Health Tips: Thyroid के ये साइलेंट लक्षण हैं बड़े खतरे का Signal, भूलकर भी न करें Ignore

आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच थायराइड की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। पहले इसको बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था। लेकिन अब युवा और किशोर भी इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं महिलाओं के अलावा युवा वर्ग की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन अगर समय रहते इसकी जांच या इलाज न कराया जाए, तो यह बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। थायराइड गले के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि होती है, जोकि शरीर में हार्मोन बनाने का काम करती है।यह हार्मोन शरीर के वजन, ऊर्जा, पाचन, हृदय गति और मानसिक स्थिति को कंट्रोल करते हैं। लेकिन जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है। तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती है। हार्मोन कम बनने की स्थिति को हाइपोथाइराइड और ज्यादा बनने को हाइपरथाइराइड कहा जाता है। यह दोनों की स्थितियां सेहत के लिए नुकसानदेह होती हैं।इसे भी पढ़ें: Health Tips: खरबूजे के बीज हैं अमृत समान, महिलाओं की Health के लिए हैं ये 5 चमत्कारी फायदेथायराइड के साइलेंट लक्षणअचानक वजन बढ़ना या घटनाहाथ कांपनालगातार थकान रहनाचिड़चिड़ापननींद कम आनाबाल झड़नागले में सूजनदिल की धड़कन तेज होनाइसके अलावा महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी गड़बड़ी और गर्भधारण करने में परेशानी भी थायराइड की वजह हो सकती है। वहीं बच्चों और युवाओं में यह बीमारी, मानसिक एकाग्रता, पढ़ाई और शारीरिक विकास में बाधा डाल सकती है।लापरवाही पड़ सकती है भारीएक्सपर्ट की मानें, तो शुरूआत में कई लोग इसको सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन लक्षणों को अनदेखा करने से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मानसिक तनाव, मोटापा और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। वहीं नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। थायराइड के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करना चाहिए।अपनाएं ये सावधानियांआयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें।पौष्टिक और संतुलित डाइट लें।नियमित योग और व्यायाम करें।तनाव से दूर रहें।पर्याप्त नींद लें और अपनी दिनचर्या को नियमित करें।सेहत और वजन की समय-समय पर जांच करवाते रहें।लगातार थकान रहने या अन्य लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

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Jun 28, 2026 - 16:41
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Health Tips: Thyroid के ये साइलेंट लक्षण हैं बड़े खतरे का Signal, भूलकर भी न करें Ignore
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच थायराइड की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। पहले इसको बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था। लेकिन अब युवा और किशोर भी इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं महिलाओं के अलावा युवा वर्ग की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन अगर समय रहते इसकी जांच या इलाज न कराया जाए, तो यह बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। थायराइड गले के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि होती है, जोकि शरीर में हार्मोन बनाने का काम करती है।

यह हार्मोन शरीर के वजन, ऊर्जा, पाचन, हृदय गति और मानसिक स्थिति को कंट्रोल करते हैं। लेकिन जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है। तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती है। हार्मोन कम बनने की स्थिति को हाइपोथाइराइड और ज्यादा बनने को हाइपरथाइराइड कहा जाता है। यह दोनों की स्थितियां सेहत के लिए नुकसानदेह होती हैं।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: खरबूजे के बीज हैं अमृत समान, महिलाओं की Health के लिए हैं ये 5 चमत्कारी फायदे


थायराइड के साइलेंट लक्षण

अचानक वजन बढ़ना या घटना
हाथ कांपना
लगातार थकान रहना
चिड़चिड़ापन
नींद कम आना
बाल झड़ना
गले में सूजन
दिल की धड़कन तेज होना

इसके अलावा महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी गड़बड़ी और गर्भधारण करने में परेशानी भी थायराइड की वजह हो सकती है। वहीं बच्चों और युवाओं में यह बीमारी, मानसिक एकाग्रता, पढ़ाई और शारीरिक विकास में बाधा डाल सकती है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

एक्सपर्ट की मानें, तो शुरूआत में कई लोग इसको सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन लक्षणों को अनदेखा करने से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मानसिक तनाव, मोटापा और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। वहीं नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। थायराइड के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करना चाहिए।

अपनाएं ये सावधानियां

आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें।
पौष्टिक और संतुलित डाइट लें।
नियमित योग और व्यायाम करें।
तनाव से दूर रहें।
पर्याप्त नींद लें और अपनी दिनचर्या को नियमित करें।
सेहत और वजन की समय-समय पर जांच करवाते रहें।
लगातार थकान रहने या अन्य लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

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