Chandranath Rath Murder Case में संदिग्ध Raj Singh की माँ के दावे से उठे कई सवाल

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब सीबीआई को सौंप दिया गया है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद आज से सीबीआई ने आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की है, जिसकी निगरानी कोलकाता क्षेत्र के संयुक्त निदेशक करेंगे। जांच दल में आवश्यकता के अनुसार कोलकाता क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों को शामिल किया जाएगा ताकि मामले की प्रभावी और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया, जहां उत्तर 24 परगना जिले की अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार तकनीकी निगरानी, डिजिटल जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर टीम को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया था, जहां से आरोपियों को पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी एक संदिग्ध द्वारा टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर की गई।इसे भी पढ़ें: Chandranath Rath Murder | Suvendu Adhikari के PA की हत्या की जांच अब CBI के हाथ! DIG की अगुवाई में 7-सदस्यीय SIT गठितहम आपको याद दिला दें कि चंद्रनाथ रथ की छह मई की रात मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव परिणाम आने के केवल दो दिन बाद हुई। उस रात चंद्रनाथ रथ एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार रास्ते में एक चारपहिया वाहन ने उनकी गाड़ी को रोका, जबकि दो मोटरसाइकिलें पहले से उनका पीछा कर रही थीं। इसी दौरान एक हमलावर ने करीब दस गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक का उपचार जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।उधर, इस मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह की मां जसवंती सिंह ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना के समय राज सिंह परिवार के साथ लखनऊ, अंबेडकर नगर और अयोध्या में था। उन्होंने बताया कि सात मई को वह लोग एक विधान परिषद सदस्य की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने लखनऊ गए थे। उन्होंने कहा कि वहां से वे अंबेडकर नगर स्थित मखदूम अशरफ बाबा की दरगाह गए और बाद में अयोध्या पहुंचे। जसवंती का आरोप है कि वापसी के दौरान पुलिस ने उनके वाहन को रोका और राज सिंह को अपने साथ ले गई।जसवंती सिंह ने यह भी कहा कि उनके पास घर, बाजार और अन्य स्थानों के सीसीटीवी दृश्य मौजूद हैं, जिनसे यह साबित किया जा सकता है कि उनका बेटा छह मई से नौ मई तक बलिया में ही था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। भावुक होते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से न्याय की अपील भी की।उधर, राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने भी सीबीआई जांच के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई बलिया पहुंचकर सीसीटीवी दृश्य और अन्य प्रमाणों की जांच करेगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अधिवक्ता ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज सिंह को कोलकाता ले जाने से पहले ट्रांजिट रिमांड लेना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।इस बीच, राज सिंह की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें वह विभिन्न प्रभावशाली लोगों के साथ दिखाई दे रहा है। उसने अपने सोशल मीडिया खाते पर स्वयं को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव और चिलकहर क्षेत्र का संभावित प्रमुख बताया है। उसकी तस्वीरें प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व सांसद ब्रज भूषण सिंह के साथ भी साझा की गई हैं।बहरहाल, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन चुका है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एजेंसी हत्या की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और उनके संभावित राजनीतिक संबंधों को लेकर क्या खुलासे करती है।

PNSPNS
May 13, 2026 - 09:12
 0
Chandranath Rath Murder Case में संदिग्ध Raj Singh की माँ के दावे से उठे कई सवाल
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब सीबीआई को सौंप दिया गया है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद आज से सीबीआई ने आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की है, जिसकी निगरानी कोलकाता क्षेत्र के संयुक्त निदेशक करेंगे। जांच दल में आवश्यकता के अनुसार कोलकाता क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों को शामिल किया जाएगा ताकि मामले की प्रभावी और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया, जहां उत्तर 24 परगना जिले की अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार तकनीकी निगरानी, डिजिटल जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर टीम को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया था, जहां से आरोपियों को पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी एक संदिग्ध द्वारा टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर की गई।

इसे भी पढ़ें: Chandranath Rath Murder | Suvendu Adhikari के PA की हत्या की जांच अब CBI के हाथ! DIG की अगुवाई में 7-सदस्यीय SIT गठित

हम आपको याद दिला दें कि चंद्रनाथ रथ की छह मई की रात मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव परिणाम आने के केवल दो दिन बाद हुई। उस रात चंद्रनाथ रथ एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार रास्ते में एक चारपहिया वाहन ने उनकी गाड़ी को रोका, जबकि दो मोटरसाइकिलें पहले से उनका पीछा कर रही थीं। इसी दौरान एक हमलावर ने करीब दस गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक का उपचार जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

उधर, इस मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह की मां जसवंती सिंह ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना के समय राज सिंह परिवार के साथ लखनऊ, अंबेडकर नगर और अयोध्या में था। उन्होंने बताया कि सात मई को वह लोग एक विधान परिषद सदस्य की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने लखनऊ गए थे। उन्होंने कहा कि वहां से वे अंबेडकर नगर स्थित मखदूम अशरफ बाबा की दरगाह गए और बाद में अयोध्या पहुंचे। जसवंती का आरोप है कि वापसी के दौरान पुलिस ने उनके वाहन को रोका और राज सिंह को अपने साथ ले गई।

जसवंती सिंह ने यह भी कहा कि उनके पास घर, बाजार और अन्य स्थानों के सीसीटीवी दृश्य मौजूद हैं, जिनसे यह साबित किया जा सकता है कि उनका बेटा छह मई से नौ मई तक बलिया में ही था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। भावुक होते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से न्याय की अपील भी की।

उधर, राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने भी सीबीआई जांच के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई बलिया पहुंचकर सीसीटीवी दृश्य और अन्य प्रमाणों की जांच करेगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अधिवक्ता ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज सिंह को कोलकाता ले जाने से पहले ट्रांजिट रिमांड लेना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

इस बीच, राज सिंह की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें वह विभिन्न प्रभावशाली लोगों के साथ दिखाई दे रहा है। उसने अपने सोशल मीडिया खाते पर स्वयं को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव और चिलकहर क्षेत्र का संभावित प्रमुख बताया है। उसकी तस्वीरें प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व सांसद ब्रज भूषण सिंह के साथ भी साझा की गई हैं।

बहरहाल, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन चुका है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एजेंसी हत्या की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और उनके संभावित राजनीतिक संबंधों को लेकर क्या खुलासे करती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow