Bangladesh में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बीएनपी के नए अध्यक्ष Tarique Rahman से मुलाकात की
बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने शनिवार को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले उन्हें आधिकारिक तौर पर इस पद के लिए चुने जाने के एक दिन बाद यह मुलाकात हुई। बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रवक्ता सैरुल कबीर खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, लगभग 40 मिनट तक यह बैठक हुई। उन्होंने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। बांग्लादेश की राजनीति में बीएनपी अग्रणी दल के रूप में उभरी है, जबकि कभी उसकी महत्वपूर्ण सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग चुनावों में हिस्सा नहीं ले रही। छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त, 2024 को अवामी लीग सरकार गिर गई थी। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले साल एक आदेश के माध्यम से अवामी को भंग कर दिया और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया। रहमान 2018 से बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे। पार्टी की नीति-निर्माण संबंधी स्थायी समिति ने शुक्रवार रात को उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी प्रमुख के रूप में चुना। रहमान की मां एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के 10 दिन बाद उन्हें पार्टी प्रमुख चुना गया। बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने रहमान को बीएनपी का अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ घंटे पहले शुक्रवार को उनसे मुलाकात की। रहमान 17 वर्षों तक लंदन में स्वनिर्वासन में रहे और 25 दिसंबर को स्वदेश लौटे थे।
बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने शनिवार को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले उन्हें आधिकारिक तौर पर इस पद के लिए चुने जाने के एक दिन बाद यह मुलाकात हुई।
बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रवक्ता सैरुल कबीर खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, लगभग 40 मिनट तक यह बैठक हुई। उन्होंने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। बांग्लादेश की राजनीति में बीएनपी अग्रणी दल के रूप में उभरी है, जबकि कभी उसकी महत्वपूर्ण सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग चुनावों में हिस्सा नहीं ले रही।
छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त, 2024 को अवामी लीग सरकार गिर गई थी। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले साल एक आदेश के माध्यम से अवामी को भंग कर दिया और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया। रहमान 2018 से बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे।
पार्टी की नीति-निर्माण संबंधी स्थायी समिति ने शुक्रवार रात को उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी प्रमुख के रूप में चुना। रहमान की मां एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के 10 दिन बाद उन्हें पार्टी प्रमुख चुना गया।
बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने रहमान को बीएनपी का अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ घंटे पहले शुक्रवार को उनसे मुलाकात की। रहमान 17 वर्षों तक लंदन में स्वनिर्वासन में रहे और 25 दिसंबर को स्वदेश लौटे थे।
What's Your Reaction?