता करता है। इससे शारीरिक कमजोरी दूर होती है और फर्टिलिटी को सपोर्ट मिलता है।
मोरिंगा पाउडर
सेहत के लिए मोरिंगा फायदेमंद माना जाता है। यह इंसुलिन को बैलेंस रखता है और PCOS को भी ठीक रखने में मदद करता है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को इंप्रूव करता है। इसको रोजाना एक समय पर आधा चम्मच खाएं। आपके यह कुछ हेल्दी आदतें हार्मोन को हेल्दी बनाने में मदद करेंगी।
इन बातों का रखें ध्यान
महिलाओं द्वारा की जाने वाली गलतियां ही हार्मोन इंबैलेंस की वजह बनती हैं।
हार्मोन को हेल्दी बनाने के लिए महिलाएं आयुर्वेद का सहारा ले सकती हैं।
इसके लिए आप खजूर, अश्वगंधा, मेथी के बीज और शतावरी जैसी पौष्टिक जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकती हैं।