₹50 लाख से ज्यादा कमाने वाले कई लोग जांच के दायरे में, टैक्स की जानकारी दी कम, छूट का किया गलत इस्तेमाल
₹50 लाख से अधिक आय वाले करदाताओं के लिए यह संकेत है कि विभाग की निगरानी अब पूरी तरह डेटा-आधारित और तकनीकी हो चुकी है। छोटी सी गलती भी आगे चलकर बड़ी जांच या दंड का कारण बन सकती है।
What's Your Reaction?