FIFA World Cup 2026 | Haaland ने दो गोल करके Brazil को बाहर किया, Norway को पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया
फुटबॉल जगत ने सोमवार को इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखा। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के दो स्वर्णिम गोलों और 35 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर ओरजान नाइलैंड के अविश्वसनीय बचावों के दम पर नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार पुरुष विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजीलियाई टीम का सफर यहीं थम गया। इस युवा स्ट्राइकर को मैच में अधिकतर समय गेंद को स्पर्श करने के कम ही मौके मिले लेकिन जब महत्वपूर्ण अवसर पर गेंद उनकी जद में आई तो उन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर दिखा दिया कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं।इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir: राजौरी में LOC के पास मंडराता दिखा पाकिस्तानी संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षाबलों ने शुरू किया बड़ा तलाशी अभियान हालैंड ने हाफ टाइम के बाद मैदान में उतरे एंड्रियास शेल्डरुप के बेहतरीन पास पर गेंद को अपने दाहिने तरफ से गोल में पहुंचाया। यह छह फुट पांच इंच लंबे हालैंड का विश्व कप में छठा गोल था जिसका जश्न शेल्डरुप ने उनकी पीठ पर चढ़कर मनाया। शेल्डरुप ने इसके बाद हालैंड के विश्व कप में सातवें गोल करने में भी मदद की और फिर उसी तरह से जश्न मनाया। इस गोल से हालैंड ने मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने के मामले में लियोनेल मेस्सी और काइलियन एमबाप्पे की बराबरी कर ली। ब्राजील की तरफ से नेमार ने स्टॉपेज टाइम के अंत में पेनल्टी किक पर गोल किया, जिससे उसकी हार का अंतर ही कम हुआ। हालैंड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार 14 प्रतिस्पर्धी मैचों में गोल करने का सिलसिला जारी रखा। इस दौरान उन्होंने 27 गोल किए हैं। नॉर्वे के लिए वह 54 मैचों में 62 गोल कर चुके हैं। नॉर्वे की इस जीत में उसके गोलकीपर ओरजान नाइलैंड की भी मइसे भी पढ़ें: Israel-India Relations | 'अमेरिका ही नहीं, हमारा भारत जैसा शक्तिशाली मित्र भी है', JD Vance के बयान पर Benjamin Netanyahu का पलटवार ब्राजील को 14वें मिनट में ही बढ़त बनाने का सुनहरा अवसर मिला था जब उसे पेनल्टी मिली लेकिन नाइलैंड ने अपनी बायीं तरफ गोता लगाकर ब्रूनो गुइमारेस की पेनल्टी किक को रोक दिया। इसके बाद जब नार्वे ने एक गोल की बढ़त हासिल कर ली थी तब उन्होंने एंड्रिक के शॉट को अपने बाएं हाथ से रोक दिया। नाइलैंड 35 वर्ष के हैं और अपनी टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनके और हालैंड के शानदार प्रदर्शन से नार्वे ने पुरुष फुटबॉल में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की। नॉर्वे की महिला टीम ने 1995 में विश्व कप जीता था, लेकिन पुरुष टीम केवल चार बार ही क्वालीफाई कर पाई है। उसकी टीम 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और इससे पहले कभी अंतिम 16 से आगे नहीं बढ़ पाई थी। नॉर्वे का अगला मुकाबला रविवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में इंग्लैंड से होगा। गुइमारेस 1986 में ज़िको के बाद विश्व कप पेनल्टी किक पर गोल न करने वाले पहले ब्राज़ीलियाई खिलाड़ी बन गए। स्टार विनीसियस जूनियर के बजाय उन्हें पेनल्टी किक देने का निर्णय तुरंत ही सवालों के घेरे में आ गया और संभवतः काफी समय तक इसकी आलोचना होती रहेगी। ब्राजील ने इसके अलावा कई अन्य मौके भी गंवाए। ब्राजील को अब घोर निराशा के साथ स्वदेश लौटना होगा। इस हार से विश्व फुटबॉल की महाशक्ति ब्राज़ील का टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में लगातार आठ बार पहुंचने का सिलसिला टूट गया। वह 1990 के बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा। विश्व कप में यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ब्राजील की यह लगातार सातवीं हार थी, जो 2002 के फाइनल में जर्मनी को हराने के बाद से जारी है। चोटिल मिडफील्डर लुकास पैक्वेटा की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया। स्टेडियम खचाखच भरा था। इसमें मौजूद 80,663 दर्शकों में ब्राजील के समर्थक अधिक थे लेकिन आखिर में उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
