Health Tips: Boiled Egg या Omelette? Weight Loss पर स्टडी के नतीजों ने सबको चौंकाया

आजकल के समय में अधिकतर लोग वेट बढ़ने की समस्या से परेशान हैं। जितनी तेजी से वेट बढ़ जाता है, उसको कम करना उतना ही मुश्किल होता है। वेट लॉस के लिए लोग जिम करते हैं और स्ट्रिक्ट डाइट रूटीन फॉलो करते हैं। वहीं डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करते हैं। लेकिन जब प्रोटीन की बात आती है, तो लोग अंडे को प्राथमिकता देते हैं। आमतौर पर लोग बॉयल्ड एग खाना पसंद करते हैं।क्योंकि अंडे को हमेशा पौष्टिक और हेल्दी खाना मानते हैं। इसमें अच्छा फैट, प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन होते हैं। लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि अंडे को कैसे खाया जाए। अंडे को बॉयल्ड, पोच्ड या ऑमलेट के रूप में सेवन करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बॉयल्ड, पोच्ड और ऑमलेट जैसे अलग-अलग तरीकों में पकाए गए अंडों की डाइजेशन क्षमता और पोषक तत्वों की मौजूदगी कैसे बदल जाती है।इसे भी पढ़ें: 2 महीने से रुके हैं Periods? ये 5 जादुई Kitchen Hacks पटरी पर लाएंगे Menstrual Cycleबॉयल्ड एग, पोच्ड या ऑमलेटजब हम अंडे को पोच करते हैं, उबालते हैं या फिर ऑमलेट बनाते हैं। तो न सिर्फ इसका स्वाद बदलता है। बल्कि अंदर से इसकी बनावट भी बदल जाती है। उबला अंडा अधिक सख्त और घनी बनावट वाला होता है। पोच्ड एग नरम और हल्का जेली जैसा होता है। ऑमलेट में पीला पार्ट यानी जर्दी और सफेद भाग अच्छे से मिल जाता है, वहीं तेल या मक्खन की वजह से यह फूला हुआ बन जाता है।अंडे का पाचन पर ऐसे पड़ता है असरअंडे की ये अलग-अलग बनावट हमारे डाइजेशन पर असर डालती है। हर तरह के अंडे की बनावट अलग है, इसलिए हमारे शरीर के डाइजेशन एंजाइम उन पर अलग-अलग तरह से काम करते हैं। इसी वजह से ये फर्क पड़ता है कि अंडे में मौजूद कितना प्रोटीन, फैट और विटामिन हमारे शरीर को पूरी तरह से मिल पाता है।ऐसे डाइजेस्‍ट होता है अंडाशरीर में अंडा कैसे डाइजेस्ट होता है, इसके लिए लैब में एक नकली पाचन प्रणाली तैयार की थी। यह सिस्टम बुजुर्गों के पेट जैसी थी। क्योंकि उनकी पाचन शक्ति कम होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग तरह से पकाए गए अंडे कितनी आसानी से टूटते हैं और शरीर को कितनी आसानी से उनके पोषक तत्व मिल पाते हैं। पोच्ड अंडा इसमें सबसे बेहतर पाया गया। इसका प्रोटीन और फैट सबसे अच्छे से टूटा। यानी की शरीर के लिए पोच्ड अंडे के पोषक तत्वों को पाना सबसे आसान थावहीं बॉयल्ड एग भी अच्छे से डाइजेस्ट हुआ। लेकिन यह पोच्ड एग जितना आसान नहीं था। क्योंकि इसको पचाने में थोड़ा ज्यादा समय लगा। ऑमलेट डाइजेस्ट होने में सबसे ज्यादा समय लगा। कमजोर डाइजेशन वाले पेट में इसका प्रोटीन 37% तक कम टूटा। जिसका मतलब यह हुआ कि शरीर के लिए ऑमलेट से पोषक तत्वों को निकालना सबसे कठिन होता है।अंडे का विटामिन्स पर असरबता दें कि विटामिन ए तीनों तरह के अंडे में पाया जाता है। लेकिन विटामिन डी3 की मौजूदगी कमजोर डाइजेशन की कंडीशन में थोड़ी कमी रह गई।वेट लॉस में असरदारएक स्टडी में पाया गया है कि इसके नतीजे वेट कंट्रोल के लिए जरूरी हैं। वेट कम करने के लिए दो चीजें सबसे ज्यादा खास होती हैं। जिनमें से पहला प्रोटीन का सही इस्तेमाल और दूसरा कम कैलोरी खाना।डाइजेशन और भूख पर असरपोच्ड और उबला हुआ अंडा आसानी से पच जाता है। साथ ही प्रोटीन भी अच्छे से टूटता है। जितना अच्छे से प्रोटीन टूटता है, उतनी देर तक हमारा पेट भरा रहता है। जिस कारण हमें जल्दी भूख नहीं लगती है। यह वेट कंट्रोल करने में सहायता करता है और ऑमलेट को पचाना थोड़ा मुश्किल होता है।कैलोरी की मात्रापोच्ड और उबले हुए अंडे बनाने के दौरान मक्खन या तेल का इस्तेमाल नहीं होता है। इसलिए इनमें कैलोरी कम मात्रा में होती है। लेकिन ऑमलेट में मक्खन, तेल या चीज डाला जाता है, जिससे इसकी कैलोरी बढ़ जाती है।मेटाबॉलिज्म बूस्‍टअंडे से विटामिन ए और डी जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी के सही इस्तेमाल में मदद करते हैं।ऐसे खाएं एगअगर आप अपना वेट कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो कम तेल में अंडा बनाएं। इससे डाइजेशन भी अच्छा रहेगा।ये भी जानेंबता दें कि बॉयल्ड अंडा कम कैलोरी वाला होता है।पोच्ड एग बिना तेल के पौष्टिकता को बनाए रखने का काम करता है।ऑमलेट भी अच्छा ऑप्शन है, बस तेल कम रखें और सब्जियां ज्यादा डालें और चीज, प्रोसेस्ड मीट से बचना चाहिए।

