Asian Boxing Championship: Mongolia में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा, Preeti-Meenakshi के Gold सहित भारत ने जीते 10 मेडल

मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार के नेतृत्व में भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी। मीनाक्षी (48 किग्रा) और प्रीति (54 किग्रा) के अलावा प्रिया घंघास (60 किग्रा) और ‘वर्ल्ड बॉक्सिंग कप’ की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने भी फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किए। भारत को सबसे बड़ा झटका 57 किग्रा वर्ग में लगा, जहां मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया को थाईलैंड की दो बार की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पुनरावी रूएनरोस (पूर्व नाम जुतामास जितपोंग) से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारत को एक और रजत पदक अल्फिया पठान (80+ किग्रा) के रूप में मिला, जो फाइनल में कजाखस्तान की दीना इस्लामबेकोवा से 0-5 से हारकर उपविजेता रहीं। फाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने इस वर्ष होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर लिया, जो भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की चयन नीति के अनुरूप है। भारतीय महिला टीम ने कुल 10 पदकों (चार स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य) के साथ सबसे सफल टीम के रूप में शीर्ष स्थान हासिल किया। कुछ भार वर्गों में सीमित भागीदारी (जहां केवल तीन मुक्केबाज ही उतरे) के कारण लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया को महज भागीदारी के आधार पर ही पदक मिल गए। भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। मीनाक्षी हुड्डा ने मंगोलिया की नोमुंदारी एंख-अमगालन को 5-0 से हराकर दिन का पहला स्वर्ण पदक जीता। प्रीति पवार ने इसके बाद अपने बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए चीनी ताइपे की तीन बार की विश्व चैंपियन और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हुआंग शियाओ-वेन को 5-0 से हराया। प्रिया घंघास ने उत्तर कोरिया की वोन उन-ग्योंग को 3-0 से मात देकर स्वर्ण जीता, जबकि अरुंधति चौधरी ने कजाखस्तान की बाकित सैदिश को 4-1 से हराकर प्रभावशाली जीत दर्ज की। इससे पहले दो बार की विश्व चैंपियन निखत जरीन (54 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और पूजा रानी (80 किग्रा) सेमीफाइनल में हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्वनाथ सुरेश (48 किग्रा) और सचिन सिवाच (60 किग्रा) पुरुष वर्ग में शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे। भारत ने इस प्रतियोगिता में अब तक 16 पदक पक्के कर लिए हैं, जो मौजूदा संस्करण में किसी भी देश द्वारा सबसे अधिक हैं।

PNSPNS
Apr 11, 2026 - 11:37
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Asian Boxing Championship: Mongolia में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा, Preeti-Meenakshi के Gold सहित भारत ने जीते 10 मेडल

मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार के नेतृत्व में भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी। मीनाक्षी (48 किग्रा) और प्रीति (54 किग्रा) के अलावा प्रिया घंघास (60 किग्रा) और ‘वर्ल्ड बॉक्सिंग कप’ की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने भी फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किए। भारत को सबसे बड़ा झटका 57 किग्रा वर्ग में लगा, जहां मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया को थाईलैंड की दो बार की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पुनरावी रूएनरोस (पूर्व नाम जुतामास जितपोंग) से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत को एक और रजत पदक अल्फिया पठान (80+ किग्रा) के रूप में मिला, जो फाइनल में कजाखस्तान की दीना इस्लामबेकोवा से 0-5 से हारकर उपविजेता रहीं। फाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने इस वर्ष होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर लिया, जो भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की चयन नीति के अनुरूप है। भारतीय महिला टीम ने कुल 10 पदकों (चार स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य) के साथ सबसे सफल टीम के रूप में शीर्ष स्थान हासिल किया। कुछ भार वर्गों में सीमित भागीदारी (जहां केवल तीन मुक्केबाज ही उतरे) के कारण लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया को महज भागीदारी के आधार पर ही पदक मिल गए। भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

मीनाक्षी हुड्डा ने मंगोलिया की नोमुंदारी एंख-अमगालन को 5-0 से हराकर दिन का पहला स्वर्ण पदक जीता। प्रीति पवार ने इसके बाद अपने बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए चीनी ताइपे की तीन बार की विश्व चैंपियन और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हुआंग शियाओ-वेन को 5-0 से हराया। प्रिया घंघास ने उत्तर कोरिया की वोन उन-ग्योंग को 3-0 से मात देकर स्वर्ण जीता, जबकि अरुंधति चौधरी ने कजाखस्तान की बाकित सैदिश को 4-1 से हराकर प्रभावशाली जीत दर्ज की। इससे पहले दो बार की विश्व चैंपियन निखत जरीन (54 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और पूजा रानी (80 किग्रा) सेमीफाइनल में हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्वनाथ सुरेश (48 किग्रा) और सचिन सिवाच (60 किग्रा) पुरुष वर्ग में शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे। भारत ने इस प्रतियोगिता में अब तक 16 पदक पक्के कर लिए हैं, जो मौजूदा संस्करण में किसी भी देश द्वारा सबसे अधिक हैं।

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