HCLTech ने की साल की सबसे बड़ी Global Deal, AI के दम पर यूरोप से मिले 9800 करोड़

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएलटेक ने यूरोप स्थित फॉर्च्यून ग्लोबल 50 की एक बड़ी कंपनी के साथ करीब 1.14 अरब डॉलर यानी लगभग 9,800 करोड़ रुपये के रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह इस वर्ष किसी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा घोषित सबसे बड़े वैश्विक समझौतों में से एक माना जा रहा है।कंपनी ने राष्ट्रीय शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि यह समझौता एआई आधारित ऑपरेशन व्यवस्था विकसित करने के लिए किया गया है। इसके तहत एचसीएलटेक संबंधित कंपनी के वैश्विक डिजिटल कार्यस्थल और उद्यम नेटवर्क का संचालन तथा परिवर्तन एआई की सहायता से करेगी। बता दें कि कंपनी ने अपने ग्राहक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन इतना जरूर बताया है कि वह यूरोप मुख्यालय वाली फॉर्च्यून ग्लोबल 50 की प्रमुख कंपनी है।मौजूद जानकारी के अनुसार, यह समझौता जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगा। प्रारंभिक अवधि लगभग पांच वर्षों की होगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे अगले पांच वर्षों के लिए भी बढ़ाया जा सकेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह नया कारोबार है और पहले से चल रही किसी परियोजना का विस्तार नहीं है।एचसीएलटेक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य एआई आधारित आधुनिक ऑपरेशन मॉडल तैयार करना है, जिससे डिजिटल कार्यस्थल और उद्यम नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज, प्रभावी और स्वचालित बनाया जा सके। वर्तमान समय में दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अपने कारोबार में एआई का तेजी से उपयोग बढ़ा रही हैं और ऐसे में यह समझौता भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां केवल सॉफ्टवेयर सेवाएं देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एआई, मेघ संगणना, डिजिटल परिवर्तन, अभियंत्रिकी सेवाओं और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं। एचसीएलटेक भी इसी दिशा में लगातार निवेश कर रही है।कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सी. विजयकुमार ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि एचसीएलटेक का लक्ष्य दुनिया की सबसे बेहतर एआई समाधान देने वाली कंपनी बनना है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई वैश्विक उद्योगों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी और इसी क्षेत्र में सबसे अधिक अवसर मौजूद हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की कंपनियों ने मिलकर लगभग 41.7 लाख करोड़ डॉलर का कारोबार किया था, जो दुनिया की कुल अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है। इन कंपनियों में करीब 7.01 करोड़ लोग कार्यरत हैं और इन्होंने लगभग 2.98 लाख करोड़ डॉलर का संयुक्त लाभ दर्ज किया था। लगातार बारहवें वर्ष वॉलमार्ट इस सूची में पहले स्थान पर रही थी।विशेषज्ञों का मानना है कि एचसीएलटेक का यह नया समझौता भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा। साथ ही यह भी संकेत देता है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां अब एआई आधारित सेवाओं के लिए भारतीय कंपनियों पर पहले से अधिक भरोसा जता रही है।

PNSPNS
Jul 6, 2026 - 13:01
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएलटेक ने यूरोप स्थित फॉर्च्यून ग्लोबल 50 की एक बड़ी कंपनी के साथ करीब 1.14 अरब डॉलर यानी लगभग 9,800 करोड़ रुपये के रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह इस वर्ष किसी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा घोषित सबसे बड़े वैश्विक समझौतों में से एक माना जा रहा है।

कंपनी ने राष्ट्रीय शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि यह समझौता एआई आधारित ऑपरेशन व्यवस्था विकसित करने के लिए किया गया है। इसके तहत एचसीएलटेक संबंधित कंपनी के वैश्विक डिजिटल कार्यस्थल और उद्यम नेटवर्क का संचालन तथा परिवर्तन एआई की सहायता से करेगी। बता दें कि कंपनी ने अपने ग्राहक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन इतना जरूर बताया है कि वह यूरोप मुख्यालय वाली फॉर्च्यून ग्लोबल 50 की प्रमुख कंपनी है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह समझौता जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगा। प्रारंभिक अवधि लगभग पांच वर्षों की होगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे अगले पांच वर्षों के लिए भी बढ़ाया जा सकेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह नया कारोबार है और पहले से चल रही किसी परियोजना का विस्तार नहीं है।

एचसीएलटेक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य एआई आधारित आधुनिक ऑपरेशन मॉडल तैयार करना है, जिससे डिजिटल कार्यस्थल और उद्यम नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज, प्रभावी और स्वचालित बनाया जा सके। वर्तमान समय में दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अपने कारोबार में एआई का तेजी से उपयोग बढ़ा रही हैं और ऐसे में यह समझौता भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां केवल सॉफ्टवेयर सेवाएं देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एआई, मेघ संगणना, डिजिटल परिवर्तन, अभियंत्रिकी सेवाओं और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं। एचसीएलटेक भी इसी दिशा में लगातार निवेश कर रही है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सी. विजयकुमार ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि एचसीएलटेक का लक्ष्य दुनिया की सबसे बेहतर एआई समाधान देने वाली कंपनी बनना है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई वैश्विक उद्योगों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी और इसी क्षेत्र में सबसे अधिक अवसर मौजूद हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की कंपनियों ने मिलकर लगभग 41.7 लाख करोड़ डॉलर का कारोबार किया था, जो दुनिया की कुल अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है। इन कंपनियों में करीब 7.01 करोड़ लोग कार्यरत हैं और इन्होंने लगभग 2.98 लाख करोड़ डॉलर का संयुक्त लाभ दर्ज किया था। लगातार बारहवें वर्ष वॉलमार्ट इस सूची में पहले स्थान पर रही थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एचसीएलटेक का यह नया समझौता भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा। साथ ही यह भी संकेत देता है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां अब एआई आधारित सेवाओं के लिए भारतीय कंपनियों पर पहले से अधिक भरोसा जता रही है।

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