फुटबॉल जगत ने सोमवार को इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखा। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के दो स्वर्णिम गोलों और 35 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर ओरजान नाइलैंड के अविश्वसनीय बचावों के दम पर नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार पुरुष विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजीलियाई टीम का सफर यहीं थम गया। इस युवा स्ट्राइकर को मैच में अधिकतर समय गेंद को स्पर्श करने के कम ही मौके मिले लेकिन जब महत्वपूर्ण अवसर पर गेंद उनकी जद में आई तो उन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर दिखा दिया कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं।
इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir: राजौरी में LOC के पास मंडराता दिखा पाकिस्तानी संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षाबलों ने शुरू किया बड़ा तलाशी अभियान
हालैंड ने हाफ टाइम के बाद मैदान में उतरे एंड्रियास शेल्डरुप के बेहतरीन पास पर गेंद को अपने दाहिने तरफ से गोल में पहुंचाया। यह छह फुट पांच इंच लंबे हालैंड का विश्व कप में छठा गोल था जिसका जश्न शेल्डरुप ने उनकी पीठ पर चढ़कर मनाया। शेल्डरुप ने इसके बाद हालैंड के विश्व कप में सातवें गोल करने में भी मदद की और फिर उसी तरह से जश्न मनाया। इस गोल से हालैंड ने मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने के मामले में लियोनेल मेस्सी और काइलियन एमबाप्पे की बराबरी कर ली।
ब्राजील की तरफ से नेमार ने स्टॉपेज टाइम के अंत में पेनल्टी किक पर गोल किया, जिससे उसकी हार का अंतर ही कम हुआ। हालैंड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार 14 प्रतिस्पर्धी मैचों में गोल करने का सिलसिला जारी रखा। इस दौरान उन्होंने 27 गोल किए हैं। नॉर्वे के लिए वह 54 मैचों में 62 गोल कर चुके हैं। नॉर्वे की इस जीत में उसके गोलकीपर ओरजान नाइलैंड की भी म
इसे भी पढ़ें: Israel-India Relations | 'अमेरिका ही नहीं, हमारा भारत जैसा शक्तिशाली मित्र भी है', JD Vance के बयान पर Benjamin Netanyahu का पलटवार
ब्राजील को 14वें मिनट में ही बढ़त बनाने का सुनहरा अवसर मिला था जब उसे पेनल्टी मिली लेकिन नाइलैंड ने अपनी बायीं तरफ गोता लगाकर ब्रूनो गुइमारेस की पेनल्टी किक को रोक दिया। इसके बाद जब नार्वे ने एक गोल की बढ़त हासिल कर ली थी तब उन्होंने एंड्रिक के शॉट को अपने बाएं हाथ से रोक दिया। नाइलैंड 35 वर्ष के हैं और अपनी टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनके और हालैंड के शानदार प्रदर्शन से नार्वे ने पुरुष फुटबॉल में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की। नॉर्वे की महिला टीम ने 1995 में विश्व कप जीता था, लेकिन पुरुष टीम केवल चार बार ही क्वालीफाई कर पाई है। उसकी टीम 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और इससे पहले कभी अंतिम 16 से आगे नहीं बढ़ पाई थी।
नॉर्वे का अगला मुकाबला रविवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में इंग्लैंड से होगा। गुइमारेस 1986 में ज़िको के बाद विश्व कप पेनल्टी किक पर गोल न करने वाले पहले ब्राज़ीलियाई खिलाड़ी बन गए। स्टार विनीसियस जूनियर के बजाय उन्हें पेनल्टी किक देने का निर्णय तुरंत ही सवालों के घेरे में आ गया और संभवतः काफी समय तक इसकी आलोचना होती रहेगी।
ब्राजील ने इसके अलावा कई अन्य मौके भी गंवाए। ब्राजील को अब घोर निराशा के साथ स्वदेश लौटना होगा। इस हार से विश्व फुटबॉल की महाशक्ति ब्राज़ील का टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में लगातार आठ बार पहुंचने का सिलसिला टूट गया। वह 1990 के बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा।
विश्व कप में यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ब्राजील की यह लगातार सातवीं हार थी, जो 2002 के फाइनल में जर्मनी को हराने के बाद से जारी है। चोटिल मिडफील्डर लुकास पैक्वेटा की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया। स्टेडियम खचाखच भरा था। इसमें मौजूद 80,663 दर्शकों में ब्राजील के समर्थक अधिक थे लेकिन आखिर में उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
What's Your Reaction?