Hidden Places In Kerla: केरल के मुनरो आइलैंड की खूबसूरती देखकर झूम उठेंगे आप, प्रकृति प्रेमियों के लिए है जन्नत

दक्षिण भारत में जब किसी खूबसूरत राज्य में घूमने की बात होती है, तो बहुत सारे लोग केरल का नाम सबसे पहले लेते हैं। केरल दक्षिण भारत का पर्यटन हब माना जाता है। केरल की खूबसूरती हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां पर स्थित लैगून और बैकवॉटर देखने के लिए लोग केरल पहुंचते हैं। जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुनरो द्वीप की खूबसूरती, खासियत और यहां पर मौजूद कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।मुनरो द्वीपकेरल के कोल्लम जिले में स्थित मुनरो द्वीप एक अद्भुत और अनोखी जगह है। यह कोल्लम शहर के कुछ किमी की दूरी है। इस द्वीप को कई लोग मुंद्रोथुरुथु के नाम से भी जानते हैं।इसे भी पढ़ें: Family Vacation In April: अप्रैल में फैमिली के साथ इन शानदार जगहों को बनाएं डेस्टिनेशन पॉइंट, हर पल रहेगा यादगारकेरल में अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर यह द्वीप स्थित है। मुनरो द्वीप राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 90 किमी की दूरी पर है। यह द्वीप एलेप्पी से करीब 87 किमी दूर और कोट्टयम से महज 84 किमी दूर है।मुनरो द्वीप का इतिहासमुनरो द्वीप का इतिहास काफी रोचक है। इस आइलैंड के बारे में बताया जाता है कि इसका नाम पूर्व ब्रिटिश निवासी कर्नल मुनरो के नाम पर रखा गया है। बताया जाता है कि जब कर्नल मुनरो ने देखा कि सिंचाई के लिए आसपास के इलाकों में बहुत समस्या हो रही है, तब इस द्वीप का निर्माण करवाया गया था।मुनरो द्वीप की खासियतकेरल के साथ-साथ दक्षिण भारत का भी यह एक ऐसा आइलैंड है, जो नदी और झील के किनारे स्थित है। मुनरो द्वीप अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर स्थित है। जोकि अपने आप में अनोखा है।इस द्वीप के बारे में कहा जाता है कि यह केरल का छिपा हुआ मोती है, जो करीब 8 द्वीपों से बना हुआ है। यहां पर स्थित बैकवाटर और लैगून पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।सैलानियों के लिए है खासमुनरो द्वीप अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और यहां पर हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। खासकर जो सैलानी बैकवाटर और लैगून से प्रेम करते हैं, उनके लिए मुनरो द्वीप किसी स्वर्ग से कम नहीं है। वहीं प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह खास जगह है।मुनरो द्वीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर कई पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। मानसून में इस द्वीप की खूबसूरती चरम पर होती है।आसपास घूमने की जगहेंमुनरो द्वीप के आसपास कई शानदार और मनमोहक जगहें हैं। ऐसे में आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आप यहां पर अष्टमुडी झील, वेस्ट एंड ईस्ट कल्लाडा और थेवलक्करा गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।कैसे पहुंचे मुनरो द्वीपबता दें कि मुनरो द्वीप पहुंचना आसान है। इसके पास में कोल्लम रेलवे स्टेशन है, जोकि यहां से 27 किमी दूर है। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं, तो यहां पर सबसे पास त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट जोकि 80 किमी दूर है। ऐसे में आप एयरपोर्ट से कैब या टैक्सी करके मुनरो द्वीप जा सकते हैं।

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Apr 26, 2025 - 03:30
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Hidden Places In Kerla: केरल के मुनरो आइलैंड की खूबसूरती देखकर झूम उठेंगे आप, प्रकृति प्रेमियों के लिए है जन्नत
दक्षिण भारत में जब किसी खूबसूरत राज्य में घूमने की बात होती है, तो बहुत सारे लोग केरल का नाम सबसे पहले लेते हैं। केरल दक्षिण भारत का पर्यटन हब माना जाता है। केरल की खूबसूरती हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां पर स्थित लैगून और बैकवॉटर देखने के लिए लोग केरल पहुंचते हैं। जब भी केरल घूमने की बात होती है, तो लोग सबसे पहले एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार, वायनाड, वागामों और त्रिशूर जैसी फेमस जगहों पर जाना चाहते हैं। लेकिन मुनरो द्वीप के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुनरो द्वीप की खूबसूरती, खासियत और यहां पर मौजूद कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मुनरो द्वीप
केरल के कोल्लम जिले में स्थित मुनरो द्वीप एक अद्भुत और अनोखी जगह है। यह कोल्लम शहर के कुछ किमी की दूरी है। इस द्वीप को कई लोग मुंद्रोथुरुथु के नाम से भी जानते हैं।

इसे भी पढ़ें: Family Vacation In April: अप्रैल में फैमिली के साथ इन शानदार जगहों को बनाएं डेस्टिनेशन पॉइंट, हर पल रहेगा यादगार


केरल में अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर यह द्वीप स्थित है। मुनरो द्वीप राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 90 किमी की दूरी पर है। यह द्वीप एलेप्पी से करीब 87 किमी दूर और कोट्टयम से महज 84 किमी दूर है।

मुनरो द्वीप का इतिहास
मुनरो द्वीप का इतिहास काफी रोचक है। इस आइलैंड के बारे में बताया जाता है कि इसका नाम पूर्व ब्रिटिश निवासी कर्नल मुनरो के नाम पर रखा गया है। बताया जाता है कि जब कर्नल मुनरो ने देखा कि सिंचाई के लिए आसपास के इलाकों में बहुत समस्या हो रही है, तब इस द्वीप का निर्माण करवाया गया था।

मुनरो द्वीप की खासियत
केरल के साथ-साथ दक्षिण भारत का भी यह एक ऐसा आइलैंड है, जो नदी और झील के किनारे स्थित है। मुनरो द्वीप अष्टमुडी झील और कल्लदा नदी के संगम पर स्थित है। जोकि अपने आप में अनोखा है।

इस द्वीप के बारे में कहा जाता है कि यह केरल का छिपा हुआ मोती है, जो करीब 8 द्वीपों से बना हुआ है। यहां पर स्थित बैकवाटर और लैगून पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सैलानियों के लिए है खास
मुनरो द्वीप अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है और यहां पर हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। खासकर जो सैलानी बैकवाटर और लैगून से प्रेम करते हैं, उनके लिए मुनरो द्वीप किसी स्वर्ग से कम नहीं है। वहीं प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह खास जगह है।

मुनरो द्वीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर कई पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। मानसून में इस द्वीप की खूबसूरती चरम पर होती है।

आसपास घूमने की जगहें
मुनरो द्वीप के आसपास कई शानदार और मनमोहक जगहें हैं। ऐसे में आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आप यहां पर अष्टमुडी झील, वेस्ट एंड ईस्ट कल्लाडा और थेवलक्करा गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।

कैसे पहुंचे मुनरो द्वीप
बता दें कि मुनरो द्वीप पहुंचना आसान है। इसके पास में कोल्लम रेलवे स्टेशन है, जोकि यहां से 27 किमी दूर है। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं, तो यहां पर सबसे पास त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट जोकि 80 किमी दूर है। ऐसे में आप एयरपोर्ट से कैब या टैक्सी करके मुनरो द्वीप जा सकते हैं।

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