Chaudhary Bhajanlal Death Anniversary: अल्पमत सरकार को बहुमत में बदलने का हुनर रखते थे भजनलाल, 3 बार बने थे हरियाणा के CM

हरियाणा के सबसे लंबी अवधि करीब 11 साल और 9 महीने तक सीएम रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले चौधरी भजनलाल का 03 जून को निधन हो गया था। बता दें कि चौधरी भजन लाल हरदिल अजीज राजनेता माने जाते थे। वह सिर्फ हरियाणा के ही नहीं बल्कि पूरे भारत की राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर चौधरी भजनलाल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारपाकिस्तान के बहावलपुर के गांव कोड़ावाली में 06 अक्तूबर 1930 को चौधरी भजनलाल का जन्म हुआ था। वहीं भारत के बंटवारे के बाद उनका परिवार बतौर शरणार्थी हिसार आकर बस गया था। उस दौरान उनकी आयु 17 साल थी। युवावस्था में ही भजनलाल ने जिला हिसार में मंडी आदमपुर को अपना कार्यस्थल बनाया। भजनलाल ने आदमपुर के छोटे से गांव से अपने जीवन का संघर्ष शुरू किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सामाजिक और राजनीतिक पहचान बनाई थी।इसे भी पढ़ें: M Karunanidhi Birth Anniversary: फिल्मों के अलावा राजनीति के भी सुपरस्टार रहे एम करुणानिधि, 5 बार बने थे CMराजनीतिक सफरसाल 1960 में भजनलाल आदमपुर के पंच चुने गए थे। वहीं साल 1961 में जिल परिषद के हिसार ब्लाक-II में निर्वाचित हुए। वहीं साल 1968 में पहली बार उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद उन्होंने साल 1968, 1972, 1977, 1982, 1991, 1996, 2000, 2005 और 2008 में लगातार 9 बार आदमपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।हरियाणा के मुख्यमंत्रीइसके बाद साल 1970 से लेकर 1975 तक चौधरी भजन लाल हरियाणा की बंसीलाल सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए। फिर साल 1978 में वह देवीलाल सरकार में सहकारिता मंत्री बनाए गए। फिर उन्होंने 28 जून 1979 को सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद वह 23 मई 1982 से 04 जून 1986 तक सीएम पद पर रहे। फिर 21 अक्तूबर 1986 को भजनलाल को पहला केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री बने। इसके बाद साल 1988 में वह कृषि मंत्री पद पर सुशोभित हुए। इसके बाद 23 जून 1991 को तीसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और 10 मई 1996 तक सीएम पद पर बने रहे। बता दें कि चौधरी भजनलाल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ के चलते साल 1991 में कांग्रेसी प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव की अल्पमत सरकार को बहुमत में बदलने का काम कर दिया था। मृत्युवहीं 03 जून 2011 को हृदय गति रुकने के कारण चौधरी भजनलाल का निधन हो गया था।

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Jun 6, 2025 - 03:32
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Chaudhary Bhajanlal Death Anniversary: अल्पमत सरकार को बहुमत में बदलने का हुनर रखते थे भजनलाल, 3 बार बने थे हरियाणा के CM
हरियाणा के सबसे लंबी अवधि करीब 11 साल और 9 महीने तक सीएम रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले चौधरी भजनलाल का 03 जून को निधन हो गया था। बता दें कि चौधरी भजन लाल हरदिल अजीज राजनेता माने जाते थे। वह सिर्फ हरियाणा के ही नहीं बल्कि पूरे भारत की राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर चौधरी भजनलाल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार
पाकिस्तान के बहावलपुर के गांव कोड़ावाली में 06 अक्तूबर 1930 को चौधरी भजनलाल का जन्म हुआ था। वहीं भारत के बंटवारे के बाद उनका परिवार बतौर शरणार्थी हिसार आकर बस गया था। उस दौरान उनकी आयु 17 साल थी। युवावस्था में ही भजनलाल ने जिला हिसार में मंडी आदमपुर को अपना कार्यस्थल बनाया। भजनलाल ने आदमपुर के छोटे से गांव से अपने जीवन का संघर्ष शुरू किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सामाजिक और राजनीतिक पहचान बनाई थी।

इसे भी पढ़ें: M Karunanidhi Birth Anniversary: फिल्मों के अलावा राजनीति के भी सुपरस्टार रहे एम करुणानिधि, 5 बार बने थे CM

राजनीतिक सफर
साल 1960 में भजनलाल आदमपुर के पंच चुने गए थे। वहीं साल 1961 में जिल परिषद के हिसार ब्लाक-II में निर्वाचित हुए। वहीं साल 1968 में पहली बार उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद उन्होंने साल 1968, 1972, 1977, 1982, 1991, 1996, 2000, 2005 और 2008 में लगातार 9 बार आदमपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री
इसके बाद साल 1970 से लेकर 1975 तक चौधरी भजन लाल हरियाणा की बंसीलाल सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए। फिर साल 1978 में वह देवीलाल सरकार में सहकारिता मंत्री बनाए गए। फिर उन्होंने 28 जून 1979 को सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद वह 23 मई 1982 से 04 जून 1986 तक सीएम पद पर रहे। फिर 21 अक्तूबर 1986 को भजनलाल को पहला केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री बने। इसके बाद साल 1988 में वह कृषि मंत्री पद पर सुशोभित हुए। इसके बाद 23 जून 1991 को तीसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और 10 मई 1996 तक सीएम पद पर बने रहे। बता दें कि चौधरी भजनलाल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ के चलते साल 1991 में कांग्रेसी प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव की अल्पमत सरकार को बहुमत में बदलने का काम कर दिया था। 

मृत्यु
वहीं 03 जून 2011 को हृदय गति रुकने के कारण चौधरी भजनलाल का निधन हो गया था।

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