20 सेकेंड तक जयशंकर को हैरानी से देखती रही ये शक्तिशाली महिला, पाक पर जवाब सुनकर आखिर में रहस्मयी तरीके से चेहरे पर आई मुस्कुराहट

अपनी हाजिर जवाबी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी वाकपटुता को लेकर तारीफ होती रहती है। उनकी विभिन्न मंचों पर हाजिरजवाबी और बयान  अक्सर चर्चा का विषय बने रहते हैं। लोगों को विदेश मंत्री एस जयशंकर का नो नॉनसेंस एटीट्यूड बेहद पसंद आता है। यानी सीधी बात नो बकवास। अब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप में खड़े होकर पाकिस्तान का पोस्टमार्टम कर दिया है। एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर बहुत बड़ा बयान दिया है। इसी दौरान एस जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लेकर यूरोप को भी ऐसी नसीहत दे दी, जिसे सुनकर यूरोप की एक ताकतवर महिला भी हैरान हो गई। ये महिला 20 सेकेंड तक विदेश मंत्री जयशंकर को हैरानी से देखती रहीं। पाकिस्तान पर एस जयशंकर का बयान सुनती रहीं और आखिर में रहस्मयी तरीके से मुस्कुरा दी। ये मुस्कुराहट पाकिस्तान की बेइज्जती सुनकर थी या यूरोप को एस जयशंकर की नसीहत को सुनकर ये तो पता नहीं। इसे भी पढ़ें: अगर वे पाकिस्तान में बहुत अंदर हैं, तो हम पाकिस्तान में बहुत अंदर तक जाएंगे... आतंकवाद को लेकर जयशंकर ने फिर चेतायादरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर यूरोप के दौरे पर गए थे। इसी कड़ी में वो बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स पहुंचे। यहां पर एस जयशंकर की मुलाकात यूरोपीयन यूनियन के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की प्रमुख काजा काल्लास से भी हुई। इसके बाद एस जयशंकर और काजा काल्लास ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कुछ पत्रकारों के सवालों का जावब दिया। इसी दौरान एक विदेशी पत्रकार ने एस जयशंकर से पूछा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो संघर्ष चल रहा है, उसे सुलझाने के लिए भारत क्या कर रहा है। इस सवाल का एस जयशंकर ने जो जवाब दिया वो शानदार था। एस जयशंकर ने साफ शब्दों में कह दिया कि ये दो देशों के बीच का संघर्ष नहीं है और ये आतंकवाद के खतरे के खिलाफ एक देश की प्रतिक्रिया है। इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के विदेश मंत्रियों के संपर्क में हैं जयशंकरजयशंकर ने कहा कि इसे भारत-पाकिस्तान के रूप में नहीं, बल्कि 'भारत बनाम आतंकिस्तान' के रूप में देखें, तभी आप इसे सही तरीके से समझ पाएंगे। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत मानता है कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूक्लियर (परमाणु) ब्लैकमेल के आगे झुकना स्वीकार्य नहीं है। यह एक वैश्विक चुनौती है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। एस जयशंकर ने ये बयान देकर उस यूरोप को भी नसीहत दे दी है जो पाकिस्तान को कई बार पुचकारता रहता है। एस जयशंकर ने साफ कर दिया कि बातचीत किसी देश से होती है, आतंकियों से नहीं। इसे भी पढ़ें: ब्रसेल्स में जयशंकर ने ‘सार्थक’ भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संवाद में हिस्सा लियाये जवाब सुनकर 23 सेकेंड तक काजा कल्लास हैरानी से एस जयशंकर को देखती रहीं और फिर मुस्कुरा दीं। ऐेसे कई मौके रहे हैं जब जयशंकर ने अपने जवाबों से लोगों को अपना फैन बना लिया है। चाहे मानवाधिकार हनन के आरोप हो या रूस से गैस और तेल की खरीद। स्लोवाकिया के दौरे पर गए जयशंकर ने रूस से गैस का आयात कर रहे यूरोपीय देशों की पोल खोलते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि क्‍या रूस से गैस खरीदना युद्ध के लिए पैसे देना है। उन्‍होंने सवाल किया कि यह केवल भारतीय पैसा है जो युद्ध को फंड कर रहा है, यूरोप को आ रही गैस युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रही है। उन्‍होंने कहा कि भारत के चीन के साथ बहुत चुनौतीपूर्ण रिश्‍ते हैं लेकिन यूरोप ने इस पर चुप्‍पी साध रखी है। Latest World News in Hindi at Prabhasakshi  Today, we hosted the first ever EU–India Strategic Dialogue.This is a big step forward for our partnership — tackling issues such as maritime security, space and paving the way for deeper defence cooperation.My press conference with @DrSJaishankar ↓ pic.twitter.com/YDkIIXbBNX— Kaja Kallas (@kajakallas) June 10, 2025

