Ghulam Ali Birthday: बाल कलाकार से ग़ज़ल सम्राट तक, उस्ताद गुलाम अली के जीवन की अनमोल दास्तां

गजल की दुनिया के फेमस गायक उस्ताद गुलाम अली का 05 दिसंबर को जन्म हुआ था। आज यानी की 05 दिसंबर को गुलाम अली अपना 85वां जन्मदिन मना रहे हैं। पाकिस्तान से संबंध रखने वाले गुलाम अली ने अपनी बेहतरीन और शानदार गजलों से पूरी दुनिया में अपना नाम कमाया है। भारत में भी लोग उनकी गजल के दीवाने रहे हैं। वह पटियाला घराने से संबंध रखते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर फेमस गायक गुलाम अली के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारपाकिस्तान में 05 दिसंबर 1940 को गुलाम अली का जन्म हुआ था। उन्होंने संगीत की तालीम बड़े गुलाम अली साहब से ली थी। जिस तरह से चंद कविताएं एक कवि को अमर कर जाती हैं, उस तरह से कुछ गजलें ऐसी होती हैं, जो गायक को दिलों में जिंदा रखती हैं।ऐसा रहा करियरबता दें कि गुलाम अली ने बतौर बाल कलाकार रेडियो स्टेशन में अपने करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद वह गजल की दुनिया में छा गए। आज भी गुलाम अली की गजलें क्लासिक हैं। गजल के लिए गुलाम अली म्यूजिक कंपोज करते थे। उनको घराना गायकी को गजल में ब्लेंड करने के लिए भी जाना जाता है। गुलाम अली ने पंजाबी गाने भी गाए हैं और यह गाने काफी फेमस भी हुए हैं। पाकिस्तान से होने के बाद भी गुलाम अली भारत में काफी फेमस थे।गुलाम अली भारत आते-जाते रहते थे। उन्होंने आशा भोसले के साथ ज्वॉइंट म्यूजिक एल्बम भी की है। इसके अलावा बॉलीवुड फिल्मों में भी गुलाम अली की गजलों का इस्तेमाल किया गया है। उनकी फेमस गजलों में कल चौदहवीं की रात, चमकते चांद को, चुपके चुपके रात दिन, हंगामा है क्यों बरपा और किया है प्यार जिस को फिल्मों में लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने नेपाली गजल भी गाई है। गुलाम अली ने फेमस नेपाली सिंगर नारायण गोपाल के साथ काम किया है।पुरस्कारसाल 2013 में गुलाम अली को पद्मभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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Dec 5, 2025 - 16:36
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Ghulam Ali Birthday: बाल कलाकार से ग़ज़ल सम्राट तक, उस्ताद गुलाम अली के जीवन की अनमोल दास्तां
गजल की दुनिया के फेमस गायक उस्ताद गुलाम अली का 05 दिसंबर को जन्म हुआ था। आज यानी की 05 दिसंबर को गुलाम अली अपना 85वां जन्मदिन मना रहे हैं। पाकिस्तान से संबंध रखने वाले गुलाम अली ने अपनी बेहतरीन और शानदार गजलों से पूरी दुनिया में अपना नाम कमाया है। भारत में भी लोग उनकी गजल के दीवाने रहे हैं। वह पटियाला घराने से संबंध रखते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर फेमस गायक गुलाम अली के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

पाकिस्तान में 05 दिसंबर 1940 को गुलाम अली का जन्म हुआ था। उन्होंने संगीत की तालीम बड़े गुलाम अली साहब से ली थी। जिस तरह से चंद कविताएं एक कवि को अमर कर जाती हैं, उस तरह से कुछ गजलें ऐसी होती हैं, जो गायक को दिलों में जिंदा रखती हैं।

ऐसा रहा करियर

बता दें कि गुलाम अली ने बतौर बाल कलाकार रेडियो स्टेशन में अपने करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद वह गजल की दुनिया में छा गए। आज भी गुलाम अली की गजलें क्लासिक हैं। गजल के लिए गुलाम अली म्यूजिक कंपोज करते थे। उनको घराना गायकी को गजल में ब्लेंड करने के लिए भी जाना जाता है। गुलाम अली ने पंजाबी गाने भी गाए हैं और यह गाने काफी फेमस भी हुए हैं। पाकिस्तान से होने के बाद भी गुलाम अली भारत में काफी फेमस थे।

गुलाम अली भारत आते-जाते रहते थे। उन्होंने आशा भोसले के साथ ज्वॉइंट म्यूजिक एल्बम भी की है। इसके अलावा बॉलीवुड फिल्मों में भी गुलाम अली की गजलों का इस्तेमाल किया गया है। उनकी फेमस गजलों में कल चौदहवीं की रात, चमकते चांद को, चुपके चुपके रात दिन, हंगामा है क्यों बरपा और किया है प्यार जिस को फिल्मों में लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने नेपाली गजल भी गाई है। गुलाम अली ने फेमस नेपाली सिंगर नारायण गोपाल के साथ काम किया है।

पुरस्कार

साल 2013 में गुलाम अली को पद्मभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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