Health Tips: Car Driving से आपकी Spine हो रही है खराब, स्पाइन सर्जन ने बताए ये Golden Rules

सफर को आसान बनाने के लिए कई लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह अपनी कार से ट्रैवल करना पसंद करते हैं। ऐसे में कई बार लंबी ड्राइविंग के बाद पीठ और टेल बोन में दर्द या गर्दन में अकड़न की समस्या महसूस होती है। ड्राइव करते समय एक ही पोजिशन में लंबे समय तक बैठे रहने या झटके लगने की वजह से यह समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर आपको भी यह समस्या होती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप इस समस्या से कैसे बच सकते हैं।ड्राइविंग पीठ को क्यों पहुंचाती है नुकसानलगातार बैठे रहनाघंटों तक एक ही जगह पर बैठने से रीढ़ की डिस्क पर दबाव पड़ता है।इसे भी पढ़ें: Holi पर Acidity और Bloating से हैं परेशान? Gut Health के लिए तुरंत अपनाएं ये 5 जादुई Drinksगलत पोस्चरझुककर बैठने से गर्दन और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है।झटके लगनाऊबड़-खाबड़ सड़कें औऱ गाड़ी की कंपन से रीढ़ की स्पाइन में चोट आ सकती है।गतिहीनता होनाजब लंबे समय तक मूवमेंट नहीं होता है, तो ब्लड सर्कुलेशन रुकता है और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।बरतें ये सावधानियांसही पोस्चर है जरूरीबैठने से पहले पीछे की जेब से फोन या वॉलेट जैसी चीजों को निकाल दें। स्टेयरिंग व्हील से सही दूरी पर बैठें और सीट को थोड़ा सा पीछे झुकाकर रखें। वहीं जरूरत पड़े तो लम्बर सपोर्ट पिलो का इस्तेमाल करें।ब्रेक लेंलगातार गाड़ी न चलाएं। हर 1.5 से 2 घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें। गाड़ी से बाहर निकलें, स्ट्रेचिंग करें औऱ थोड़ा सा टहलें। ऐसा करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।रखरखाव और आरामआपको ऐसी कार चुननी चाहिए, जिसकी सीटें कंफर्टेबल हों। गाड़ी के शॉक एब्जॉर्बर और टायरों को दुरुस्त रखें। जिससे झटके कम लगें। वहीं गाड़ी चलाते समय अचानक ब्रेक लगाने से बचना चाहिए और पैरों को पैडल पर कंफर्टेबल रखें।ऐसे करें ड्राइविंगड्राइविंग के दौरान पूरी तरह से जकड़ कर न बैठें। हर 15-20 मिनट में बैठने की स्थिति को थोड़ा सा बदलें। वहीं अगर हो सके तो लंबी ड्राइविंग की जिम्मेदारी को आपस में बांट लें।पहले से दर्द है तो क्या करेंअगर आप पहले से साइटिका या स्लिप डिस्क जैसी समस्या से परेशान हैं, तो तो आपको ये टिप्स अपनाने चाहिए।हीट और कोल्ड थेरेपीब्रेक के दौरान ठंडी या गर्म सिकाई करें। सर्दियों में हीटेड सीट के इस्तेमाल से आपको राहत मिल सकती है।सपोर्टिक एक्सेसरीजटेल बोन के दर्द से राहत पाने के लिए आप कॉक्सिक्स कुशन या कमर के लिए सपोर्ट बेल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।दवाआप डॉक्टर की सलाह पर पेन रिलीफ दवा ले सकते हैं।कब लें डॉक्टर से सलाहबता दें कि दर्द को नजरअंदाज करने की गलती करने से स्थिति गंभीर बन सकती है। अगर आपको ड्राइविंग के बाद कुछ लक्षण दिखते हैं, तो आपको फौरन स्पाइन एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।हाथ-पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना।दर्द कुछ दिनों से ज्यादा समय तक बना रहे।सीधे खड़े होने या चलने में परेशानी होना।