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Jun 15, 2025 - 03:30
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20 सेकेंड तक जयशंकर को हैरानी से देखती रही ये शक्तिशाली महिला, पाक पर जवाब सुनकर आखिर में रहस्मयी तरीके से चेहरे पर आई मुस्कुराहट
अपनी हाजिर जवाबी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी वाकपटुता को लेकर तारीफ होती रहती है। उनकी विभिन्न मंचों पर हाजिरजवाबी और बयान  अक्सर चर्चा का विषय बने रहते हैं। लोगों को विदेश मंत्री एस जयशंकर का नो नॉनसेंस एटीट्यूड बेहद पसंद आता है। यानी सीधी बात नो बकवास। अब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप में खड़े होकर पाकिस्तान का पोस्टमार्टम कर दिया है। एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर बहुत बड़ा बयान दिया है। इसी दौरान एस जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लेकर यूरोप को भी ऐसी नसीहत दे दी, जिसे सुनकर यूरोप की एक ताकतवर महिला भी हैरान हो गई। ये महिला 20 सेकेंड तक विदेश मंत्री जयशंकर को हैरानी से देखती रहीं। पाकिस्तान पर एस जयशंकर का बयान सुनती रहीं और आखिर में रहस्मयी तरीके से मुस्कुरा दी। ये मुस्कुराहट पाकिस्तान की बेइज्जती सुनकर थी या यूरोप को एस जयशंकर की नसीहत को सुनकर ये तो पता नहीं। 

इसे भी पढ़ें: अगर वे पाकिस्तान में बहुत अंदर हैं, तो हम पाकिस्तान में बहुत अंदर तक जाएंगे... आतंकवाद को लेकर जयशंकर ने फिर चेताया

दरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर यूरोप के दौरे पर गए थे। इसी कड़ी में वो बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स पहुंचे। यहां पर एस जयशंकर की मुलाकात यूरोपीयन यूनियन के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की प्रमुख काजा काल्लास से भी हुई। इसके बाद एस जयशंकर और काजा काल्लास ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कुछ पत्रकारों के सवालों का जावब दिया। इसी दौरान एक विदेशी पत्रकार ने एस जयशंकर से पूछा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो संघर्ष चल रहा है, उसे सुलझाने के लिए भारत क्या कर रहा है। इस सवाल का एस जयशंकर ने जो जवाब दिया वो शानदार था। एस जयशंकर ने साफ शब्दों में कह दिया कि ये दो देशों के बीच का संघर्ष नहीं है और ये आतंकवाद के खतरे के खिलाफ एक देश की प्रतिक्रिया है। 

इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के विदेश मंत्रियों के संपर्क में हैं जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि इसे भारत-पाकिस्तान के रूप में नहीं, बल्कि 'भारत बनाम आतंकिस्तान' के रूप में देखें, तभी आप इसे सही तरीके से समझ पाएंगे। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत मानता है कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूक्लियर (परमाणु) ब्लैकमेल के आगे झुकना स्वीकार्य नहीं है। यह एक वैश्विक चुनौती है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। एस जयशंकर ने ये बयान देकर उस यूरोप को भी नसीहत दे दी है जो पाकिस्तान को कई बार पुचकारता रहता है। एस जयशंकर ने साफ कर दिया कि बातचीत किसी देश से होती है, आतंकियों से नहीं। 

इसे भी पढ़ें: ब्रसेल्स में जयशंकर ने ‘सार्थक’ भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संवाद में हिस्सा लिया

ये जवाब सुनकर 23 सेकेंड तक काजा कल्लास हैरानी से एस जयशंकर को देखती रहीं और फिर मुस्कुरा दीं। ऐेसे कई मौके रहे हैं जब जयशंकर ने अपने जवाबों से लोगों को अपना फैन बना लिया है। चाहे मानवाधिकार हनन के आरोप हो या रूस से गैस और तेल की खरीद। स्लोवाकिया के दौरे पर गए जयशंकर ने रूस से गैस का आयात कर रहे यूरोपीय देशों की पोल खोलते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि क्‍या रूस से गैस खरीदना युद्ध के लिए पैसे देना है। उन्‍होंने सवाल किया कि यह केवल भारतीय पैसा है जो युद्ध को फंड कर रहा है, यूरोप को आ रही गैस युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रही है। उन्‍होंने कहा कि भारत के चीन के साथ बहुत चुनौतीपूर्ण रिश्‍ते हैं लेकिन यूरोप ने इस पर चुप्‍पी साध रखी है। 
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