HDFC Bank के CEO Jagdishan की Salary में Mega Hike, सालाना पैकेज पहुंचा 15.13 करोड़ रुपये
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक की नई वार्षिक रिपोर्ट में बैंक के शीर्ष प्रबंधन के वेतन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन का कुल वार्षिक पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 15.13 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 19 प्रतिशत अधिक है। बता दें कि एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारियों को दिए गए वेतन, भत्तों और अन्य लाभों का विवरण साझा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शशिधर जगदीशन का मूल वेतन 3.09 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के बराबर है। वहीं, उन्हें विभिन्न भत्तों और अन्य सुविधाओं के रूप में 3.46 करोड़ रुपये दिए गए हैं।हालांकि सबसे बड़ी बढ़ोतरी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि में देखने को मिली है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उनके प्रदर्शन बोनस में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बैंक के प्रदर्शन और तय मानकों के आधार पर दी जाने वाली प्रोत्साहन व्यवस्था का हिस्सा मानी जा रही है।गौरतलब है कि बैंक के कर्मचारी शेयर विकल्प यानी कर्मचारी शेयर विकल्प योजना के तहत दिए गए शेयर विकल्पों की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में शशिधर जगदीशन को 6.23 लाख शेयर विकल्प दिए गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 1.30 लाख थी। यानी एक साल में इसमें लगभग पांच गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।वार्षिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भरूचा को इसी वर्ष जनवरी महीने में बैंक का पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया गया था। बैंक के प्रबंधन ढांचे में हुए इस बदलाव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मौजूद जानकारी के अनुसार, एचडीएफसी बैंक 18 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेगा। निवेशकों और बाजार की नजर इन परिणामों पर रहेगी, क्योंकि देश के सबसे बड़े निजी बैंक के प्रदर्शन का असर पूरे बैंकिंग क्षेत्र की धारणा पर पड़ता है।बता दें कि हाल ही में एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को बैंक का नया अंशकालिक अध्यक्ष भी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति बैंक के निदेशक मंडल में हुए हालिया बदलावों का हिस्सा है।विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निजी बैंकों में शीर्ष अधिकारियों के पारिश्रमिक का निर्धारण केवल मूल वेतन पर आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, दीर्घकालिक कर्मचारी शेयर विकल्प और अन्य लाभ भी शामिल होते हैं। ऐसे में वार्षिक रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े बैंक की प्रबंधन नीति और प्रदर्शन आधारित भुगतान व्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं।
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक की नई वार्षिक रिपोर्ट में बैंक के शीर्ष प्रबंधन के वेतन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन का कुल वार्षिक पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 15.13 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 19 प्रतिशत अधिक है।
बता दें कि एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारियों को दिए गए वेतन, भत्तों और अन्य लाभों का विवरण साझा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शशिधर जगदीशन का मूल वेतन 3.09 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के बराबर है। वहीं, उन्हें विभिन्न भत्तों और अन्य सुविधाओं के रूप में 3.46 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
हालांकि सबसे बड़ी बढ़ोतरी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि में देखने को मिली है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उनके प्रदर्शन बोनस में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बैंक के प्रदर्शन और तय मानकों के आधार पर दी जाने वाली प्रोत्साहन व्यवस्था का हिस्सा मानी जा रही है।
गौरतलब है कि बैंक के कर्मचारी शेयर विकल्प यानी कर्मचारी शेयर विकल्प योजना के तहत दिए गए शेयर विकल्पों की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में शशिधर जगदीशन को 6.23 लाख शेयर विकल्प दिए गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 1.30 लाख थी। यानी एक साल में इसमें लगभग पांच गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।
वार्षिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भरूचा को इसी वर्ष जनवरी महीने में बैंक का पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया गया था। बैंक के प्रबंधन ढांचे में हुए इस बदलाव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एचडीएफसी बैंक 18 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेगा। निवेशकों और बाजार की नजर इन परिणामों पर रहेगी, क्योंकि देश के सबसे बड़े निजी बैंक के प्रदर्शन का असर पूरे बैंकिंग क्षेत्र की धारणा पर पड़ता है।
बता दें कि हाल ही में एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को बैंक का नया अंशकालिक अध्यक्ष भी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति बैंक के निदेशक मंडल में हुए हालिया बदलावों का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निजी बैंकों में शीर्ष अधिकारियों के पारिश्रमिक का निर्धारण केवल मूल वेतन पर आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, दीर्घकालिक कर्मचारी शेयर विकल्प और अन्य लाभ भी शामिल होते हैं। ऐसे में वार्षिक रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े बैंक की प्रबंधन नीति और प्रदर्शन आधारित भुगतान व्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं।
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