PNSPNS
Mar 5, 2026 - 09:09
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Health Tips: Car Driving से आपकी Spine हो रही है खराब, स्पाइन सर्जन ने बताए ये Golden Rules
सफर को आसान बनाने के लिए कई लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह अपनी कार से ट्रैवल करना पसंद करते हैं। ऐसे में कई बार लंबी ड्राइविंग के बाद पीठ और टेल बोन में दर्द या गर्दन में अकड़न की समस्या महसूस होती है। ड्राइव करते समय एक ही पोजिशन में लंबे समय तक बैठे रहने या झटके लगने की वजह से यह समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर आपको भी यह समस्या होती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप इस समस्या से कैसे बच सकते हैं।

ड्राइविंग पीठ को क्यों पहुंचाती है नुकसान


लगातार बैठे रहना

घंटों तक एक ही जगह पर बैठने से रीढ़ की डिस्क पर दबाव पड़ता है।

इसे भी पढ़ें: Holi पर Acidity और Bloating से हैं परेशान? Gut Health के लिए तुरंत अपनाएं ये 5 जादुई Drinks


गलत पोस्चर

झुककर बैठने से गर्दन और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है।

झटके लगना

ऊबड़-खाबड़ सड़कें औऱ गाड़ी की कंपन से रीढ़ की स्पाइन में चोट आ सकती है।

गतिहीनता होना

जब लंबे समय तक मूवमेंट नहीं होता है, तो ब्लड सर्कुलेशन रुकता है और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

बरतें ये सावधानियां


सही पोस्चर है जरूरी

बैठने से पहले पीछे की जेब से फोन या वॉलेट जैसी चीजों को निकाल दें। स्टेयरिंग व्हील से सही दूरी पर बैठें और सीट को थोड़ा सा पीछे झुकाकर रखें। वहीं जरूरत पड़े तो लम्बर सपोर्ट पिलो का इस्तेमाल करें।

ब्रेक लें

लगातार गाड़ी न चलाएं। हर 1.5 से 2 घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें। गाड़ी से बाहर निकलें, स्ट्रेचिंग करें औऱ थोड़ा सा टहलें। ऐसा करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।

रखरखाव और आराम

आपको ऐसी कार चुननी चाहिए, जिसकी सीटें कंफर्टेबल हों। गाड़ी के शॉक एब्जॉर्बर और टायरों को दुरुस्त रखें। जिससे झटके कम लगें। वहीं गाड़ी चलाते समय अचानक ब्रेक लगाने से बचना चाहिए और पैरों को पैडल पर कंफर्टेबल रखें।

ऐसे करें ड्राइविंग

ड्राइविंग के दौरान पूरी तरह से जकड़ कर न बैठें। हर 15-20 मिनट में बैठने की स्थिति को थोड़ा सा बदलें। वहीं अगर हो सके तो लंबी ड्राइविंग की जिम्मेदारी को आपस में बांट लें।

पहले से दर्द है तो क्या करें

अगर आप पहले से साइटिका या स्लिप डिस्क जैसी समस्या से परेशान हैं, तो तो आपको ये टिप्स अपनाने चाहिए।

हीट और कोल्ड थेरेपी

ब्रेक के दौरान ठंडी या गर्म सिकाई करें। सर्दियों में हीटेड सीट के इस्तेमाल से आपको राहत मिल सकती है।

सपोर्टिक एक्सेसरीज

टेल बोन के दर्द से राहत पाने के लिए आप कॉक्सिक्स कुशन या कमर के लिए सपोर्ट बेल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दवा

आप डॉक्टर की सलाह पर पेन रिलीफ दवा ले सकते हैं।

कब लें डॉक्टर से सलाह

बता दें कि दर्द को नजरअंदाज करने की गलती करने से स्थिति गंभीर बन सकती है। अगर आपको ड्राइविंग के बाद कुछ लक्षण दिखते हैं, तो आपको फौरन स्पाइन एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।

हाथ-पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना।

दर्द कुछ दिनों से ज्यादा समय तक बना रहे।

सीधे खड़े होने या चलने में परेशानी होना।

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