PNSPNS
Mar 23, 2026 - 21:38
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Health Tips: Boiled Egg या Omelette? Weight Loss पर स्टडी के नतीजों ने सबको चौंकाया
आजकल के समय में अधिकतर लोग वेट बढ़ने की समस्या से परेशान हैं। जितनी तेजी से वेट बढ़ जाता है, उसको कम करना उतना ही मुश्किल होता है। वेट लॉस के लिए लोग जिम करते हैं और स्ट्रिक्ट डाइट रूटीन फॉलो करते हैं। वहीं डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करते हैं। लेकिन जब प्रोटीन की बात आती है, तो लोग अंडे को प्राथमिकता देते हैं। आमतौर पर लोग बॉयल्ड एग खाना पसंद करते हैं।

क्योंकि अंडे को हमेशा पौष्टिक और हेल्दी खाना मानते हैं। इसमें अच्छा फैट, प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन होते हैं। लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि अंडे को कैसे खाया जाए। अंडे को बॉयल्ड, पोच्ड या ऑमलेट के रूप में सेवन करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बॉयल्ड, पोच्ड और ऑमलेट जैसे अलग-अलग तरीकों में पकाए गए अंडों की डाइजेशन क्षमता और पोषक तत्वों की मौजूदगी कैसे बदल जाती है।

इसे भी पढ़ें: 2 महीने से रुके हैं Periods? ये 5 जादुई Kitchen Hacks पटरी पर लाएंगे Menstrual Cycle


बॉयल्ड एग, पोच्ड या ऑमलेट

जब हम अंडे को पोच करते हैं, उबालते हैं या फिर ऑमलेट बनाते हैं। तो न सिर्फ इसका स्वाद बदलता है। बल्कि अंदर से इसकी बनावट भी बदल जाती है। उबला अंडा अधिक सख्त और घनी बनावट वाला होता है। पोच्ड एग नरम और हल्का जेली जैसा होता है। ऑमलेट में पीला पार्ट यानी जर्दी और सफेद भाग अच्छे से मिल जाता है, वहीं तेल या मक्खन की वजह से यह फूला हुआ बन जाता है।

