Chief Of Army Staff General Upendra Dwivedi ने किया LoC Sector का दौरा, Pakistan में मचा हड़कंप

जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य एक बार फिर सख्त संदेश दे रहा है कि सीमा पार से चल रही साजिशें थमी नहीं हैं, लेकिन जवाब भी अब ढीला नहीं है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अग्रिम इलाकों का दौरा कर आतंकवाद रोधी अभियानों, जमीनी हालात और सैनिक तैयारियों की सीधी समीक्षा की। उनका यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि साफ संकेत है कि अब हर हरकत पर नजर और हर खतरे पर वार की नीति लागू है।सेना प्रमुख ने जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय पहुंचकर आतंकवाद रोधी बलों की तैयारियों का जायजा लिया। राजौरी और पुंछ जैसे कठिन इलाकों में सक्रिय इकाइयों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सतर्कता में जरा भी ढिलाई मंजूर नहीं। उन्नत तकनीक के इस्तेमाल, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। सेना ने यह भी साफ किया कि जवानों की निष्ठा और पेशेवर रवैया ही इस लड़ाई की असली ताकत है।इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Security Review | सेना प्रमुख ने आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की, उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा कीहम आपको यह भी बता दें कि पिछले सप्ताह ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर पूरे तंत्र को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। पिछले दो हफ्तों में कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ में कई मुठभेड़ों के बाद जैश ए मोहम्मद से जुड़े चार पाकिस्तानी आतंकवादियों का मारा जाना बताता है कि सुरक्षा बल अब खोज कर वार कर रहे हैं। बैठक में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी ढांचे पर प्रहार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।वैसे जमीनी स्तर पर खतरा अभी भी मौजूद है। सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर घुसने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को बीएसएफ ने पकड़ लिया। रामगढ़ सेक्टर में संदिग्ध हलचल देखते ही जवानों ने उसे दबोच लिया। यह घटना बताती है कि सीमा पार बैठे आकाओं की नजर अभी भी जम्मू कश्मीर को अस्थिर करने पर है।अंदरूनी मोर्चे पर भी सख्ती बढ़ी है। जम्मू में एक कुख्यात अपराधी बलदेव राज को जन सुरक्षा अधिनियम यानी पीएसए के तहत हिरासत में लेकर भद्रवाह जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम जारी रहेंगे।कुल मिलाकर तस्वीर साफ है- सीमा पर घुसपैठ, अंदर नेटवर्क, ऊपर से साजिशें। लेकिन जवाब में सेना, बीएसएफ और पुलिस ने बहुस्तरीय जाल बिछा दिया है। अब लड़ाई रक्षात्मक कम, आक्रामक ज्यादा दिख रही है। देखा जाये तो सरकार और सुरक्षा बलों की सक्रियता सराहनीय है, पर इस लड़ाई में निरंतर दबाव ही जीत दिलाएगा। सीमा पार बैठे आतंकी आका तब ही मानेंगे जब हर साजिश का अंजाम नाकामी और नुकसान होगा। इसलिए तकनीक, खुफिया तंत्र और स्थानीय सहयोग को और धार देनी होगी।

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Feb 10, 2026 - 08:41
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Chief Of Army Staff General Upendra Dwivedi ने किया LoC Sector का दौरा, Pakistan में मचा हड़कंप
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य एक बार फिर सख्त संदेश दे रहा है कि सीमा पार से चल रही साजिशें थमी नहीं हैं, लेकिन जवाब भी अब ढीला नहीं है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अग्रिम इलाकों का दौरा कर आतंकवाद रोधी अभियानों, जमीनी हालात और सैनिक तैयारियों की सीधी समीक्षा की। उनका यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि साफ संकेत है कि अब हर हरकत पर नजर और हर खतरे पर वार की नीति लागू है।

सेना प्रमुख ने जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय पहुंचकर आतंकवाद रोधी बलों की तैयारियों का जायजा लिया। राजौरी और पुंछ जैसे कठिन इलाकों में सक्रिय इकाइयों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सतर्कता में जरा भी ढिलाई मंजूर नहीं। उन्नत तकनीक के इस्तेमाल, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। सेना ने यह भी साफ किया कि जवानों की निष्ठा और पेशेवर रवैया ही इस लड़ाई की असली ताकत है।

इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Security Review | सेना प्रमुख ने आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की, उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की

हम आपको यह भी बता दें कि पिछले सप्ताह ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर पूरे तंत्र को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। पिछले दो हफ्तों में कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ में कई मुठभेड़ों के बाद जैश ए मोहम्मद से जुड़े चार पाकिस्तानी आतंकवादियों का मारा जाना बताता है कि सुरक्षा बल अब खोज कर वार कर रहे हैं। बैठक में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी ढांचे पर प्रहार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

वैसे जमीनी स्तर पर खतरा अभी भी मौजूद है। सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर घुसने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को बीएसएफ ने पकड़ लिया। रामगढ़ सेक्टर में संदिग्ध हलचल देखते ही जवानों ने उसे दबोच लिया। यह घटना बताती है कि सीमा पार बैठे आकाओं की नजर अभी भी जम्मू कश्मीर को अस्थिर करने पर है।

अंदरूनी मोर्चे पर भी सख्ती बढ़ी है। जम्मू में एक कुख्यात अपराधी बलदेव राज को जन सुरक्षा अधिनियम यानी पीएसए के तहत हिरासत में लेकर भद्रवाह जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम जारी रहेंगे।

कुल मिलाकर तस्वीर साफ है- सीमा पर घुसपैठ, अंदर नेटवर्क, ऊपर से साजिशें। लेकिन जवाब में सेना, बीएसएफ और पुलिस ने बहुस्तरीय जाल बिछा दिया है। अब लड़ाई रक्षात्मक कम, आक्रामक ज्यादा दिख रही है। देखा जाये तो सरकार और सुरक्षा बलों की सक्रियता सराहनीय है, पर इस लड़ाई में निरंतर दबाव ही जीत दिलाएगा। सीमा पार बैठे आतंकी आका तब ही मानेंगे जब हर साजिश का अंजाम नाकामी और नुकसान होगा। इसलिए तकनीक, खुफिया तंत्र और स्थानीय सहयोग को और धार देनी होगी।

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