अंडे का पाचन पर ऐसे पड़ता है असर

अंडे की ये अलग-अलग बनावट हमारे डाइजेशन पर असर डालती है। हर तरह के अंडे की बनावट अलग है, इसलिए हमारे शरीर के डाइजेशन एंजाइम उन पर अलग-अलग तरह से काम करते हैं। इसी वजह से ये फर्क पड़ता है कि अंडे में मौजूद कितना प्रोटीन, फैट और विटामिन हमारे शरीर को पूरी तरह से मिल पाता है।

ऐसे डाइजेस्‍ट होता है अंडा

शरीर में अंडा कैसे डाइजेस्ट होता है, इसके लिए लैब में एक नकली पाचन प्रणाली तैयार की थी। यह सिस्टम बुजुर्गों के पेट जैसी थी। क्योंकि उनकी पाचन शक्ति कम होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग तरह से पकाए गए अंडे कितनी आसानी से टूटते हैं और शरीर को कितनी आसानी से उनके पोषक तत्व मिल पाते हैं। पोच्ड अंडा इसमें सबसे बेहतर पाया गया। इसका प्रोटीन और फैट सबसे अच्छे से टूटा। यानी की शरीर के लिए पोच्ड अंडे के पोषक तत्वों को पाना सबसे आसान था

वहीं बॉयल्ड एग भी अच्छे से डाइजेस्ट हुआ। लेकिन यह पोच्ड एग जितना आसान नहीं था। क्योंकि इसको पचाने में थोड़ा ज्यादा समय लगा। ऑमलेट डाइजेस्ट होने में सबसे ज्यादा समय लगा। कमजोर डाइजेशन वाले पेट में इसका प्रोटीन 37% तक कम टूटा। जिसका मतलब यह हुआ कि शरीर के लिए ऑमलेट से पोषक तत्वों को निकालना सबसे कठिन होता है।

अंडे का विटामिन्स पर असर

बता दें कि विटामिन ए तीनों तरह के अंडे में पाया जाता है। लेकिन विटामिन डी3 की मौजूदगी कमजोर डाइजेशन की कंडीशन में थोड़ी कमी रह गई।

वेट लॉस में असरदार

एक स्टडी में पाया गया है कि इसके नतीजे वेट कंट्रोल के लिए जरूरी हैं। वेट कम करने के लिए दो चीजें सबसे ज्यादा खास होती हैं। जिनमें से पहला प्रोटीन का सही इस्तेमाल और दूसरा कम कैलोरी खाना।

डाइजेशन और भूख पर असर

पोच्ड और उबला हुआ अंडा आसानी से पच जाता है। साथ ही प्रोटीन भी अच्छे से टूटता है। जितना अच्छे से प्रोटीन टूटता है, उतनी देर तक हमारा पेट भरा रहता है। जिस कारण हमें जल्दी भूख नहीं लगती है। यह वेट कंट्रोल करने में सहायता करता है और ऑमलेट को पचाना थोड़ा मुश्किल होता है।

कैलोरी की मात्रा

पोच्ड और उबले हुए अंडे बनाने के दौरान मक्खन या तेल का इस्तेमाल नहीं होता है। इसलिए इनमें कैलोरी कम मात्रा में होती है। लेकिन ऑमलेट में मक्खन, तेल या चीज डाला जाता है, जिससे इसकी कैलोरी बढ़ जाती है।

मेटाबॉलिज्म बूस्‍ट

अंडे से विटामिन ए और डी जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी के सही इस्तेमाल में मदद करते हैं।

ऐसे खाएं एग

अगर आप अपना वेट कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो कम तेल में अंडा बनाएं। इससे डाइजेशन भी अच्छा रहेगा।

ये भी जानें

बता दें कि बॉयल्ड अंडा कम कैलोरी वाला होता है।
पोच्ड एग बिना तेल के पौष्टिकता को बनाए रखने का काम करता है।
ऑमलेट भी अच्छा ऑप्शन है, बस तेल कम रखें और सब्जियां ज्यादा डालें और चीज, प्रोसेस्ड मीट से बचना चाहिए।

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